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बिल्डर और खरीदार मिलकर पूरा करेंगे 1599 फ्लैटों का निर्माण
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ग्रेटर नोएडा। उत्तर प्रदेश भूसंपदा विनियामक प्राधिकरण (यूपी रेरा) ने तीन प्रोजेक्टों का निर्माण पूरा करने की अनुमति दे दी है। बिल्डर और खरीदार मिलकर इन प्रोजेक्ट के 1599 फ्लैट का निर्माण पूरा करेंगे। जून 2022 से अगस्त 2023 के बीच तीनों प्रोजेक्ट का निर्माण कार्य पूरा हो जाएगा। इसके बाद खरीदारों को उनके फ्लैट पर कब्जा मिलना शुरू होगा। गाजियाबाद क्रॉसिंग के पास एडविक होम्स प्राइवेट लिमिटेड बिल्डर का ला कासा (अंसल एक्वापॉलिस) प्रोजेक्ट है। बिल्डर ने वर्ष 2013 में बुकिंग शुरू की थी, लेकिन अभी तक खरीदारों को कब्जा नहीं दे सका। प्रोजेक्ट अधूरा है। जून, 2021 में प्रोजेक्ट का पंजीकरण भी खत्म हो चुका है। इसके बाद यूपी रेरा ने खरीदारों की एसोसिएशन और बिल्डर के साथ बैठक की। कई बार की बैठक के बाद दोनों मिलकर प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए तैयार हो गए हैं। अब यूपी रेरा ने एक टावर को पूरा करने की अनुमति दी है। एक टावर में 192 खरीदार हैं। इसको पूरा करने में 27 करोड़ रुपये का खर्च आएगा। जून, 2022 तक निर्माण पूरा हो जाएगा।
पांच साल बाद जगी है उम्मीद
ग्रेटर नोएडा में यूनिबेरा डेवलपर्स का यूनिबेरा टावर्स प्रोजेक्ट है। वर्ष 2016 में बिल्डर ने प्रोजेक्ट शुरू किया था, लेकिन पूरा नहीं कर सका। खरीदार कब्जा मिलने का इंतजार कर रहे हैं। प्रोजेक्ट के पांच टावर में 705 खरीदार हैं। नवंबर, 2019 में प्रोजेक्ट का यूपी रेरा में पंजीकरण भी खत्म हो चुका है। अब यूपी रेरा की अनुमति के बाद बिल्डर और खरीदार प्रोजेक्ट को पूरा करेंगे। इस पर 75 करोड़ की लागत आएगी और सितंबर, 2022 में निर्माण पूरा कर लिया जाएगा।
दो फेज में पूरा होगा 702 फ्लैटों का निर्माण
गाजियाबाद के क्रॉसिंग रिपब्लिक के पास डीएसडी होम्स बिल्डर का नोविना ग्रीन प्रोजेक्ट है। वर्ष 2013 में प्रोजेक्ट शुरू हुआ था। छह टावर में 702 खरीदार आठ साल से कब्जा मिलने का इंतजार कर रहे हैं। अक्तूबर, 2019 में प्रोजेक्ट का यूपी रेरा में पंजीकरण भी खत्म हो चुका है। 72 करोड़ की लागत से प्रोजेक्ट दो फेज जून 2023 व अगस्त 2023 में पूरा होगा।
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निर्माण पर यूपी रेरा रखेगा निगरानी
यूपी रेरा के सदस्य बलविंदर कुमार की अध्यक्षता में एक एडवाइजरी मॉनिटरिंग कमेटी बनी है। जो निर्माण पर निगरानी रखेगी। हर प्रोजेक्ट का एक अलग एस्क्रो अकाउंट खोला गया है। पूरा पैसा उस अकाउंट में जमा किया जाएगा और केवल प्रोजेक्ट को पूरा करने पर खर्च होगा। उन्होंने बताया कि कई अन्य प्रोजेक्टों पर भी इसी मॉडल पर काम शुरू कराया जाएगा। अन्य अधूरे प्रोजेक्टों को भी चिह्नित किया जा रहा है।
इसी तरह यहां चल रहा निर्माण कार्य
- जेपी कैलिप्सो कोर्ट
- जेपी नाइट कोर्ट
- एप्पल-7
- संपदा लीविया (केवल खरीदार के पास है जिम्मेदारी)
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पांच साल बाद जगी है उम्मीद
ग्रेटर नोएडा में यूनिबेरा डेवलपर्स का यूनिबेरा टावर्स प्रोजेक्ट है। वर्ष 2016 में बिल्डर ने प्रोजेक्ट शुरू किया था, लेकिन पूरा नहीं कर सका। खरीदार कब्जा मिलने का इंतजार कर रहे हैं। प्रोजेक्ट के पांच टावर में 705 खरीदार हैं। नवंबर, 2019 में प्रोजेक्ट का यूपी रेरा में पंजीकरण भी खत्म हो चुका है। अब यूपी रेरा की अनुमति के बाद बिल्डर और खरीदार प्रोजेक्ट को पूरा करेंगे। इस पर 75 करोड़ की लागत आएगी और सितंबर, 2022 में निर्माण पूरा कर लिया जाएगा।
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दो फेज में पूरा होगा 702 फ्लैटों का निर्माण
गाजियाबाद के क्रॉसिंग रिपब्लिक के पास डीएसडी होम्स बिल्डर का नोविना ग्रीन प्रोजेक्ट है। वर्ष 2013 में प्रोजेक्ट शुरू हुआ था। छह टावर में 702 खरीदार आठ साल से कब्जा मिलने का इंतजार कर रहे हैं। अक्तूबर, 2019 में प्रोजेक्ट का यूपी रेरा में पंजीकरण भी खत्म हो चुका है। 72 करोड़ की लागत से प्रोजेक्ट दो फेज जून 2023 व अगस्त 2023 में पूरा होगा।
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निर्माण पर यूपी रेरा रखेगा निगरानी
यूपी रेरा के सदस्य बलविंदर कुमार की अध्यक्षता में एक एडवाइजरी मॉनिटरिंग कमेटी बनी है। जो निर्माण पर निगरानी रखेगी। हर प्रोजेक्ट का एक अलग एस्क्रो अकाउंट खोला गया है। पूरा पैसा उस अकाउंट में जमा किया जाएगा और केवल प्रोजेक्ट को पूरा करने पर खर्च होगा। उन्होंने बताया कि कई अन्य प्रोजेक्टों पर भी इसी मॉडल पर काम शुरू कराया जाएगा। अन्य अधूरे प्रोजेक्टों को भी चिह्नित किया जा रहा है।
इसी तरह यहां चल रहा निर्माण कार्य
- जेपी कैलिप्सो कोर्ट
- जेपी नाइट कोर्ट
- एप्पल-7
- संपदा लीविया (केवल खरीदार के पास है जिम्मेदारी)