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Noida News: पेंशन के 1.38 लाख रुपये हड़पने का आरोप में पुलिस जांच की मांग खारिज
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-मृत मां के खाते से बेटे द्वारा रकम निकालने का मामला
अदालत से
मृत मां की पेंशन गबन, पुलिस जांच अदालत ने ठुकराई
ग्रेटर नोएडा। मृत मां की पेंशन बेटे द्वारा अपने खाते में ट्रांसफर करने के आरोप में पुलिस जांच की मांग को अदालत ने खारिज कर दिया। पीयूष शर्मा की निगरानी याचिका अदालत ने खारिज कर दी। पीयूष ने आरोप लगाया कि मां सविता शर्मा का 8 दिसंबर 2025 को निधन हो गया था। इसके बाद भी उनके इंडियन बैंक खाते में सरकारी पेंशन आती रही। उनके भाई धनंजय शर्मा ने जनवरी 2026 में कुल 1,38,600 रुपये यूपीआई के जरिये अपने खाते में भेज लिए। पीयूष ने धनंजय और पत्नी प्रीति शर्मा पर सरकारी पेंशन हड़पने की आपराधिक साजिश का आरोप लगाया। पीयूष शर्मा ने निगरानी याचिका में कहा कि मामला पेंशन विवाद नहीं, बल्कि सरकारी रकम के गबन का मामला है, जिसकी वसूली पुलिस जांच से ही संभव है। वहीं सत्र अदालत ने कहा कि अपराध संज्ञेय होने भर से पुलिस को जांच का आदेश देना कानूनन बाध्यकारी नहीं हो जाता। आदेश में कोई तथ्यात्मक या विधिक त्रुटि नहीं मिली, इसलिए निगरानी खारिज कर दी गई।
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अदालत से
मृत मां की पेंशन गबन, पुलिस जांच अदालत ने ठुकराई
ग्रेटर नोएडा। मृत मां की पेंशन बेटे द्वारा अपने खाते में ट्रांसफर करने के आरोप में पुलिस जांच की मांग को अदालत ने खारिज कर दिया। पीयूष शर्मा की निगरानी याचिका अदालत ने खारिज कर दी। पीयूष ने आरोप लगाया कि मां सविता शर्मा का 8 दिसंबर 2025 को निधन हो गया था। इसके बाद भी उनके इंडियन बैंक खाते में सरकारी पेंशन आती रही। उनके भाई धनंजय शर्मा ने जनवरी 2026 में कुल 1,38,600 रुपये यूपीआई के जरिये अपने खाते में भेज लिए। पीयूष ने धनंजय और पत्नी प्रीति शर्मा पर सरकारी पेंशन हड़पने की आपराधिक साजिश का आरोप लगाया। पीयूष शर्मा ने निगरानी याचिका में कहा कि मामला पेंशन विवाद नहीं, बल्कि सरकारी रकम के गबन का मामला है, जिसकी वसूली पुलिस जांच से ही संभव है। वहीं सत्र अदालत ने कहा कि अपराध संज्ञेय होने भर से पुलिस को जांच का आदेश देना कानूनन बाध्यकारी नहीं हो जाता। आदेश में कोई तथ्यात्मक या विधिक त्रुटि नहीं मिली, इसलिए निगरानी खारिज कर दी गई।