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जीके पर हमला करने वालों के खिलाफ कार्यवाही की मांग
Updated Mon, 27 Aug 2018 10:12 PM IST
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जीके पर हमला करने वालों
के खिलाफ कार्रवाई की मांग
- हरसिमरत बादल के नेतृत्व में शिष्टमंडल ने अमरीकी राजदूत को सौंपा ज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष मनजीत सिंह जीके पर अमेरिका में हुए हमले को लेकर शिरोमणी अकाली दल के शिष्टमंडल ने भारत में अमरीकी राजदूत कैनेथ ईयान जस्टर से मुलाकात की। केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल के नेतृत्व में शिष्टमंडल ने हमलावरों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग करते हुए ज्ञापन सौंपा।
शिष्टमंडल में राज्यसभा सदस्य बलविंदर सिंह भूंदड़, पूर्व राज्यसभा सदस्य त्रिलोचन सिंह, दिल्ली कमेटी के कार्यकारी अध्यक्ष हरमीत सिंह कालका, संयुक्त सचिव अमरजीत सिंह फतेह नगर, वरिष्ठ अकाली नेता अवतार सिंह हित, कानूनी विभाग चेयरमैन जसविंदर सिंह जौली आदि शामिल थे। शिष्टमंडल ने अमेरिकी राजदूत को सिख फॉर जस्टिस द्वारा सिखों को ही परेशान किए जाने बारे में बताया कि संगठन के प्रमुख गुरपतवंत सिंह पन्नू का पूरा कानूनी कार्य व्यवहार लोगाें में नफरत पैदा करके अपना राजनीतिक तथा आर्थिक उद्देश्य हल करने जैसा है। बादल ने जोर देकर कहा कि पन्नू के संगठन में ऐसे लोग भी शामिल हैं, जिनका कार्य खालिस्तान के नाम पर लोगों को गुमराह करना है। इस संगठन के सदस्य भारत को तोड़ने का सपना देखते हैं।
राजदूत को बताया कि जीके गुरुनानक देव जी के 550वें प्रकाश पर्व के बारे देश-विदेश में दिल्ली कमेटी द्वारा आयोजित किए जा रहे कार्यक्रम के लिए अमेरिकी दौरे पर हैं। सिख संगठन के प्रमुख पर हमला होना दुर्भाग्यपूर्ण है। पत्रकारों से बातचीत में बादल ने बताया कि अमेरिकी राजदूत ने अमेरिकी कानून के हिसाब से हमलावरों के खिलाफ कार्रवाई करने का भरोसा दिया है।
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- बार-बार बयान देने पर नाराजगी
दूसरी तरफ जीके पर हमले को लेकर गुरुद्वारा कमेटी द्वारा कभी इसके पीछे कांग्रेस तो कभी खालिस्तान समर्थक व कभी पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी को जिम्मेदार ठहराने पर राजनीति शुरू हो गई। कई अकाली संगठनों के अलावा गुरुद्वारा कमेटी के सदस्यों ने ही इस पर सवाल उठाया है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के बार-बार बयान देने से असली दोषी कार्रवाई से बच जाएंगे।
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के खिलाफ कार्रवाई की मांग
- हरसिमरत बादल के नेतृत्व में शिष्टमंडल ने अमरीकी राजदूत को सौंपा ज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष मनजीत सिंह जीके पर अमेरिका में हुए हमले को लेकर शिरोमणी अकाली दल के शिष्टमंडल ने भारत में अमरीकी राजदूत कैनेथ ईयान जस्टर से मुलाकात की। केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल के नेतृत्व में शिष्टमंडल ने हमलावरों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग करते हुए ज्ञापन सौंपा।
शिष्टमंडल में राज्यसभा सदस्य बलविंदर सिंह भूंदड़, पूर्व राज्यसभा सदस्य त्रिलोचन सिंह, दिल्ली कमेटी के कार्यकारी अध्यक्ष हरमीत सिंह कालका, संयुक्त सचिव अमरजीत सिंह फतेह नगर, वरिष्ठ अकाली नेता अवतार सिंह हित, कानूनी विभाग चेयरमैन जसविंदर सिंह जौली आदि शामिल थे। शिष्टमंडल ने अमेरिकी राजदूत को सिख फॉर जस्टिस द्वारा सिखों को ही परेशान किए जाने बारे में बताया कि संगठन के प्रमुख गुरपतवंत सिंह पन्नू का पूरा कानूनी कार्य व्यवहार लोगाें में नफरत पैदा करके अपना राजनीतिक तथा आर्थिक उद्देश्य हल करने जैसा है। बादल ने जोर देकर कहा कि पन्नू के संगठन में ऐसे लोग भी शामिल हैं, जिनका कार्य खालिस्तान के नाम पर लोगों को गुमराह करना है। इस संगठन के सदस्य भारत को तोड़ने का सपना देखते हैं।
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राजदूत को बताया कि जीके गुरुनानक देव जी के 550वें प्रकाश पर्व के बारे देश-विदेश में दिल्ली कमेटी द्वारा आयोजित किए जा रहे कार्यक्रम के लिए अमेरिकी दौरे पर हैं। सिख संगठन के प्रमुख पर हमला होना दुर्भाग्यपूर्ण है। पत्रकारों से बातचीत में बादल ने बताया कि अमेरिकी राजदूत ने अमेरिकी कानून के हिसाब से हमलावरों के खिलाफ कार्रवाई करने का भरोसा दिया है।
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- बार-बार बयान देने पर नाराजगी
दूसरी तरफ जीके पर हमले को लेकर गुरुद्वारा कमेटी द्वारा कभी इसके पीछे कांग्रेस तो कभी खालिस्तान समर्थक व कभी पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी को जिम्मेदार ठहराने पर राजनीति शुरू हो गई। कई अकाली संगठनों के अलावा गुरुद्वारा कमेटी के सदस्यों ने ही इस पर सवाल उठाया है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के बार-बार बयान देने से असली दोषी कार्रवाई से बच जाएंगे।