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नूंह। जिले में निशुल्क मिलने वाली सुविधाओं के लिए भी किसानों के साथ ठगी की जा रही है। मेरी फसल मेरा ब्योरा के निशुल्क पंजीकरण प्रावधान के बाद भी 150 से 200 रुपये वसूले जा रहे हैं। इसी का परिणाम है कि अब तक जिले के सिर्फ 35.62 फीसदी किसानों ने ही पंजीकरण कराया है।
सरकार द्वारा मेरी फसल मेरा ब्यौरा पंजीकरण पूरी तरह से निशुल्क किया जा रहा है। किसान इसका पंजीकरण सीएससी केंद्रों पर कराते हैं। जिले में पूर्व से ही किसान सिंचाई के संसाधनों की कमी सहित कई तरह की समस्याओं से जूझ रहे हैं। दूसरी ओर बीमा के नाम पर उनके साथ यह अवैध तरीके से ठगी की जा रही है। इस बारे में कई किसानों ने संबंधित विभाग के अधिकारियों से गुहार लगाई है लेकिन, समाधान के नाम पर अभी तक कुछ नहीं किया गया। जिससे किसानों में सरकार व प्रशासन के प्रति नाराजगी बनी हुई है।
किसानों के लिए सरकार ने सीएससी केंद्रों से बीमा कराने का विकल्प है। यहां पर निशुल्क में किसान अपनी जमाबंदी, आधार कार्ड, बैंक खाते की जानकारी देकर बीमा करा सकते हैं। वहीं जिले कें सीएससी केंद्रों पर किसानों से बीमा के नाम पर मनमाने दाम वसूले जा रहे हैं। जिससे किसान अपने को ठगा महसूस कर रहे हैं।
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70 हजार किसान कृषि कार्यों से जुड़े
नूंह जिले में कृषि विभाग के आंकड़ों के अनुसार 70 हजार किसान कृषि कार्यों से जुड़े हुए हैं। वहीं सिर्फ 12388 किसानों ने ही पंजीकरण कराया है। खरीफ के इस सीजन में किसानों ने अभी 21500 हजार हेक्टेयर में बाजरा, 4500 कपास, 4500 धान, 1150 ज्वार, 1560 डेंचा, 500 दलहन सहित अन्य फसलों को उगाया है। सरकार ने किसानों को राहत देने के लिए इन फसलों का बीमा तय किया है।
सर्वर हैंग होने का बहाना करते हैं
किसानों का कहना है कि यदि किसानों द्वारा सीएससी केंद्रों पर पूरे पैसे नहीं दिए जाते हैं या निशुल्क पंजीकरण का दबाव बनाया जाता है तो उन्हें नेटवर्क नहीं आने, सर्वर हैंग होने के बहाने से वापस कर दिया जाता है। मजबूरन किसानों को मनचाही राशि देनी पड़ती है। खेड़ला के हाजी अली मोहम्मद, छपड़ा के सुरेंद्र, खेड़ली दोसा के सत्तन, सोहनपाल किसान ने बताया कि यह उनके साथ सीधे तौर पर लंबे समय से ठगी की जा रही है। पंजीकरण निशुल्क होता है जबकि उनके 150 से 200 रुपये तक लिए जा रहे हैं कई साल से किसानों के साथ पंजीकरण के नाम पर इसी तरह से ठगी की जा रही है। जिससे किसानों का सीधे तौर पर शोषण हो रहा है।
दोषी के खिलाफ होगी कार्रवाई
इस बारे में सीएससी सेंटर के जिला मैनेजर शराफत खान ने बताया कि मेरी फसल मेरा ब्योरा पंजीकरण किसानों का पूरी तरह से निशुल्क किया जा रहा है। किसान अज्ञानता के कारण पैसे दे रहे हैं। अगर कोई सीएससी संचालक किसानों से पैसे लेता है तो इसकी शिकायत उन्हें दें। दोषी पाए जाने पर उसके खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी।
