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ऐसे कैसे मिलेगा डिजिटल विवि का फायदा: बच्चों के पास पढ़ने को नहीं मोबाइल, अभाव में कई बच्चे स्कूल छोड़ बीन रहे कूड़ा
Wed, 02 Feb 2022 10:44 AM IST
पूजा त्रिपाठी
ओम सेठी, अमर उजाला, नोएडा
ओम सेठी, अमर उजाला, नोएडा
Published by: पूजा त्रिपाठी
Updated Wed, 02 Feb 2022 10:44 AM IST
सार
डिजिटल विश्वविद्यालय पर गरीब परिवारों का कहना है कि हमारे बच्चों के पास पढ़ने के लिए मोबाइल नहीं है और बात डिजिटल विवि बनाने की हो रही है। संसाधन के अभाव में कई बच्चे बीच में ही स्कूल छोड़कर कूड़ा बीनने को मजबूर हैं।
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पढ़ाई छोड़ कूड़ा बीनने को मजबूर साहिल और उसका भाई विजय, पेन बेच रही पूजा
- फोटो : राजन राय
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विस्तार
वित्तमंत्री ने बजट पेश करने के दौरान अपने भाषण में देश में डिजिटल विश्वविद्यालय की स्थापना की बात कही है। यह निर्णय शिक्षा को बढ़ावा देने के साथ ही कोरोना काल में शैक्षणिक संस्थानों के बंद होने से पढ़ाई में हुए नुकसान को देखते हुए लिया गया है।
सरकार के इस निर्णय को लेकर भी खासी चर्चा रही। सबसे अधिक गरीब तबका परेशान है। इनका कहना है कि हमारे बच्चों के पास पढ़ने के लिए मोबाइल नहीं है और बात डिजिटल विवि बनाने की हो रही है। संसाधन के अभाव में कई बच्चे बीच में ही स्कूल छोड़कर कूड़ा बीनने को मजबूर हैं। ऐसे में सरकार को पहले गरीब तबके को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना होगा, तभी डिजिटल विश्वविद्यालय का उद्देश्य साकार हो सकेगा।
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सरकार के इस निर्णय को लेकर भी खासी चर्चा रही। सबसे अधिक गरीब तबका परेशान है। इनका कहना है कि हमारे बच्चों के पास पढ़ने के लिए मोबाइल नहीं है और बात डिजिटल विवि बनाने की हो रही है। संसाधन के अभाव में कई बच्चे बीच में ही स्कूल छोड़कर कूड़ा बीनने को मजबूर हैं। ऐसे में सरकार को पहले गरीब तबके को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना होगा, तभी डिजिटल विश्वविद्यालय का उद्देश्य साकार हो सकेगा।
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लॉकडाउन के बाद से स्कूल नहीं जा सके साहिल और विजय, बीन रहे कूड़ा
बजट के दौरान वित्त मंत्री ने कहा कि पीएम ई-विद्या योजना के तहत एक चैनल एक क्लास को 12 से 200 टीवी चैनल तक बढ़ाया जाएगा। स्कूल छोड़कर कबाड़ बीनने वाले नौ वर्षीय साहिल का कहना है कि हर घर टीवी नहीं खरीद सकता है। साहिल के माता-पिता का कहना है कि सरकार को पहले गरीबों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना होगा, तभी इन योजनाओं का लाभ उन्हें मिल पाएगा। उन्होंने बताया कि साहिल का बड़ा भाई विजय भी कबाड़ बीनता है। लॉकडाउन के बाद से स्कूल नहीं गया है। हम अभी डिजिटल शिक्षा के लिए टीवी या मोबाइल खरीदने की स्थिति में नहीं है। साहिल ने पांचवीं और विजय ने आठवीं के बाद पढ़ना छोड़ दिया।
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