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Noida News: विधानसभा भवन को राष्ट्रीय विरासत स्थल बनाने में केंद्र करेगा सहयोग
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केंद्रीय संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने दी हरी झंडी, जल्द शुरू होगा परियोजना का मूल्यांकन
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
दिल्ली विधानसभा भवन को राष्ट्रीय महत्व के जीवंत विरासत स्थल के रूप में विकसित करने में केंद्र सरकार का पूरा सहयोग मिलेगा। केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता को पत्र लिखकर इस पहल को समर्थन देने का वादा किया है। जल्द ही इस परियोजना के मूल्यांकन का काम शुरू होगा।
शेखावत ने कहा है कि विधानसभा भवन राजनीतिक विरासत का प्रतीक है। इसका स्थापत्य और ऐतिहासिक महत्व भी अनमोल है। दिल्ली सरकार के साथ मिलकर केंद्र सरकार इस धरोहर को संरक्षित करने व सांस्कृतिक महत्व को देशवासियों तक पहुंचाने के लिए हरसंभव मदद करेगी। उन्होंने इस प्रस्ताव को समय के अनुकूल और प्रासंगिक बताया। 13 मई को विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने इस संबंध में शेखावत को पत्र लिखा था, जिसमें उन्होंने 1912 में बने दिल्ली विधानसभा के मौजूदा भवन को विरासत केंद्र बनाने का प्रस्ताव रखा था। इसके बाद 3 जून को दोनों पक्षों की बैठक हुई, जहां इस परियोजना पर विस्तार से चर्चा हुई। 23 मई को संस्कृति मंत्रालय और विधानसभा सचिवालय के बीच सचिव स्तर की बातचीत में इस दिशा में ठोस कदम उठाने का फैसला लिया गया। शेखावत ने आश्वासन दिया है कि मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी जल्द ही विधानसभा का दौरा कर परियोजना का जायजा लेंगे। इसके बाद परियोजना पर काम शुरू किया जाएगा।
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
दिल्ली विधानसभा भवन को राष्ट्रीय महत्व के जीवंत विरासत स्थल के रूप में विकसित करने में केंद्र सरकार का पूरा सहयोग मिलेगा। केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता को पत्र लिखकर इस पहल को समर्थन देने का वादा किया है। जल्द ही इस परियोजना के मूल्यांकन का काम शुरू होगा।
शेखावत ने कहा है कि विधानसभा भवन राजनीतिक विरासत का प्रतीक है। इसका स्थापत्य और ऐतिहासिक महत्व भी अनमोल है। दिल्ली सरकार के साथ मिलकर केंद्र सरकार इस धरोहर को संरक्षित करने व सांस्कृतिक महत्व को देशवासियों तक पहुंचाने के लिए हरसंभव मदद करेगी। उन्होंने इस प्रस्ताव को समय के अनुकूल और प्रासंगिक बताया। 13 मई को विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने इस संबंध में शेखावत को पत्र लिखा था, जिसमें उन्होंने 1912 में बने दिल्ली विधानसभा के मौजूदा भवन को विरासत केंद्र बनाने का प्रस्ताव रखा था। इसके बाद 3 जून को दोनों पक्षों की बैठक हुई, जहां इस परियोजना पर विस्तार से चर्चा हुई। 23 मई को संस्कृति मंत्रालय और विधानसभा सचिवालय के बीच सचिव स्तर की बातचीत में इस दिशा में ठोस कदम उठाने का फैसला लिया गया। शेखावत ने आश्वासन दिया है कि मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी जल्द ही विधानसभा का दौरा कर परियोजना का जायजा लेंगे। इसके बाद परियोजना पर काम शुरू किया जाएगा।
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