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मंत्रालय की फर्जी साइट बनाकर ठगी करने का मामला, संसद मार्ग थाना पुलिस ने सरगना को गिरफ्तार किया
Updated Wed, 17 Oct 2018 05:24 AM IST
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नई दिल्ली। नई दिल्ली जिले की संसद मार्ग थाना पुलिस ने महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की फर्जी वेबसाइट बनाकर ठगी करने वाले गिरोह के सरगना हिंडन विहार, सेक्टर-49, नोएडा यूपी निवासी राजेश कुमार गौतम (34) को गिरफ्तार किया है। आरोपी अपने गिरोह के बदमाशों के साथ कई हजार बेरोजगार युवकों के साथ ठगी कर चुका है। आरोपी पीड़ितों से भीम ऐप के जरिए अपने खाते में पैसा जमा करा रहा था। आरोपी एमसीए डिग्री होल्डर है। पुलिस इसके दूसरे साथी की तलाश कर रही है।
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नई दिल्ली जिला डीसीपी मधुर वर्मा ने बताया कि महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की ओर से निदेशक नवेंद्र सिंह ने संसद मार्ग थाने में शिकायत दर्ज कराई थी, जिसमें कहा गया था कि नेओ वर्ल्ड टेक की ओर से यू ट्यूब पर वीडियो पोस्ट किया गया था। इसमें आंगनबाड़ी सुपरवाइजर, टीचर, कर्मचारी व सहायिका की सीधी भर्ती का विज्ञापन दिया गया था। वीडियो में मंत्रालय की फर्जी वेबसाइट का लिंक भी दिया गया था। इसमें कहा गया था कि ट्रेनिंग कार्यक्रम पूरा करने के बाद सीधी नौकरी लग जाएगी। इसमें जनरल व ओबीसी श्रेणी के उम्मीदवारों से 300 व एससी व एसटी वर्ग केउम्मीदवारों को 200 रुपये ऑनलाइन जमा कराने को कहा गया। पेटीएम से भी फीस जमा कराने की बात कही गई थी।
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शिकायत पर मामला दर्जकर संसद मार्ग थानाध्यक्ष वेदप्रकाश की देखरेख में एसआई सुनील सिद्घू की टीम ने जांच में पाया कि फीस डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यू.सीडीईओ. इन के जरिए पेटीएम गेटवे से ली जा रही है। पता लगा कि नवोदय टेक्निकल एजुकेशन एंड एप्लॉयमेंट इंस्टीट्यूट को बुलंदशहर, यूपी निवासी हिमांशु वर्मा चला रहा है। बिहार निवासी राजेश कुमार गौतम इस ट्रस्ट का दूसरी ट्रस्टी है। पुलिस टीम ने राजेश कुमार गौतम को नोएडा से गिरफ्तार कर लिया।
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आरोपी बीसीए डिग्री होल्डर है
वर्ष 2003 में आईबीएसएफसी, बुलंदशहर से बीसीए कर चुका राजेश कुमार का क्लासमेंट हिमांशु वर्मा था। दोनों जीएनआईटी, नोएडा से वर्ष 2006 में एमसीए किया था। वर्ष 2018 में दोनों एक दूसरे के संपर्क में आए और जल्द पैसा कमाने के चक्कर में ठगी की वारदात करने लगे। इसके तहत इन्होंने मंत्रालय की फर्जी साइट बनाई और उसमें मंत्रालय में भर्ती का विज्ञापन डाल दिया। ये पीड़ितों से ऑनलाइन यश बैंक में पेमेंट ले रहे थे। कुछ पेमेंट चैक केजरिए भी ली है।