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सफाई व्यवस्था बहाल, सीईओ नाराज
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नोएडा। प्राधिकरण की मुख्य कार्यपालक अधिकारी रितु माहेश्वरी ने मंगलवार को जन स्वास्थ्य विभाग के कार्यों की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने शहर की सफाई पर नाराजगी जताई। साथ ही, अधीनस्थ अधिकारियों को निर्देशित किया कि वह एक सप्ताह में ही व्यवस्था सुधार लें।
उन्होंने कहा कि सड़कों की ‘एंड टू एंड’ सफाई न किए जाने, नालों की सफाई न करने, जंगल की नियमित कटाई न करने और मलबे का निस्तारण प्रतिदिन न करने को दृष्टिगत रखते हुए जो श्रमिक कम संख्या में लगाए गए हैं, उसकी कटौती संविदा कर्मियों के ठेकेदारों से की जाए। साथ ही, संविदा कर्मियों को भी चेतावनी दे दी जाए कि एक सप्ताह में उन्होंने कार्य में सुधार नहीं किया तो कार्रवाई की जाएगी। जिन कर्मचारियों को स्मार्ट वॉच उपलब्ध कराई जा चुकी है। उनकी उपस्थित इससे दर्ज की जाए। इसके अलावा जो सुपरवाइजर या इंस्पेक्टर सफाई कार्य में शिथिलता बरत रहे हैँ, उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाए। नालों की सफाई की स्टेटस रिपोर्ट भी प्रत्येक 15 दिन में उन्हें सौंपी जाए। इसमें नालों की सफाई से संबंधित ड्रोन से लिए गए फोटो भी होने चाहिए।
डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन मामले में उन्होंने कहा कि गई गांवों में यह गाड़ियां नहीं पहुंच रहीं हैं। कई सेक्टर से भी शिकायत आ रही है कि कूडे़ की गाड़ियां नियमित रूप से नहीं पहुंचती। इस पर संबंधित एजेंसी को निर्देशित किया गया है कि वह अपनी गाड़ियों आदि की कार्ययोजना प्रस्तुत करें।
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उन्होंने कहा कि सड़कों की ‘एंड टू एंड’ सफाई न किए जाने, नालों की सफाई न करने, जंगल की नियमित कटाई न करने और मलबे का निस्तारण प्रतिदिन न करने को दृष्टिगत रखते हुए जो श्रमिक कम संख्या में लगाए गए हैं, उसकी कटौती संविदा कर्मियों के ठेकेदारों से की जाए। साथ ही, संविदा कर्मियों को भी चेतावनी दे दी जाए कि एक सप्ताह में उन्होंने कार्य में सुधार नहीं किया तो कार्रवाई की जाएगी। जिन कर्मचारियों को स्मार्ट वॉच उपलब्ध कराई जा चुकी है। उनकी उपस्थित इससे दर्ज की जाए। इसके अलावा जो सुपरवाइजर या इंस्पेक्टर सफाई कार्य में शिथिलता बरत रहे हैँ, उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाए। नालों की सफाई की स्टेटस रिपोर्ट भी प्रत्येक 15 दिन में उन्हें सौंपी जाए। इसमें नालों की सफाई से संबंधित ड्रोन से लिए गए फोटो भी होने चाहिए।
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डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन मामले में उन्होंने कहा कि गई गांवों में यह गाड़ियां नहीं पहुंच रहीं हैं। कई सेक्टर से भी शिकायत आ रही है कि कूडे़ की गाड़ियां नियमित रूप से नहीं पहुंचती। इस पर संबंधित एजेंसी को निर्देशित किया गया है कि वह अपनी गाड़ियों आदि की कार्ययोजना प्रस्तुत करें।
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