{"_id":"614b84cc8ebc3e09024bf83f","slug":"court-acquits-10-accused-of-arson-noida-news-noi60619535","type":"story","status":"publish","title_hn":"दिल्ली दंगा : आगजनी के मामले में 10 आरोपी मुक्त, अदालत ने पुलिस को लिया आड़े हाथ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दिल्ली दंगा : आगजनी के मामले में 10 आरोपी मुक्त, अदालत ने पुलिस को लिया आड़े हाथ
Thu, 23 Sep 2021 02:13 AM IST
नोएडा ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली
Published by: नोएडा ब्यूरो
Updated Thu, 23 Sep 2021 02:13 AM IST
सार
इन आरोपियों पर दुकानों में लूटपाट और आगजनी का आरोप था। अदालत ने कहा कि पुलिस अपनी खामियों को छिपाने का प्रयास कर रही थी। पुलिस ने दो दिन हुई घटनाओं को एक साथ मिला दिया था।
विज्ञापन
demo pic
- फोटो : Social Media
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
अदालत ने दिल्ली दंगों के दौरान दुकानों में आगजनी के आरोपों से दस लोगों को आरोपमुक्त कर दिया। इन आरोपियों पर दुकानों में लूटपाट और आगजनी का आरोप था। अदालत ने कहा कि पुलिस अपनी खामियों को छिपाने का प्रयास कर रही थी। पुलिस ने दो दिन हुई घटनाओं को एक साथ मिला दिया था।
विज्ञापन
ये मामला तीन शिकायतों के आधार पर दर्ज हुआ था। एक शिकायत में बृजपाल ने कहा था कि बृजपुरी रोड स्थित उसकी किराए की दुकान में दंगाइयों ने 25 फरवरी को लूटपाट की थी। वहीं अन्य शिकायत में दीवान सिंह ने कहा कि उसकी दो दुकानों में 24 फरवरी को लूटपाट हुई थी।
विज्ञापन
कड़कड़डूमा अदालत के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश विनोद यादव ने आगजनी के आरोप हटाते हुए इस बात पर गौर किया कि शिकायतकर्ताओं ने अपने शुरुआती बयानों में दुकानों में आगजनी के संबंध में एक शब्द तक नहीं कहा।
विज्ञापन
हालांकि दीवान सिंह ने पूरक बयान में कहा कि दंगाइयों ने उसकी दुकान में आग लगा दी थी। इस पर अदालत ने कहा कि पुलिस पूरक बयान लेकर अपनी खामी को नहीं छिपा सकती, अगर शुरुआती बयान में आगजनी की बात नहीं कही गई है।
अदालत ने आगे कहा कि आगजनी के आरोप उन पुलिस वालों के बयानों के आधार पर नहीं लगाए जा सकते जो घटना वाले दिन उस इलाके में बीट अफसर के रूप में कार्यरत थे।
जज विनोद यादव ने कहा कि वे ये नहीं समझ पा रहे हैं कि 24 फरवरी के मामले को 25 फरवरी के मामले के साथ कैसे मिलाया जा सकता है, जब तक दोनों मामलों में अपराध करने वाले लोग समान नहीं थे। उन्होंने कहा कि उपरोक्त तथ्यों पर विचार करने के बाद उनका मानना है कि मामले में पेश सामग्री के आधार पर आरोपियों के खिलाफ आगजनी का मामला नहीं बनता है।
अदालत ने इस मामले में अन्य आरोप जैसे दंगा, हथियारों के साथ दंगा, अवैध भीड़ जमा करना, सरकारी आदेश की अवज्ञा, मारपीट, शरारत, अनाधिकृत प्रवेश, दो समुदायों में वैमनस्य पैदा करना और धमकी देना आदि महानगर दंडाधिकारी के समक्ष सुनवाई योग्य हैं। इसलिए केस को सुनवाई के लिए वहां भेजा जा रहा है।
इस मामले में मोहम्मद शाहनवाज, मोहम्मद शोएब, शाहरुख, राशिद, आजाद, अशरफ अली, परवेज, मोहम्मद फैजल, राशिद, मोहम्मद ताहिर उक्त दस आरोपी हैं।