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ग्लोबल हैंडवाशिंग डे: स्वच्छता व सावधानी सिखा गया कोरोना

Tue, 14 Oct 2025 06:11 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Tue, 14 Oct 2025 06:11 PM IST
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Corona taught cleanliness and caution
-डॉक्टर बोले, पहले की तुलना में कम आ रहे डायरिया, सर्दी-खांसी व फ्लू के मरीज
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-स्वच्छता व सावधानी कई बीमारियों से बचाव मुमकिन
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। कोरोना ने लोगों को कई कड़वी यादें तो दीं, लेकिन इसके साथ एक अच्छी आदत स्वच्छता और सावधानी सिखा गया है। इसी वजह से लोग कई अन्य बीमारियों से भी बच पा रहे हैं। जिसका असर अस्पतालों की ओपीडी में देखने को मिल रहा है। पहले की तुलना में डायरिया, सर्दी-खांसी व फ्लू के मरीज कम पहुंच रहे हैं।
जिला अस्पताल के फिजिशियन डॉ अनुराग सागर बताते हैं कि कोरोना के दौरान बार-बार हाथ धोने की आदत को बड़ी संख्या में लोगों ने अपने जीवन में अपना लिया है। इसका असर उनके कम बीमार पड़ने के रूप में देखने को मिल रहा है। दरअसल, हम रोजाना कई चीजों को छूते हैं, दरवाजें, मोबाइल, पैसे, खाने का सामान और इन सब पर अनगिनत कीटाणु होते हैं। यही कीटाणु हमारे हाथों के जरिए शरीर में पहुंचते हैं और बीमारियों का कारण बनते हैं। हाथ धोना इन संक्रमणों को रोकने के लिए असरदार है।
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8 से 10 बार धोने चाहिए हाथ दिन में
मैक्स सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल की डॉ शोवना वैष्णवी बताती हैं कि हाथ धोने की आवृत्ति दिन में कम से कम 8 से 10 बार होनी चाहिए। खासकर जब आप काम कर रहे हों, खाने से पहले, टॉयलेट के बाद, पशुओं को छूने के बाद और सार्वजनिक स्थानों से आने के बाद। नियमित हाथ धोने से कीटाणुओं और संक्रमणों को रोकने में मदद मिलती है।
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रोग प्रतिरोधक क्षमता पर पड़ता है प्रभाव
फोर्टिस अस्पताल के डॉ अजय अग्रवाल बताते हैं कि अक्सर मरीज पेट के इंफेक्शन, गैस्ट्रोएंटेराइटिस या फूड पॉइजनिंग जैसी समस्याओं के साथ आते हैं, जिनकी जड़ सिर्फ एक साधारण सी आदत होती है, हाथ न धोना। जब हम हैंड हाइजीन को अनदेखा करते हैं तो हमारे हाथों पर मौजूद हानिकारक बैक्टीरिया और वायरस आसानी से मुंह के जरिए बॉडी में चले जाते हैं। इससे न सिर्फ इंफेक्शन होता है बल्कि रोग प्रतिरोधक क्षमता पर भी सीधा असर पड़ता है। धीरे-धीरे बॉडी की इंफेक्शन से लड़ने की क्षमता कम होती जाती है। इसलिए हाथ धोना एक छोटी लेकिन बीमारियों से बचाव की बेहद प्रभावी तरीका है। यह हमें न केवल पेट के संक्रमण से बल्कि कई गंभीर बीमारी से भी बचा सकती है।




हाथ धोने का सही तरीका

- गुनगुने पानी का उपयोग करें।
- पर्याप्त मात्रा में साबुन या हैंडवॉश का उपयोग करें।

- हथेलियों, उंगलियों के बीच, नाखूनों के नीचे और कलाई तक अच्छी तरह रगड़ें।

- अच्छी तरह पानी से धोएं और साफ तौलिये से सुखाएं।



हाथ धोने में लगने वाला समय

हाथ धोने में कम से कम 20 सेकंड का समय लगाना चाहिए।

इससे कीटाणु प्रभावी ढंग से निकल जाते हैं।

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सिर्फ पानी पर्याप्त नहीं
सिर्फ पानी से हाथ धोना कीटाणुओं को हटाने के लिए पर्याप्त नहीं है। साबुन या हैंडवॉश का इस्तेमाल कीटाणुओं को प्रभावी ढंग से हटाने के लिए जरूरी है। विशेष परिस्थितियों में एंटीबैक्टीरियल साबुन का उपयोग किया जा सकता है, लेकिन सामान्य हाथ धोने के लिए नियमित साबुन भी प्रभावी है।
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