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Noida News: जिला बनेगा ऑक्सीजन हब... इस साल 50 पार होगी मियावकी जंगलों की संख्या
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-वन विभाग समेत अन्य विभागों की ओर से भी नए मियावाकी जंगल बनाने की प्रक्रिया शुरू
वान्या दीक्षित
नोएडा। बढ़ते शहरीकरण और प्रदूषण से निपटने के लिए जिले में बड़े स्तर पर हरियाली विकसित की जा रही है। वन विभाग व अन्य विभागों के सहयोग से जिले में जापानी तकनीक पर आधारित मियावाकी जंगलों की संख्या 50 के पार पहुंचने जा रही है। अब तक जिले के विभिन्न हिस्सों में 49 मियावाकी जंगल हैं, जो शहर की आबोहवा को सुधारने में मददगार साबित हो रहे हैं।
इस वर्ष वन विभाग की ओर से एक नया मियावाकी जंगल बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके लिए पॉइंट 4 हेक्टेयर में पूर्वी गुलिस्तान पुर में 14000 पौधे लगाकर मियावाकी जंगल बनाया जा रहा है। इसके साथ ही अन्य विभागों की ओर से भी मियावाकी जंगल बनाने का खाका तैयार किया जा रहा है। ऐसे में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड नोएडा, ग्रेटर नोएडा और नोएडा प्राधिकरण की ओर से भी मियावाकी जंगल बनाए जाने प्रस्तावित हैं। इससे जमीन का सदुपयोग होगा। सरकारी कार्यालयों, रिहायशी इलाकों के पास पड़ी खाली जमीनों और डंपिंग यार्ड्स को चिह्नित कर उन्हें ग्रीन बेल्ट में बदला जाएगा।
मियावाकी जंगल की खासियत
मियावाकी द्वारा विकसित इस तकनीक में बहुत कम जगह में देशी प्रजातियों के पौधों को बेहद पास-पास लगाया जाता है। इसमें 10 गुना तेज पौधों की ग्रोथ होती है। यह जंगल पारंपरिक वनों के मुकाबले 30 गुना ज्यादा घना होता है। यह पूरी तरह से प्राकृतिक रूप से विकसित 100% केमिकल फ्री होता है।
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तीन साल में बने मियावाकी जंगल
साल - वन विभाग - अन्य विभाग - कुल
2023-24 - 3 - 29 - 32
2024-25 - 3 - 3 - 6
2025-26 - 5 - 6 - 11
मियावाकी जंगल से स्थानीय स्तर पर बढ़ते तापमान को नियंत्रित करने, भूजल स्तर सुधारने और एयर क्वालिटी इंडेक्स बेहतर करने में मदद मिलेगी। वन विभाग की ओर से एक जगह पर जंगल बनाने के लिए पौधे लगा दिए गए हैं। - रजनीकांत मित्तल, डीएफओ, गौतमबुद्ध नगर
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वान्या दीक्षित
नोएडा। बढ़ते शहरीकरण और प्रदूषण से निपटने के लिए जिले में बड़े स्तर पर हरियाली विकसित की जा रही है। वन विभाग व अन्य विभागों के सहयोग से जिले में जापानी तकनीक पर आधारित मियावाकी जंगलों की संख्या 50 के पार पहुंचने जा रही है। अब तक जिले के विभिन्न हिस्सों में 49 मियावाकी जंगल हैं, जो शहर की आबोहवा को सुधारने में मददगार साबित हो रहे हैं।
इस वर्ष वन विभाग की ओर से एक नया मियावाकी जंगल बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके लिए पॉइंट 4 हेक्टेयर में पूर्वी गुलिस्तान पुर में 14000 पौधे लगाकर मियावाकी जंगल बनाया जा रहा है। इसके साथ ही अन्य विभागों की ओर से भी मियावाकी जंगल बनाने का खाका तैयार किया जा रहा है। ऐसे में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड नोएडा, ग्रेटर नोएडा और नोएडा प्राधिकरण की ओर से भी मियावाकी जंगल बनाए जाने प्रस्तावित हैं। इससे जमीन का सदुपयोग होगा। सरकारी कार्यालयों, रिहायशी इलाकों के पास पड़ी खाली जमीनों और डंपिंग यार्ड्स को चिह्नित कर उन्हें ग्रीन बेल्ट में बदला जाएगा।
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मियावाकी जंगल की खासियत
मियावाकी द्वारा विकसित इस तकनीक में बहुत कम जगह में देशी प्रजातियों के पौधों को बेहद पास-पास लगाया जाता है। इसमें 10 गुना तेज पौधों की ग्रोथ होती है। यह जंगल पारंपरिक वनों के मुकाबले 30 गुना ज्यादा घना होता है। यह पूरी तरह से प्राकृतिक रूप से विकसित 100% केमिकल फ्री होता है।
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तीन साल में बने मियावाकी जंगल
साल - वन विभाग - अन्य विभाग - कुल
2023-24 - 3 - 29 - 32
2024-25 - 3 - 3 - 6
2025-26 - 5 - 6 - 11
मियावाकी जंगल से स्थानीय स्तर पर बढ़ते तापमान को नियंत्रित करने, भूजल स्तर सुधारने और एयर क्वालिटी इंडेक्स बेहतर करने में मदद मिलेगी। वन विभाग की ओर से एक जगह पर जंगल बनाने के लिए पौधे लगा दिए गए हैं। - रजनीकांत मित्तल, डीएफओ, गौतमबुद्ध नगर