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कोविड ड्रग केस: गौतम गंभीर फाउंडेशन, दो विधायकों पर अभियोग शुरू

Sun, 18 Jul 2021 12:09 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Sun, 18 Jul 2021 12:09 AM IST
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Delhi drug controller initiated prosecution agains Gambhir Foundation
नई दिल्ली। कोरोना की दूसरी लहर के दौरान अवैध रूप से कोरोना की दवाओं के स्टॉक एवं वितरण के मामले में गौतम गंभीर फाउंडेशन, आप के दो विधायकों इमरान हुसैन तथा प्रवीण कुमार के खिलाफ निचली अदालत में अभियोग शुरू किया गया है। यह जानकारी दिल्ली ड्रग कंट्रोल डिपार्टमेंट की ओर से हाईकोर्ट को दी गई है।
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हाईकोर्ट में स्टेटस रिपोर्ट दाखिल कर विभाग ने कहा कि जांच दल की छानबीन के बाद फाउंडेशन, उसके ट्रस्टी एवं सीईओ के खिलाफ ड्रग एंड कॉस्मेटिक एक्ट के तहत आठ जुलाई को निचली अदालत में अभियोग शुरू किया गया है। फाउंडेशन के ट्रस्टियों में पूर्व क्रिकेटर व भाजपा सांसद गौतम गंभीर भी शामिल हैं।
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इस कानून की धारा 18 के अनुसार बिना लाइसेंस दवाओं का उत्पादन, बिक्री और वितरण नहीं किया जा सकता। वहीं धारा 27 (b)(ii) के तहत इन अपराधों के लिए कम से कम तीन साल से लेकर पांच साल कैद व जुर्माने की सजा हो सकती है। वहीं आप विधायक प्रवीण कुमार के खिलाफ भी इसी अपराध में अभियोग शुरू किया गया है।
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रोहिणी जिला अदालत में महानगर दंडाधिकारी प्रीतू राज की अदालत में गौतम गंभीर फाउंडेशन व प्रवीण कुमार के खिलाफ मुकदमे दायर किए गए हैं।
विभाग ने स्टेटस रिपोर्ट में कहा है कि जिन डीलरों एवं फुटकर विक्रेताओं ने फाउंडेशन को मेडिकल कैंप चलाने के लिए कोविड ड्रग फेविपिराविर की गोलियां तथा मेडिकल ऑक्सीजन उपलब्ध करवाई थीं, उनसे स्पष्टीकरण लेने के बाद नियमों के उल्लंघन के लिए उनके लाइसें दस दिनों के निलंबित किए गए थे। रिपोर्ट में ये भी बताया गया है कि आप विधायक इमरान हुसैन पर भी बिना लाइसेंस मेडिकल ऑक्सीजन स्टॉक एवं वितरण करने के आरोप में मुकदमा किया गया है।
ये स्टेटस रिपोर्ट उस जनहित याचिका पर दाखिल किया गया है जिसमें इन नेताओं पर भारी मात्रा में कोविड दवाओं को प्राप्त करने, स्टॉक एवं वितरण करने के आरोप में एफआईआर दर्ज करने की मांग की गई थी। जब कोरोना मरीज इन दवाओं के लिए भटक रहे थे।
दिल्ली ड्रग कंट्रोलर ने तीन जून को हाईकोर्ट को बताया था कि गंभीर फाउंडेशन को अनाधिकृत तरीके से फेविफ्लू दवा प्राप्त करने, स्टॉक एवं मरीजों को वितरित करने का दोषी पाया गया है। हाईकोर्ट ने इतनी भारी संख्या में इस तरीके से दवाओं को जमा करने पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा था कि जब जरूरतमंद मरीज दवा के लिए भटक रहे थे तो उन्हें नहीं मिली क्योंकि एक बड़ा स्टॉक गंभीर ने खरीद लिया था।

ड्रग कंट्रोलर ने ये भी कहा कि फाउंडेशन के साथ ऐसे अन्य मामलों में ड्रग डीलरों के खिलाफ बिना देरी के कार्रवाई की जाएगी। हाईकोर्ट ने इससे पहले भी ड्रग कंट्रोलर को इसकी उचित छानबीन न करने पर फटकार लगाई थी कि गंभीर को इतनी भारी तादाद में फेविफ्लू दवा कैसे मिल गई। - एजेंसी
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