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Noida News: मुरादाबाद की सड़कों पर भी दौड़ रहीं खतरों भरी बसें

Sun, 26 Oct 2025 02:17 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Sun, 26 Oct 2025 02:17 AM IST
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Dangerous buses are also running on the roads of Moradabad.
मुरादाबाद। जैसलमेर और कुरनूल की बस दुर्घटनाओं ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। एसी बसों में लगी आग से झुलसकर 40 से अधिक लोगों की मौत हो गई है। मुरादाबाद मंडल की स्थितियों पर नजर डाली जाए तो यहां भी हालात कम खराब नहीं हैं। आरटीओ विभाग के ताजा आंकड़े बताते हैं कि यहां भी नियम तोड़कर खतरों की बसें फर्राटा भर रही हैं।
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विभागीय आकंड़ों के अनुसार एक अप्रैल 2025 से अब तक मुरादाबाद मंडल में कुल 404 बसों पर कार्रवाई हुई हैं। इनमें से 50 बसें बिना किसी परमिट के ही यात्रियों को ढो रही थीं। मुरादाबाद में 15, अमरोहा में सात, बिजनौर में 15, रामपुर में दो और संभल में 11 बसों को बिना परमिट संचालन के आरोप में पकड़ा गया। यह संख्या सिस्टम की लापरवाही का प्रमाण है कि इतनी बसें महीनों तक सड़कों पर चलती रहीं और किसी की नजर नहीं पड़ी।
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परमिट के शर्तों का उल्लंघन करने वाली बसों की संख्या और भी बड़ी है। छह महीनों में 404 बसों पर अलग-अलग धाराओं में कार्रवाई की गई है। मुरादाबाद में 77, अमरोहा में 169, बिजनौर में 65, रामपुर में 71 और संभल में 22 बसें नियम तोड़कर दौड़ती पाई गईं। इनमें से कई बसें फिटनेस सर्टिफिकेट, बीमा, फर्स्ट एड बॉक्स, फायर उपकरण आदि के बिना ही संचालित हो रही थीं।
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कुछ बसें तो अपने तय रूट से हटकर दूसरे जिलों तक जा रही थीं। मुरादाबाद में 24, अमरोहा में 45, बिजनौर में 29, रामपुर में 17 और संभल में 16 बसों को सीज भी किया गया है। साथ ही नियम तोड़ने वाले इन बस संचालकों से कुल 1.36 करोड़ रुपये का जुर्माना भी वसूल किया गया है।
208 एसी बसों को जारी किया गया परमिट
मुरादाबाद क्षेत्र में वर्तमान समय में 208 एसी बसों को ही परमिट जारी किया गया है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि एसी की बसें आमतौर पर लंबे मार्ग पर ही संचालित होती हैं जो मुरादाबाद होकर गुजरती हैं। इनकी जांच की जाती है। उन्होंने हादसे के बारे में कहा कि इन बसों के ड्राइवर कई-कई घंटों तक लगातार गाड़ी चलाते हैं। थकान में गलती होती है तो परिणाम भयावह होता है। अधिकतर बसों में फायर सेफ्टी किट, आपातकालीन निकासी द्वार, अलार्म सिस्टम और धुआं सेंसर तक नहीं होता है। कार्रवाई की जाती है।

एसी बसें बन जाती हैं खतरा
आरटीओ विभाग के ही आंकड़ें बता रहे हैं कि मुरादाबाद मार्ग पर चलने वाली बसों में खुलेआम नियमों की अनदेखी की जा रही है। विभागीय अधिकारी ने बताया कि एसी बसों में ज्यादातर निजी बसें हैं। यह बिजनेस कंपनियां होती हैं, जिनकी सैकड़ों गाड़ियां बिना रुके लगातार चलती हैं। मानकों के तहत बसों का मॉडिफिकेशन कराना चाहिए लेकिन ज्यादातर मामलों में इसपर ध्यान नहीं दिया जाता है। मॉडिफिकेशन के चलते इमरजेंसी एग्जिट या तो हटा दिया जाता है या बंद कर दिया जाता है। इससे एक विकल्प खत्म हो जाता है। एसी बसों में वायरिंग होती है। एसी का मोटर या फिर वायरिंग में शॉर्ट सर्किट से बसों में आग लग जाती है। इनमें जिन गैस का इस्तेमाल होता है वह भी ज्वलनशील होती हैं।


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एसी बसों की जांच निरंतर की जाती है। मुरादाबाद मंडल से होकर गुजरने वाली बसों की भी जांच-पड़ताल की जाती है। इसका अभियान पूरे साल चलता रहता है। नियम तोड़ने वालों का न सिर्फ चालान किया जा रहा है बल्कि उनसे जुर्माना भी वसूला जा रहा है। जरूरत पड़ने पर बसों को सीज भी कर दिया जाता है।
- संदीप कुमार, आरटीओ प्रवर्तन
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