फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Noida News ›   daughters are still being assaulted, fight is yet not over

निर्भया के पिता ने कहा अब भी रोजाना हो रहे बेटियों पर हमले, लड़ाई अभी बाकी

Wed, 16 Dec 2020 12:41 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Wed, 16 Dec 2020 12:41 AM IST
विज्ञापन
daughters are still being assaulted, fight is yet not over
नई दिल्ली। निर्भया दुष्कर्म व हत्या मामले का फैसला बेशक हो गया लेकिन इससे सड़कों पर महिलाओं के प्रति होने वाले अपराधों में कमी नहीं आई है। यह बात निर्भया के पिता ने हादसे की आठवीं बरसी की पूर्व संध्या पर कही। निर्भया के पिता ने हादसे की याद में एनजीओ सेव द चिल्ड्रन तथा युवा की ओर से शुरू की गई ऑनलाइन पेटिशन में शामिल होते हुए कहा कि लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है।
विज्ञापन

उन्होंने कहा कि आपने मुझे बोलते हुए नहीं सुना होगा। आज मैं समझता हूं मेरी आवाज सुनना आपके लिए जरूरी है। मेरा नाम बद्रीनाथ सिंह है। उस हादसे के बाद मुझे निर्भया के पिता के रूप में ही जाना गया। इसी से मुझे जीवनभर जाना जाएगा।
विज्ञापन

उन्होंने कहा कि आठ साल पहले जब मेरी बेटी मुझसे छीन ली गई तो महिलाओं की अगुवाई में लोग सड़कों पर उतरे और इंसाफ के लिए मेरे परिवार की लड़ाई को अपनी लड़ाई बना लिया। मैंने सोचा था यह केस हमारे देश को हमेशा के लिए बदल देगा लेकिन आज भी समाचार देखता हूं तो रोजाना किसी न किसी बेटी से दरिंदगी की खबर होती है। निर्भया के बाद भी कुछ नहीं बदला है।
विज्ञापन
विज्ञापन

सोच बदलने से होंगी बेटिया सुरक्षित
निर्भया के पिता ने कहा कि कानून से मदद करता है लेकिन इससे छुटकारा तभी मिलेगा जब हम सब की सोच बदलेगी। महिलाओं से ऑनलाइन व सड़क पर महिलाओं से होने वाले अपराधों पर मूक दर्शक बनने के बजाय उसके खिलाफ पुरुषों को आवाज उठानी होगी। इसलिए महिलाओं की सुरक्षा की लड़ाई में मैं हर युवा व पुरुष से शामिल होने का आह्वान करता हूं।
उन्होंने कहा कि अगर आप सोशल मीडिया पर किसी महिला को दुष्कर्म की धमकी मिलते देखें तो इसके खिलाफ आवाज उठाएं और पुलिस को सूचना दें। अगर आप के आसपास यह हो रहा है तो उस महिला के साथ खड़े हों।



16 दिसंबर की रात हुई थी दरिंदगी
वसंत विहार इलाके में 16-17 दिसंबर 2012 की रात चलती बस में 23 साल की युवती निर्भया के साथ छह लोगों ने दरिंदगी कर उसे चलती बस से फेंक दिया था। उसकी सिंगापुर के माउंट एलिजाबैथ अस्पताल में 29 दिसंबर 2012 को मौत हो गई थी।
मामले में छह में से चार दोषियों मुकेश सिंह, पवन गुप्ता, विनय शर्मा व अक्षय कुमार सिंह को 20 मार्च की सुबह फांसी दी जा चुकी है। एक आरोपी राम सिंह ने मुकदमा शुरू होने के बाद जेल में खुदकुशी कर ली थी। वहीं नाबालिग आरोपी को तीन साल की सजा के बाद 2015 में सुधार गृह से रिहा किया जा चुका है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed