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बड़ी खबर---एमिनेंट सिटीजन के फर्जी हस्ताक्षर कर पुलिस सीएम विंडो की शिकायतों को कर रही है डिस्पोज
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पुन्हाना। पिनगवां में सीएम विंडो पर शिकायतकर्ता व एनिमेंट सिटीजन के बिना ही समस्याओं के निवारण की पुष्टि करने का मामला सामने आया है। हरियाणा सरकार द्वारा लागों की समस्याओं का निवारण करने के लिए सीएम विंडो की सुविधा दी गई है। जिसमें समस्याओं का निवारण प्रशासन द्वारा किये जाने और सरकार द्वारा नियुक्त एमिनेंट सिटीजन से जांच सत्यापन कराने के बाद ही किया जाना जरूरी है। पिनगवां थाने में पुलिस अधिकारी खुद ही एमिनेंट सिटीजन के फर्जी हस्ताक्षर कर सीएम विंडो की शिकायतों के निवारण होने की पुष्टि कर रहे हैं।
एमिनेंट सिटीजन धमेंद्र सोनी ने पिनगवां पुलिस अधिकारियों द्वारा उसके फर्जी हस्ताक्षर कर सीएम विंडो डिस्पोज किये जाने पर नूंह के सिटी मजिस्ट्रेट, जिला पुलिस कप्तान नूंह को लिखित शिकायत देकर सख्त कार्रवाई की जाने की मांग की है। वहीं फर्जी हस्ताक्षर करने के मामले की मेवात के कई एमिनेंट सिटीजन ने मुख्यमंत्री मनोहर लाल को शिकायत भेजकर कठोर कार्रवाई की मांग की है।
कस्बा पिनगवां निवासी शिकायतकर्ता एवं एमिनेंट सिटीजन धर्मेंद्र सोनी ने बताया कि एमिनेंट सिटीजन को सीएम विंडो पर आई शिकायतों पर शिकायतकर्ता की संतुष्टि न्याय मिलने के बाद ही हस्ताक्षर करना होता है, जिसके बाद उस शिकायत को सीएम विंडो पोर्टल पर चढ़ाया जाता है। लेकिन पिनगवां थाना के अंतर्गत आ रही आमजन की शिकायतों पर पुलिस शिकायतकर्ता को संतुष्ट किये बिना एवं एमिनेंट सिटीजन को शिकायत के बारे में अवगत ना कराकर खुद ही फर्जी हस्ताक्षर करके खाना पूर्ति कर धोखा कर रहे हैं।
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धर्मेंद्र सोनी ने बताया कि उनके फर्जी हस्ताक्षर करके शिकायतों की खाना पूर्ति किये जाने की जानकारी उन्हें तब मिली जब एक शिकायत पिनगवां निवासी इच्छिता सीएम विंडो में शिकायत लगाई गई थी। जिसमें थाना प्रबंधक ने शिकायतकर्ता को भी जांच में नहीं बुलाया और एमिनेंट सिटीजन (धर्मेंद्र सोनी) के फर्जी हस्ताक्षर कर पिनगवां पुलिस ने शिकायत की खानापूर्ति कर सीएम विंडो पोर्टल पर भेज दी।
एमिनेंट सिटीजन धर्मेंद्र सोनी ने बताया कि पुलिस द्वारा इस तरह फर्जी हस्ताक्षर करके शिकायतों को दबाया जा रहा है
क्या कहते हैं पिनगवां थाना प्रभारी
पिनगवां थाना प्रभारी ओमवीर का कहना है कि यह मामला उनकी जानकारी में आया है। जिस शिकायत की बात की जा रही है उसकी जांच एएसआई भरत पाल कर रहे थे। इस मामले की जांच कराई जाएगी कि एमिनेंट सिटीजन के हस्ताक्षर फर्जी हैं या असली है।
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एमिनेंट सिटीजन धमेंद्र सोनी ने पिनगवां पुलिस अधिकारियों द्वारा उसके फर्जी हस्ताक्षर कर सीएम विंडो डिस्पोज किये जाने पर नूंह के सिटी मजिस्ट्रेट, जिला पुलिस कप्तान नूंह को लिखित शिकायत देकर सख्त कार्रवाई की जाने की मांग की है। वहीं फर्जी हस्ताक्षर करने के मामले की मेवात के कई एमिनेंट सिटीजन ने मुख्यमंत्री मनोहर लाल को शिकायत भेजकर कठोर कार्रवाई की मांग की है।
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कस्बा पिनगवां निवासी शिकायतकर्ता एवं एमिनेंट सिटीजन धर्मेंद्र सोनी ने बताया कि एमिनेंट सिटीजन को सीएम विंडो पर आई शिकायतों पर शिकायतकर्ता की संतुष्टि न्याय मिलने के बाद ही हस्ताक्षर करना होता है, जिसके बाद उस शिकायत को सीएम विंडो पोर्टल पर चढ़ाया जाता है। लेकिन पिनगवां थाना के अंतर्गत आ रही आमजन की शिकायतों पर पुलिस शिकायतकर्ता को संतुष्ट किये बिना एवं एमिनेंट सिटीजन को शिकायत के बारे में अवगत ना कराकर खुद ही फर्जी हस्ताक्षर करके खाना पूर्ति कर धोखा कर रहे हैं।
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धर्मेंद्र सोनी ने बताया कि उनके फर्जी हस्ताक्षर करके शिकायतों की खाना पूर्ति किये जाने की जानकारी उन्हें तब मिली जब एक शिकायत पिनगवां निवासी इच्छिता सीएम विंडो में शिकायत लगाई गई थी। जिसमें थाना प्रबंधक ने शिकायतकर्ता को भी जांच में नहीं बुलाया और एमिनेंट सिटीजन (धर्मेंद्र सोनी) के फर्जी हस्ताक्षर कर पिनगवां पुलिस ने शिकायत की खानापूर्ति कर सीएम विंडो पोर्टल पर भेज दी।
एमिनेंट सिटीजन धर्मेंद्र सोनी ने बताया कि पुलिस द्वारा इस तरह फर्जी हस्ताक्षर करके शिकायतों को दबाया जा रहा है
क्या कहते हैं पिनगवां थाना प्रभारी
पिनगवां थाना प्रभारी ओमवीर का कहना है कि यह मामला उनकी जानकारी में आया है। जिस शिकायत की बात की जा रही है उसकी जांच एएसआई भरत पाल कर रहे थे। इस मामले की जांच कराई जाएगी कि एमिनेंट सिटीजन के हस्ताक्षर फर्जी हैं या असली है।