निश्चित ही यह किसानों के साथ ठगी की जा रही है। किसानों को विभागों में सूचित करना चाहिए। ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।-डॉ. अजीत सिंह, एसडीओ, कृ षि विभाग
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सरकार द्वारा मेरी फसल मेरा ब्यौरा पंजीकरण पूरी तरह से निशुल्क किया जा रहा है। किसान इसका पंजीकरण सीएससी केंद्रों पर कराते हैं। जिले में पूर्व से ही किसान सिंचाई के संसाधनों की कमी सहित कई तरह की समस्याओं से जूझ रहे हैं। दूसरी ओर बीमा के नाम पर उनके साथ यह अवैध तरीके से ठगी की जा रही है। इस बारे में कई किसानों ने संबंधित विभाग के अधिकारियों से गुहार लगाई है लेकिन, समाधान के नाम पर अभी तक कुछ नहीं किया गया। जिससे किसानों में सरकार व प्रशासन के प्रति नाराजगी बनी हुई है।
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किसानों के लिए सरकार ने सीएससी केंद्रों से बीमा कराने का विकल्प है। यहां पर निशुल्क में किसान अपनी जमाबंदी, आधार कार्ड, बैंक खाते की जानकारी देकर बीमा करा सकते हैं। वहीं जिले कें सीएससी केंद्रों पर किसानों से बीमा के नाम पर मनमाने दाम वसूले जा रहे हैं। जिससे किसान अपने को ठगा महसूस कर रहे हैं।
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70 हजार किसान कृषि कार्यों से जुड़े
नूंह जिले में कृषि विभाग के आंकड़ों के अनुसार 70 हजार किसान कृषि कार्यों से जुड़े हुए हैं। वहीं सिर्फ 12388 किसानों ने ही पंजीकरण कराया है। खरीफ के इस सीजन में किसानों ने अभी 21500 हजार हेक्टेयर में बाजरा, 4500 कपास, 4500 धान, 1150 ज्वार, 1560 डेंचा, 500 दलहन सहित अन्य फसलों को उगाया है। सरकार ने किसानों को राहत देने के लिए इन फसलों का बीमा तय किया है।
सर्वर हैंग होने का बहाना करते हैं
किसानों का कहना है कि यदि किसानों द्वारा सीएससी केंद्रों पर पूरे पैसे नहीं दिए जाते हैं या निशुल्क पंजीकरण का दबाव बनाया जाता है तो उन्हें नेटवर्क नहीं आने, सर्वर हैंग होने के बहाने से वापस कर दिया जाता है। मजबूरन किसानों को मनचाही राशि देनी पड़ती है। खेड़ला के हाजी अली मोहम्मद, छपड़ा के सुरेंद्र, खेड़ली दोसा के सत्तन, सोहनपाल किसान ने बताया कि यह उनके साथ सीधे तौर पर लंबे समय से ठगी की जा रही है। पंजीकरण निशुल्क होता है जबकि उनके 150 से 200 रुपये तक लिए जा रहे हैं कई साल से किसानों के साथ पंजीकरण के नाम पर इसी तरह से ठगी की जा रही है। जिससे किसानों का सीधे तौर पर शोषण हो रहा है।
दोषी के खिलाफ होगी कार्रवाई
इस बारे में सीएससी सेंटर के जिला मैनेजर शराफत खान ने बताया कि मेरी फसल मेरा ब्योरा पंजीकरण किसानों का पूरी तरह से निशुल्क किया जा रहा है। किसान अज्ञानता के कारण पैसे दे रहे हैं। अगर कोई सीएससी संचालक किसानों से पैसे लेता है तो इसकी शिकायत उन्हें दें। दोषी पाए जाने पर उसके खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी।
निश्चित ही यह किसानों के साथ ठगी की जा रही है। किसानों को विभागों में सूचित करना चाहिए। ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।-डॉ. अजीत सिंह, एसडीओ, कृ षि विभाग