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Noida News: चेक बाउंस मामले में फ्यूल्स टेक्नोलॉजी के निदेशक पर 35 लाख का जुर्माना
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(अदालत से)
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। विशेष न्यायालय धारा-138 एनआई एक्ट की अदालत ने चेक बाउंस के एक मामले में फ्यूल्स टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक प्रतीक कठिल को दोषी ठहराते हुए 35 लाख रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है।
परिवाद डोली मोटर्स पेट्रोल पंप के प्रोपराइटर कमलजीत सिंह कल्सी ने दायर किया था। सेक्टर-21ए स्थित नोएडा स्टेडियम के पास यह पंप इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन का अधिकृत डीलर है। परिवादी के अनुसार आरोपी फर्म लंबे समय से उनके यहां से डीजल और पेट्रोल खरीदती थी और समय-समय पर भुगतान भी करती रही। बाद में 35,83,362 रुपये बकाया हो गए, जिसके लिए 12 अक्तूबर 2021 को आईसीआईसीआई बैंक दिल्ली का चेक दिया गया। परिवादी ने चेक खाते में लगाया तो 14 अक्तूबर 2021 को स्टॉप पेमेंट की टिप्पणी के साथ वह बाउंस होकर लौट आया। इसके बाद 22 नवंबर 2021 को परिवाद दाखिल किया गया। सुनवाई के दाैरान अदालत ने पाया कि आरोपी पक्ष ने 16 अक्तूबर 2021 को एक लाख रुपये और 26 नवंबर 2021 को डेढ़ लाख रुपये का भुगतान किया था। इसे घटाने पर परिवादी की बकाया राशि 32,73,550 रुपये मानी गई। अदालत ने 35 लाख रुपये का अर्थदंड लगाया, जिसमें से 34.50 लाख रुपये परिवादी को मिलेंगे और 50 हजार रुपये राज्य सरकार के पक्ष में जमा होंगे। आरोपी को एक माह का साधारण कारावास भुगतना होगा।
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माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। विशेष न्यायालय धारा-138 एनआई एक्ट की अदालत ने चेक बाउंस के एक मामले में फ्यूल्स टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक प्रतीक कठिल को दोषी ठहराते हुए 35 लाख रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है।
परिवाद डोली मोटर्स पेट्रोल पंप के प्रोपराइटर कमलजीत सिंह कल्सी ने दायर किया था। सेक्टर-21ए स्थित नोएडा स्टेडियम के पास यह पंप इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन का अधिकृत डीलर है। परिवादी के अनुसार आरोपी फर्म लंबे समय से उनके यहां से डीजल और पेट्रोल खरीदती थी और समय-समय पर भुगतान भी करती रही। बाद में 35,83,362 रुपये बकाया हो गए, जिसके लिए 12 अक्तूबर 2021 को आईसीआईसीआई बैंक दिल्ली का चेक दिया गया। परिवादी ने चेक खाते में लगाया तो 14 अक्तूबर 2021 को स्टॉप पेमेंट की टिप्पणी के साथ वह बाउंस होकर लौट आया। इसके बाद 22 नवंबर 2021 को परिवाद दाखिल किया गया। सुनवाई के दाैरान अदालत ने पाया कि आरोपी पक्ष ने 16 अक्तूबर 2021 को एक लाख रुपये और 26 नवंबर 2021 को डेढ़ लाख रुपये का भुगतान किया था। इसे घटाने पर परिवादी की बकाया राशि 32,73,550 रुपये मानी गई। अदालत ने 35 लाख रुपये का अर्थदंड लगाया, जिसमें से 34.50 लाख रुपये परिवादी को मिलेंगे और 50 हजार रुपये राज्य सरकार के पक्ष में जमा होंगे। आरोपी को एक माह का साधारण कारावास भुगतना होगा।
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