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यूपीटीईटी पेपर लीक केस में कंप्यूटर लैब संचालक गिरफ्तार
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ग्रेटर नोएडा। उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (यूपीटीईटी) के प्रश्नपत्र लीक मामले में एसटीएफ की नोएडा यूनिट ने 25 हजार के फरार इनामी को शुक्रवार देर रात सूरजपुर से गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान बुढ़ाना, मुजफ्फरनगर निवासी बलराम उर्फ बबलू के रूप में हुई है। बलराम देहरादून में 250 कंप्यूटरों की लैब चलाकर विभिन्न परीक्षाओं की तैयारी कराता था। खुद भी बीएड द्वितीय वर्ष की पढ़ाई कर रहा है। आरोपी के साझेदार फिरोज को एसटीएफ ने शुक्रवार को बागपत से गिरफ्तार किया था। आरोपी से एक स्कोर्पियो कार भी बरामद की गई है।
नोएडा एसटीएफ के एएसपी राजकुमार मिश्रा ने बताया कि प्रश्न पत्र मुद्रण करने वाली कंपनी आरएसएम फिनसर्व लिमिटेड के निदेशक राय अनूप प्रसाद को 29 नवंबर और सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी, प्रयागराज संजय उपाध्याय को 1 दिसंबर को एसटीएफ ने गिरफ्तार कर जेल भेजा था। मामले में सूरजपुर कोतवाली में केस दर्ज कराया गया था। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में सामने आए तथ्यों व आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए नोएडा एसटीएफ प्रयास कर रही थी। बलराम पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित था। वह किसी व्यक्ति से मिलने सूरजपुर आया था। इसी दौरान एसटीएफ ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
बीएड करते-करते अपनाया गलत रास्ता
बलराम ने एसटीएफ को पूछताछ में बताया कि उसकी आयु 35 वर्ष है और वह बीएड की पढ़ाई कर रहा है। उसने वर्ष 2016 में मुजफ्फरनगर के कस्बा खतौली में स्किल डेवलपमेंट सेंटर शुरू किया था। एक परिचित की प्रतियोगी परीक्षा कराने की लैब थी। इसकी तर्ज पर उसने वर्ष 2016-17 में हरिद्वार में अविरत कंप्यूटर लैब को किराये पर लेकर चलाने का काम किया। इसी दौरान उसकी मुलाकात बागपत के किरठल निवासी फिरोज से हुई थी। फिरोज की अपनी एक लैब देहरादून में थी। वर्ष-2020 में बलराम ने फिरोज के साथ मिलकर हरिद्वार में एक 250 कंप्यूटर्स की लैब शुरू की थी। इस लैब पर आरोपी कई परीक्षाओं में विभिन्न तरीके से अभ्यर्थियों को पास कराने लगे।
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पेपर सेट बरामद कराने वाले आरोपी के संपर्क में था
अन्य आरोपियों के संपर्क में आकर बलराम ने यूपीटीईटी पास कराने का अवैध काम भी शुरू कर दिया। बलराम ने पूछताछ में बताया कि उसके साथ बड़ौत का राहुल चौधरी भी इस धंधे में लिप्त था। एसटीएफ ने राहुल को 29 नवंबर को गिरफ्तार कर जेल भेजा दिया था। उसके पास से टीईटी के प्रश्नपत्र का सेट भी बरामद किया गया था। इस संबंध में बड़ौत में केस दर्ज किया गया था।
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नोएडा एसटीएफ के एएसपी राजकुमार मिश्रा ने बताया कि प्रश्न पत्र मुद्रण करने वाली कंपनी आरएसएम फिनसर्व लिमिटेड के निदेशक राय अनूप प्रसाद को 29 नवंबर और सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी, प्रयागराज संजय उपाध्याय को 1 दिसंबर को एसटीएफ ने गिरफ्तार कर जेल भेजा था। मामले में सूरजपुर कोतवाली में केस दर्ज कराया गया था। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में सामने आए तथ्यों व आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए नोएडा एसटीएफ प्रयास कर रही थी। बलराम पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित था। वह किसी व्यक्ति से मिलने सूरजपुर आया था। इसी दौरान एसटीएफ ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
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बीएड करते-करते अपनाया गलत रास्ता
बलराम ने एसटीएफ को पूछताछ में बताया कि उसकी आयु 35 वर्ष है और वह बीएड की पढ़ाई कर रहा है। उसने वर्ष 2016 में मुजफ्फरनगर के कस्बा खतौली में स्किल डेवलपमेंट सेंटर शुरू किया था। एक परिचित की प्रतियोगी परीक्षा कराने की लैब थी। इसकी तर्ज पर उसने वर्ष 2016-17 में हरिद्वार में अविरत कंप्यूटर लैब को किराये पर लेकर चलाने का काम किया। इसी दौरान उसकी मुलाकात बागपत के किरठल निवासी फिरोज से हुई थी। फिरोज की अपनी एक लैब देहरादून में थी। वर्ष-2020 में बलराम ने फिरोज के साथ मिलकर हरिद्वार में एक 250 कंप्यूटर्स की लैब शुरू की थी। इस लैब पर आरोपी कई परीक्षाओं में विभिन्न तरीके से अभ्यर्थियों को पास कराने लगे।
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पेपर सेट बरामद कराने वाले आरोपी के संपर्क में था
अन्य आरोपियों के संपर्क में आकर बलराम ने यूपीटीईटी पास कराने का अवैध काम भी शुरू कर दिया। बलराम ने पूछताछ में बताया कि उसके साथ बड़ौत का राहुल चौधरी भी इस धंधे में लिप्त था। एसटीएफ ने राहुल को 29 नवंबर को गिरफ्तार कर जेल भेजा दिया था। उसके पास से टीईटी के प्रश्नपत्र का सेट भी बरामद किया गया था। इस संबंध में बड़ौत में केस दर्ज किया गया था।