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सुपरटेक केपटाउन सोसाइटी की सीबीआरआई करेगी जांच

Fri, 08 Oct 2021 01:57 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Fri, 08 Oct 2021 01:57 AM IST
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CBRI to investigate Supertech Cape Town Society
नोएडा। सेक्टर-74 स्थित सुपरटेक केपटाउन सोसाइटी की जांच सेंट्रल बिल्डिंग रिसर्च इंस्टीट्यूट (सीबीआरआई) करेगा। निवासियों ने सोसाइटी में होने वाली अलग-अलग दुर्घटनाओं के बाद प्राधिकरण से अपील की थी। इसके बाद प्राधिकरण ने यह कदम उठाया है।
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एओए के अध्यक्ष अरुण शर्मा के मुताबिक, किसी भी प्रकार के जानमाल के नुकसान से बचाव के लिए प्राधिकरण को तुरंत केपटाउन का फॉरेंसिक ऑडिट कराकर निर्माण की खामियों को दूर करना होगा अन्यथा प्राधिकरण, सरकार और बिल्डर को किसी बड़े हादसे की जिम्मेदारी लेने को तैयार रहना होगा। सोसाइटी में प्लास्टर गिरने, लिफ्ट फंसने, बेसमेंट में पानी के रिसाव, ईंट गिरने सहित कई प्रकार की दुर्घटनाएं हो चुकी हैं।
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प्राधिकरण से जांच की अपील करने के बाद टीम भी आई थी। इसके बाद बिल्डर को समय दिया गया, लेकिन बिल्डर ने काम पूरा नहीं किया। मामले में आईआईटी दिल्ली की टीम भी आने वाली थी, लेकिन बाद में एसीईओ नेहा शर्मा ने सीबीआरआई को पत्र लिखकर इसकी जांच करने को कहा है।
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45 पन्ने की रिपोर्ट के एक-एक बिंदुओं को खंगालेगी विजिलेंस की टीम
सुपरटेक ट्विन टावर के मामले में एसआईटी की 45 पन्ने की रिपोर्ट के आधार पर विजिलेंस में एफआईआर कराने के बाद अब जांच की प्रक्रिया शुरू होगी। इसमें विजिलेंस की ओर से रिपोर्ट के एक-एक बिंदुओं को खंगाला जाएगा। विजिलेंस की टीम आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र तैयार करेगी।
एसआईटी की रिपोर्ट के बाद विजिलेंस की टीम कभी भी नोएडा आ सकती है। यहां टीम की ओर से आरोपियों के बीच की जुगलबंदी को खंगाला जाएगा। इसके अलावा आर्थिक फायदा पहुंचाए जाने के पहलू पर भी जांच होगी। सभी आरोपियों से जुड़ी फाइलें खंगाली जाएंगी। इसमें सीईओ, एसीईओ, वित्त नियंत्रक, विधि अधिकारी समेत कई बड़े अधिकारियों पर लगाए गए आरोपों की गहन जांच होगी।
सूत्रों का कहना है कि अगर तत्कालीन सीईओ के ऊपर केस चलाने की नौबत आती है तो इसका नियमों के अंतर्गत स्पष्ट व्याख्या है। इसमें केस चलाए जाने में दिक्कत नहीं होगी। इसके अलावा आरोपियों के खिलाफ न्यायालय में वाद दायर करने के लिए अभियोजन स्वीकृति भी लेनी होगी। इसके बाद कोर्ट में केस चल सकता है।

एमरॉल्ड कोर्ट के पास ग्रीन बेल्ट की तार से घेराबंदी
प्राधिकरण की टीम ने बृहस्पतिवार को सेक्टर-93ए एमरॉल्ड कोर्ट के पास कब्जा मुक्त कराई गई ग्रीन बेल्ट की तार से घेराबंदी कर दी। शासन की ओर से कब्जे की जांच के आदेश भी दिए गए हैं। अधिकारियों ने बताया कि एमराल्ड कोर्ट की पार्किंग में खड़ी की गई दीवार को तोड़ने का काम बृहस्पतिवार को भी जारी रहा। काम शुक्रवार को पूरा होने की उम्मीद है। दीवार को तोड़ने के बाद 150 वाहन खड़े हो सकेंगे। एमरॉल्ड कोर्ट के निवासियों की ओर से इस दीवार को तोड़ने की अपील की गई थी। लोगों का आरोप है कि पार्किंग का यह क्षेत्र एमरॉल्ड कोर्ट का है और बिल्डर ने इसे जबरदस्ती ट्विन टावर के लिए आरक्षित कर रखा था।
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