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Noida News: दिल्ली धमाके के बाद भड़काऊ सामग्री छापने और टेरर फंडिंग एंगल की जांच तेज
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-कासना स्थित साइट-5 की प्रिंटिंग प्रेस पर खुफिया एजेंसियों के साथ पुलिस की नजर तेज
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। कासना स्थित एक प्रिंटिंग प्रेस कंपनी से भड़काऊ सामग्री छापने के मामले में पुलिस, खुफिया एजेंसियों और यूपी एटीएस की संयुक्त जांच तेज हो गई है। दिल्ली में हुए धमाके के बाद एजेंसियां इसके दिल्ली और फरीदाबाद मॉडल से भी जुड़ने की जांच कर रही हैं। हालांकि हालात का जायजा लेने के बावजूद कंपनी पर अभी तक सील लगाने की कार्रवाई नहीं हुई है। इस मामले में एटीएस कंपनी की जांच के लिए आ सकती है।
यूपी एटीएस ने हाल ही में दिल्ली निवासी फरहान नबी सिद्दीकी को गिरफ्तार किया था। फरहान पर धार्मिक समुदायों के बीच वैमनस्य फैलाने के लिए विदेश से करोड़ों की फंडिंग जुटाने और बांग्लादेशी घुसपैठियों को पनाह देने के गंभीर आरोप लगा हैं। एटीएस की प्राथमिक जांच में सामने आया कि फरहान ने विदेश से करीब 11 करोड़ रुपये जुटाए, जिनका इस्तेमाल यूपी के अमरोहा और पंजाब में मस्जिद व मदरसे बनाने के लिए जमीन खरीदने में किया गया था। फरहान कासना स्थित जिस कंपनी का संचालन करता है। वहां भड़काऊ सामग्री वाली पुस्तकें और पंफलेट छापे जाते थे। बताया जा रहा है कि कंपनी के जरिये तुर्की और जर्मनी से कई लोग ग्रेटर नोएडा आते-जाते थे। लेकिन उनकी सूचना स्थानीय पुलिस को नहीं दी जाती थी, जो नियमों के विपरीत है। एजेंसियां इस बात की भी जांच कर रही हैं कि विदेश से हवाला या अन्य माध्यमों से भेजी गई रकम किस चैनल के जरिए कंपनी तक पहुंच रही थी।
फरहान अपने सहयोगी नासी तोर्बा के साथ मिलकर कई कंपनियां संचालित करता है। एटीएस को संदेह है कि यह नेटवर्क फंडिंग, प्रकाशन और विदेशी नागरिकों की मूवमेंट के सहारे व्यापक पैमाने पर वैमनस्य फैलाने और संदिग्ध गतिविधियों को बढ़ावा देने का काम कर रहा था। फिलहाल एटीएस फरहान से बरामद दस्तावेज, डिजिटल रिकॉर्ड और वित्तीय लेनदेन की जांच कर रही है। प्रकाशन इकाई में छापी जाने वाली पुस्तकों के सैंपल भी जब्त किए गए हैं। साथ ही दिल्ली धमाके के बाद एजेंसी ने इस मामले में संभावित कड़ी तलाशने के लिए जांच का दायरा बढ़ाया है। हालांकि संवेदनशील सामग्री के आरोपों के बावजूद कंपनी पर अब तक किसी तरह की सीलिंग कार्रवाई नहीं हुई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कुछ तकनीकी पहलू और दस्तावेजी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद अगला कदम उठाया जाएगा।
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-कासना स्थित साइट-5 की प्रिंटिंग प्रेस पर खुफिया एजेंसियों के साथ पुलिस की नजर तेज
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। कासना स्थित एक प्रिंटिंग प्रेस कंपनी से भड़काऊ सामग्री छापने के मामले में पुलिस, खुफिया एजेंसियों और यूपी एटीएस की संयुक्त जांच तेज हो गई है। दिल्ली में हुए धमाके के बाद एजेंसियां इसके दिल्ली और फरीदाबाद मॉडल से भी जुड़ने की जांच कर रही हैं। हालांकि हालात का जायजा लेने के बावजूद कंपनी पर अभी तक सील लगाने की कार्रवाई नहीं हुई है। इस मामले में एटीएस कंपनी की जांच के लिए आ सकती है।
यूपी एटीएस ने हाल ही में दिल्ली निवासी फरहान नबी सिद्दीकी को गिरफ्तार किया था। फरहान पर धार्मिक समुदायों के बीच वैमनस्य फैलाने के लिए विदेश से करोड़ों की फंडिंग जुटाने और बांग्लादेशी घुसपैठियों को पनाह देने के गंभीर आरोप लगा हैं। एटीएस की प्राथमिक जांच में सामने आया कि फरहान ने विदेश से करीब 11 करोड़ रुपये जुटाए, जिनका इस्तेमाल यूपी के अमरोहा और पंजाब में मस्जिद व मदरसे बनाने के लिए जमीन खरीदने में किया गया था। फरहान कासना स्थित जिस कंपनी का संचालन करता है। वहां भड़काऊ सामग्री वाली पुस्तकें और पंफलेट छापे जाते थे। बताया जा रहा है कि कंपनी के जरिये तुर्की और जर्मनी से कई लोग ग्रेटर नोएडा आते-जाते थे। लेकिन उनकी सूचना स्थानीय पुलिस को नहीं दी जाती थी, जो नियमों के विपरीत है। एजेंसियां इस बात की भी जांच कर रही हैं कि विदेश से हवाला या अन्य माध्यमों से भेजी गई रकम किस चैनल के जरिए कंपनी तक पहुंच रही थी।
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फरहान अपने सहयोगी नासी तोर्बा के साथ मिलकर कई कंपनियां संचालित करता है। एटीएस को संदेह है कि यह नेटवर्क फंडिंग, प्रकाशन और विदेशी नागरिकों की मूवमेंट के सहारे व्यापक पैमाने पर वैमनस्य फैलाने और संदिग्ध गतिविधियों को बढ़ावा देने का काम कर रहा था। फिलहाल एटीएस फरहान से बरामद दस्तावेज, डिजिटल रिकॉर्ड और वित्तीय लेनदेन की जांच कर रही है। प्रकाशन इकाई में छापी जाने वाली पुस्तकों के सैंपल भी जब्त किए गए हैं। साथ ही दिल्ली धमाके के बाद एजेंसी ने इस मामले में संभावित कड़ी तलाशने के लिए जांच का दायरा बढ़ाया है। हालांकि संवेदनशील सामग्री के आरोपों के बावजूद कंपनी पर अब तक किसी तरह की सीलिंग कार्रवाई नहीं हुई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कुछ तकनीकी पहलू और दस्तावेजी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद अगला कदम उठाया जाएगा।
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