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शाहबेरी में अवैध 4 फ्लैटों व 8 दुकानों पर चला बुलडोजर
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ग्रेटर नोएडा। प्राधिकरण की टीम ने शनिवार को शाहबेरी में कोर्ट से रोक के आदेश के बावजूद अवैध रूप से बन रहीं 8 दुकानों व 4 फ्लैटों को तोड़ दिया। शाहबेरी में कालोनाइजर प्राधिकरण की अधिसूचित जमीन पर फ्लैट और दुकानें बनाकर बेचने की कोशिश कर रहे थे।
प्राधिकरण के मुताबिक, शाहबेरी में अधिसूचित भूमि पर अवैध निर्माण की सूचना मिलने पर दोपहर बाद तीन बजे से कार्रवाई शुरू की गई। शाम 5 बजे तक 8 दुकानों व 4 फ्लैटों को बुलडोजर से तोड़ दिया गया। कोर्ट से स्टे आदेश होने के बावजूद यह निर्माण किया जा रहा था। परियोजना विभाग में वर्क सर्किल एक के प्रबंधक प्रभात शंकर के नेतृत्व में स्थानीय पुलिस की मदद से यह कार्रवाई की गई। महाप्रबंधक परियोजना एके अरोड़ा ने चेतावनी दी है कि प्राधिकरण के अनुसूचित एरिया में बिना अनुमति निर्माण करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सभी वर्क सर्किल टीम को अपने एरिया में नियमित निगरानी रखने और अवैध निर्माण मिलने पर तत्काल कार्रवाई करनी होगी। वहीं, प्राधिकरण के सीईओ व मेरठ मंडलायुक्त सुरेंद्र सिंह ने लोगों से अपील की है कि वह किसी भी अतिक्रमणकारी के चंगुल में न फंसें। निवेश करने से पहले प्राधिकरण से उस प्रोजेक्ट के बारे में पूरी जानकारी प्राप्त कर लें।
नौ लोगों की जान जाने के बाद से शिकायत कर रहे खरीदार
17 जुलाई 2018 की रात शाहबेरी में दो अवैध भवन गिरने से नौ लोगों की जान चली गई थी। इसके बाद शाहबेरी में अवैध निर्माण करने वालों पर पुलिस प्रशासन ने कार्रवाई शुरू की थी। उस दौरान मुख्यमंत्री ने अवैध निर्माण के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की भी सूची तैयार करने के निर्देश दिए थे। हालांकि, अब तक अवैध निर्माण के लिए दोषी अफसरों पर कार्रवाई नहीं की गई है। वहीं, कोर्ट से स्टे के बावजूद यहां न केवल अवैध निर्माण जारी है, बल्कि अवैध भवनों पर ऋण स्वीकृत किए जा रहे हैं और बड़ी संख्या में बैनामा किए जाने की शिकायत भी खरीदार लगातार करते रहे हैं।
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प्राधिकरण के मुताबिक, शाहबेरी में अधिसूचित भूमि पर अवैध निर्माण की सूचना मिलने पर दोपहर बाद तीन बजे से कार्रवाई शुरू की गई। शाम 5 बजे तक 8 दुकानों व 4 फ्लैटों को बुलडोजर से तोड़ दिया गया। कोर्ट से स्टे आदेश होने के बावजूद यह निर्माण किया जा रहा था। परियोजना विभाग में वर्क सर्किल एक के प्रबंधक प्रभात शंकर के नेतृत्व में स्थानीय पुलिस की मदद से यह कार्रवाई की गई। महाप्रबंधक परियोजना एके अरोड़ा ने चेतावनी दी है कि प्राधिकरण के अनुसूचित एरिया में बिना अनुमति निर्माण करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सभी वर्क सर्किल टीम को अपने एरिया में नियमित निगरानी रखने और अवैध निर्माण मिलने पर तत्काल कार्रवाई करनी होगी। वहीं, प्राधिकरण के सीईओ व मेरठ मंडलायुक्त सुरेंद्र सिंह ने लोगों से अपील की है कि वह किसी भी अतिक्रमणकारी के चंगुल में न फंसें। निवेश करने से पहले प्राधिकरण से उस प्रोजेक्ट के बारे में पूरी जानकारी प्राप्त कर लें।
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नौ लोगों की जान जाने के बाद से शिकायत कर रहे खरीदार
17 जुलाई 2018 की रात शाहबेरी में दो अवैध भवन गिरने से नौ लोगों की जान चली गई थी। इसके बाद शाहबेरी में अवैध निर्माण करने वालों पर पुलिस प्रशासन ने कार्रवाई शुरू की थी। उस दौरान मुख्यमंत्री ने अवैध निर्माण के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की भी सूची तैयार करने के निर्देश दिए थे। हालांकि, अब तक अवैध निर्माण के लिए दोषी अफसरों पर कार्रवाई नहीं की गई है। वहीं, कोर्ट से स्टे के बावजूद यहां न केवल अवैध निर्माण जारी है, बल्कि अवैध भवनों पर ऋण स्वीकृत किए जा रहे हैं और बड़ी संख्या में बैनामा किए जाने की शिकायत भी खरीदार लगातार करते रहे हैं।
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