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दिल्ली दंगा: आरोपी ने कहा प्रदर्शन करना उसका अधिकार, ये साजिश का सूचक नहीं

Thu, 26 Aug 2021 12:51 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Thu, 26 Aug 2021 12:51 AM IST
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Delhi riots accused say he has every right to protest
नई दिल्ली। दिल्ली दंगों के सिलसिले में अवैध गतिविधि रोकथाम अधिनियम (यूएपीए) के तहत गिरफ्तार आरोपी खालिद सैफी ने कहा कि प्रदर्शन करना उसका अधिकार है और ये किसी साजिश का सूचक नहीं है। पुलिस ने सैफी समेत कई आरोपियों पर दंगों का मास्टरमाइंड होने का आरोप लगाते हुए कड़े आतंक रोधी कानून के तहत मामला दर्ज किया है।
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उत्तर पूर्वी दिल्ली में फरवरी 2020 में हुए दंगों में 53 लोगों की मौत हो गई थी जबकि 700 से ज्यादा जख्मी हुए थे। सीएए-एनआरसी समर्थकों और विरोधियों के बीच हिंसा के बाद सांप्रदायिक दंगे भड़क गए थे।
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कोर्ट के समक्ष सैफी की जमानत पर जिरह करते हुए वरिष्ठ अधिवक्ता रिबैका जॉन ने कहा कि मेरे मुवक्किल और उसके जैसे दूसरे लोगों को अगर लगता है कि सीएए और एनआरसी अनुचित हैं तो उसका विरोध करना उनका अधिकार है। ये किसी तरह की साजिश का सूचक नहीं है।
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जॉन ने कहा कि सैफी ने सीएए और एनआरसी का विरोध किया जैसे मैंने और कोर्ट रूम में मौजूद अन्य लोगों ने किया। इससे हम सब अपराधी नहीं हो जाते। हमारा देश एक लोकतंत्र है। क्या हिंसा को भड़काया गया? उन्होंने कहा कि सैफी ‘यूनाइटेड अगेनस्ट हेट’ ग्रुप का सदस्य है और प्रदर्शन में शामिल होने के लिए वह दिल्ली पुलिस समेत किसी के प्रति जवाबदेह नहीं है।
बचाव पक्ष की वकील ने कहा सैफी को तीन मामलों में आरोपी बनाया गया है जिनमें से दो में उसे जमानत मिल चुकी है। अदालत ने नवंबर 2020 में उसे दंगे के एक मामले में जमानत प्रदान करते हुए कहा था कि दिल्ली पुलिस ने पर्याप्त सामग्री न होने के बावजूद बिना सोचे समझे सैफी के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया।

दिल्ली पुलिस ने इस मामले में जेएनयू के पूर्व छात्र नेता उमर खालिद, जेएनयू छात्रा नताश नरवाल और देवांगना कलिता, जामिया कॉर्डिनेशन कमेटी की सदस्य सफूरा जरगर, पूर्व निगम पार्षद ताहिर हुसैन समेत कई अन्य पर कड़े आतंक रोधी कानून यूएपीए के तहत मामला दर्ज किया था। - एजेंसी
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