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इलेक्ट्रिक चार्जिंग स्टेशन पर आधारित कोर्स दिलाएगा रोजगार
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ग्रेटर नोएडा। अब इलेक्ट्रिक चार्जिंग स्टेशन पर आधारित कोर्स विद्यार्थियों को रोजगार दिलाएगा। इसके लिए डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय इस सत्र से नया कोर्स ला रहा है। एकेटीयू की शिक्षा बोर्ड समिति ने हाल ही में इसकी स्वीकृति प्रदान की है। इसके लिए चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने वाली एक कंपनी से भी विवि प्रबंधन की बात हो गई है। विशेषज्ञ कुछ शिक्षकों को इसका प्रशिक्षण देंगे और कोर्स खत्म करने के बाद विद्यार्थियों को इसका प्रशिक्षण और सर्टिफिकेट भी दिया जाएगा, जिससे विद्यार्थी किसी भी कंपनी में कार्य करने के लिए पात्र हो जाएंगे।
ऑटोमोबाइल सेक्टर डीजल-पेट्रोल इंजन वाहनों से बदलकर इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर जा रहा है। इलेक्ट्रिक वाहनों को सुचारु होने के लिए सबसे पहले बड़ी तादाद में इलेक्ट्रिक चार्जिंग स्टेशन बनने हैं। ऐसे में इन बड़े-बड़े चार्जिंग स्टेशनों को मेंटेनेंस और ऑपरेट करने के लिए इंजीनियरों की जरूरत पड़ेगी। इधर हाल ही में दिल्ली, नोएडा, ग्रेटर नोएडा, इंदौर, लखनऊ समेत देशभर के कई राज्यों की राजधानियों में बड़ी तादाद में इलेक्ट्रिक चार्जिंग स्टेशन बनने शुरू हो गए हैं। आने वाले वक्त में बड़ी तादाद में इस क्षेत्र में नौकरियों को देखते हुए एकेटीयू विश्वविद्यालय की शिक्षा बोर्ड समिति की एक बैठक हुई है, जिसमें इलेक्ट्रिक चार्जिंग स्टेशनों के लिए विषय तैयार करने के लिए कहा गया है। यह बीटेक विषय किसी भी ट्रेड के विद्यार्थी ले सकेंगे।
तृतीय और चतुर्थ वर्ष के विद्यार्थी चुन सकेंगे विषय
एकेटीयू के सभी बीटेक ट्रेड के विद्यार्थी तीसरे और चौथे वर्ष में यह विषय चुन सकते हैं। इनमें इलेक्ट्रिक एंड कम्युनिकेशन, मेकेनिकल, आईटी, सीएस, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे ट्रेड वाले विद्यार्थी इसे ले सकते हैं। कोर्स खत्म होने के बाद उन्हें कंपनी से ग्रीष्मकालीन प्रशिक्षण और सर्टिफिकेट भी मिल सकेगा।
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इलेक्ट्रिक वाहनों के बड़ी तेजी से बाजार में उतरने के चलते इलेक्ट्रिक चार्जिंग स्टेशन और इसके मेंटेनेंस के लिए इंजीनियरों की जरूरत पड़ने वाली है। ऐसे में एकेटीयू की शिक्षा बोर्ड समिति की बैठक में तीसरे और चौथे वर्ष के लिए कोर्स डिजाइन करने का निर्णय हुआ है। किसी भी ट्रेड के विद्यार्थी इसे पढ़ सकेंगे। एकेटीयू की समिति ने कुछ कॉलेजों के प्रोफेसरों को इसके लिए कोर्स तैयार करने के लिए कहा है।
-डॉ. राजीव अग्रवाल, संयोजक शिक्षा बोर्ड समिति (फोटो)
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ऑटोमोबाइल सेक्टर डीजल-पेट्रोल इंजन वाहनों से बदलकर इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर जा रहा है। इलेक्ट्रिक वाहनों को सुचारु होने के लिए सबसे पहले बड़ी तादाद में इलेक्ट्रिक चार्जिंग स्टेशन बनने हैं। ऐसे में इन बड़े-बड़े चार्जिंग स्टेशनों को मेंटेनेंस और ऑपरेट करने के लिए इंजीनियरों की जरूरत पड़ेगी। इधर हाल ही में दिल्ली, नोएडा, ग्रेटर नोएडा, इंदौर, लखनऊ समेत देशभर के कई राज्यों की राजधानियों में बड़ी तादाद में इलेक्ट्रिक चार्जिंग स्टेशन बनने शुरू हो गए हैं। आने वाले वक्त में बड़ी तादाद में इस क्षेत्र में नौकरियों को देखते हुए एकेटीयू विश्वविद्यालय की शिक्षा बोर्ड समिति की एक बैठक हुई है, जिसमें इलेक्ट्रिक चार्जिंग स्टेशनों के लिए विषय तैयार करने के लिए कहा गया है। यह बीटेक विषय किसी भी ट्रेड के विद्यार्थी ले सकेंगे।
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तृतीय और चतुर्थ वर्ष के विद्यार्थी चुन सकेंगे विषय
एकेटीयू के सभी बीटेक ट्रेड के विद्यार्थी तीसरे और चौथे वर्ष में यह विषय चुन सकते हैं। इनमें इलेक्ट्रिक एंड कम्युनिकेशन, मेकेनिकल, आईटी, सीएस, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे ट्रेड वाले विद्यार्थी इसे ले सकते हैं। कोर्स खत्म होने के बाद उन्हें कंपनी से ग्रीष्मकालीन प्रशिक्षण और सर्टिफिकेट भी मिल सकेगा।
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इलेक्ट्रिक वाहनों के बड़ी तेजी से बाजार में उतरने के चलते इलेक्ट्रिक चार्जिंग स्टेशन और इसके मेंटेनेंस के लिए इंजीनियरों की जरूरत पड़ने वाली है। ऐसे में एकेटीयू की शिक्षा बोर्ड समिति की बैठक में तीसरे और चौथे वर्ष के लिए कोर्स डिजाइन करने का निर्णय हुआ है। किसी भी ट्रेड के विद्यार्थी इसे पढ़ सकेंगे। एकेटीयू की समिति ने कुछ कॉलेजों के प्रोफेसरों को इसके लिए कोर्स तैयार करने के लिए कहा है।
-डॉ. राजीव अग्रवाल, संयोजक शिक्षा बोर्ड समिति (फोटो)