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Noida News: चार फीसदी भूखंड देने की मांग, मुख्यमंत्री के नाम दिया ज्ञापन
Wed, 15 Oct 2025 10:15 PM IST
नोएडा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, नोएडा
संवाद न्यूज एजेंसी, नोएडा
Updated Wed, 15 Oct 2025 10:15 PM IST
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किसानों ने कलेक्ट्रेट के गेट पर की नारेबाजी
संवाद न्यूज एजेंसी
ग्रेटर नोएडा। जिन किसानों की जमीन का ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने अधिग्रहण किया है उनको चार फीसदी विकसित आबादी का भूखंड देने की मांग पर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन दिया। किसानों ने कलेक्ट्रेट के गेट पर जमकर नारेबाजी की। किसानों का कहना है कि प्राधिकरण किसानों के साथ भेदभाव का रवैया अपना रहा है। जो किसान न्यायालय नहीं गए, उनको इसका लाभ नहीं मिल रहा है। जबकि सभी किसानों को समान सुविधाएं देने का आश्वासन दिया गया था।
किसानों का कहना है कि भूमि अधिग्रहण अधिनियम-1894 के तहत उनकी पुश्तैनी भूमि को विकास कार्यों के लिए अधिग्रहण किया था। अधिकांश किसानों ने करार नियमावली के तहत मुआवजा लिया था। उच्च न्यायालय के आदेश के बाद भी किसानों को चार फीसदी विकसित भूखंड नहीं दिए गए जबकि आदेश के तहत 64.7 फीसदी अतिरिक्त मुआवजा सभी किसानों को समान रूप से दिया गया, भले ही वे पक्षकार हों या नहीं।
किसानों ने बताया कि ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के चेयरमैन रमा रमन ने गांवों के प्रतिनिधियों से वायदा किया था कि जिन किसानों ने अदालत का रुख नहीं किया है, उन्हें भी वहीं सभी लाभ दिए जाएंगे जो न्यायालय से आदेश द्वारा मिले हैं। जिसमें 64.7 फीसदी मुआवजा, 10 फीसदी आबादी भूखंड आदि शामिल है। आज तक इस वायदे को पूरा नहीं किया गया। किसानों ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि सभी किसानों को 4 फीसदी आबादी भूखंड दिया जाए।
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संवाद न्यूज एजेंसी
ग्रेटर नोएडा। जिन किसानों की जमीन का ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने अधिग्रहण किया है उनको चार फीसदी विकसित आबादी का भूखंड देने की मांग पर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन दिया। किसानों ने कलेक्ट्रेट के गेट पर जमकर नारेबाजी की। किसानों का कहना है कि प्राधिकरण किसानों के साथ भेदभाव का रवैया अपना रहा है। जो किसान न्यायालय नहीं गए, उनको इसका लाभ नहीं मिल रहा है। जबकि सभी किसानों को समान सुविधाएं देने का आश्वासन दिया गया था।
किसानों का कहना है कि भूमि अधिग्रहण अधिनियम-1894 के तहत उनकी पुश्तैनी भूमि को विकास कार्यों के लिए अधिग्रहण किया था। अधिकांश किसानों ने करार नियमावली के तहत मुआवजा लिया था। उच्च न्यायालय के आदेश के बाद भी किसानों को चार फीसदी विकसित भूखंड नहीं दिए गए जबकि आदेश के तहत 64.7 फीसदी अतिरिक्त मुआवजा सभी किसानों को समान रूप से दिया गया, भले ही वे पक्षकार हों या नहीं।
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किसानों ने बताया कि ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के चेयरमैन रमा रमन ने गांवों के प्रतिनिधियों से वायदा किया था कि जिन किसानों ने अदालत का रुख नहीं किया है, उन्हें भी वहीं सभी लाभ दिए जाएंगे जो न्यायालय से आदेश द्वारा मिले हैं। जिसमें 64.7 फीसदी मुआवजा, 10 फीसदी आबादी भूखंड आदि शामिल है। आज तक इस वायदे को पूरा नहीं किया गया। किसानों ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि सभी किसानों को 4 फीसदी आबादी भूखंड दिया जाए।
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