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केंद्र ने खारिज की कुछ इलाकों को लुटियन जोन से बाहर करने की सिफारिश
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नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने मंगलवार को हाईकोर्ट को बताया कि उसने दिल्ली अर्बन आर्ट कमीशन (डीयूएसी) की उस सिफारिश को खारिज कर दिया जिसमें कुछ इलाकों को लुटियन बंगला जोन से अलग करने के लिए कहा गया था। उसने इन सिफारिशों पर दोबारा विचार के लिए कमीशन के पास भेज दिया है।
न्यायमूर्ति रेखा पल्ली कमीशन की सिफारिशों को लागू करने की मांग वाली याचिका पर सुनवाई कर रही हैं। पीठ के समक्ष डीयूएसी की ओर से पेश अधिवक्ता ने कहा कि केंद्र की कार्यवाही पर विचार करने के लिए कमीशन की बैठक सात अक्तूबर को होनी है।
ये याचिकाएं उन इलाकों में रहने वाले निवासियों ने दायर की है जिन्हें लुटियन बंगला जोन से अलग किया जाना था। इनकी ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता ने तर्क रखा कि कमीशन की सिफारिशों को बदनियती और बिना सोचे समझे खारिज किया गया है।
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इस तर्क पर पीठ ने कहा कि अब मुद्दा ये है कि केंद्र सरकार सिफारिशों को स्वीकार नहीं कर रही है। हम इस मामले को विस्तार से सुनेंगे। हालांकि कमीशन की बैठक के बाद ही आगे के हालात पता चलेंगेे। पीठ ने कहा उम्मीद है कि कमीशन उन सवालों पर विचार करेगा जो केंद्र सरकार ने उठाए हैं। पीठ ने मामले की सुनवाई के लिए 18 अक्तूबर की तारीख तय की है।
लुटियन जोन के सुंदर नगर, गोल्फ लिंक, बंगाली मार्केट, और पंचशील मार्ग पर रहने वाले कई लोगों और प्लॉटों के मालिकों ने पेश याचिका दायर की है। ये लोग अपने भूखंडों पर निर्माण या मौजूदा निर्माणों में बदलाव करना चाहते हैं। इसके लिए उन्होंने याचिका दायर कर आवास एवं शहरी मंत्रालय को कमीशन की ओर से 2019 में जारी सिफारिशें लागू करने का निर्देश देने का आग्रह किया है।
याचिका में कहा गया है कि कमीशन की ओर से जारी सिफारिशों में से एक ये भी है कि लुटियन बंगला जोन से जोर बाग, गोल्फ लिंक, सुंदर नगर, बंगाली मार्केट, अशोक रोड, मंदिर मार्ग, पंचशील मार्ग, सरदार पटेल मार्ग और चाणक्यपुरी को अलग कर दिया जाना चाहिए।
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न्यायमूर्ति रेखा पल्ली कमीशन की सिफारिशों को लागू करने की मांग वाली याचिका पर सुनवाई कर रही हैं। पीठ के समक्ष डीयूएसी की ओर से पेश अधिवक्ता ने कहा कि केंद्र की कार्यवाही पर विचार करने के लिए कमीशन की बैठक सात अक्तूबर को होनी है।
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ये याचिकाएं उन इलाकों में रहने वाले निवासियों ने दायर की है जिन्हें लुटियन बंगला जोन से अलग किया जाना था। इनकी ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता ने तर्क रखा कि कमीशन की सिफारिशों को बदनियती और बिना सोचे समझे खारिज किया गया है।
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इस तर्क पर पीठ ने कहा कि अब मुद्दा ये है कि केंद्र सरकार सिफारिशों को स्वीकार नहीं कर रही है। हम इस मामले को विस्तार से सुनेंगे। हालांकि कमीशन की बैठक के बाद ही आगे के हालात पता चलेंगेे। पीठ ने कहा उम्मीद है कि कमीशन उन सवालों पर विचार करेगा जो केंद्र सरकार ने उठाए हैं। पीठ ने मामले की सुनवाई के लिए 18 अक्तूबर की तारीख तय की है।
लुटियन जोन के सुंदर नगर, गोल्फ लिंक, बंगाली मार्केट, और पंचशील मार्ग पर रहने वाले कई लोगों और प्लॉटों के मालिकों ने पेश याचिका दायर की है। ये लोग अपने भूखंडों पर निर्माण या मौजूदा निर्माणों में बदलाव करना चाहते हैं। इसके लिए उन्होंने याचिका दायर कर आवास एवं शहरी मंत्रालय को कमीशन की ओर से 2019 में जारी सिफारिशें लागू करने का निर्देश देने का आग्रह किया है।
याचिका में कहा गया है कि कमीशन की ओर से जारी सिफारिशों में से एक ये भी है कि लुटियन बंगला जोन से जोर बाग, गोल्फ लिंक, सुंदर नगर, बंगाली मार्केट, अशोक रोड, मंदिर मार्ग, पंचशील मार्ग, सरदार पटेल मार्ग और चाणक्यपुरी को अलग कर दिया जाना चाहिए।