फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Noida News ›   B.Tech student of Sharda University committed suicide by hanging himself in the hostel

Noida News: शारदा विश्वविद्यालय के बीटेक छात्र ने हॉस्टल में फंदा लगाकर की आत्महत्या

Sat, 16 Aug 2025 09:14 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Sat, 16 Aug 2025 09:14 PM IST
विज्ञापन
B.Tech student of Sharda University committed suicide by hanging himself in the hostel
शारदा विश्वविद्यालय के बीटेक छात्र ने हॉस्टल में फंदा लगाकर की आत्महत्या
विज्ञापन

सुसाइड नोट में छात्र ने आत्महत्या के लिए खुद को जिम्मेदार ठहराया
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। नॉलेज पार्क-3 स्थित एचएमआर ब्वॉयज हॉस्टल में रहने वाले शारदा विश्वविद्यालय के बीटेक के छात्र ने शुक्रवार रात फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतक की पहचान मधुबनी कॉलोनी, पूर्णिया, बिहार के शिवम डे (24) के रूप में हुई है।
नॉलेज पार्क कोतवाली पुलिस ने हॉस्टल से एक सुसाइड नोट बरामद किया है, जिसमें छात्र ने आत्महत्या के लिए खुद को जिम्मेदार ठहराया है। वहीं परिजनों ने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय उनसे लगातार फीस लेता रहा कि लेकिन छात्र के कॉलेज नहीं आने के बारे में कोई जानकारी कभी नहीं दी। पिता कार्तिक चंद्र डे ने बताया कि वह पूर्णिया स्थित एक टायर फैक्टरी में सहायक मैनेजर हैं। परिवार में पत्नी कविता डे, छोटी पुत्री स्निग्धा के अलावा पुत्र शिवम डे था। शिवम ने 6 अगस्त 2022 को शारदा विश्वविद्यालय में बीटेक कंप्यूटर साइंस में दाखिला लिया था। शुक्रवार रात करीब आठ बजे उन्हें पुलिस और उसके दोस्तों से सूचना मिली कि शिवम ने हॉस्टल में कमरे में बेडशीट से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। बेटे के साथ रहने वाला उसका रूममेट जब कमरे में पहुंचा तो देखा कि अंदर का दरवाजा बंद है। उसने हॉस्टल वार्डन को सूचना दी। इसके बाद दरवाजा तोड़कर सभी लोग अंदर दाखिल हुए तो देखा कि शिवम पंखे से लटका है। उसे नीचे उतारकर कैलाश अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
विज्ञापन


पिता का कहना है कि पुत्र अगस्त 2023 से विश्वविद्यालय नहीं जा रहा था। उसकी कई पेपर में बैक थी। विश्वविद्यालय द्वारा पुत्र के विश्वविद्यालय में नहीं आने के बारे में उन्हें कभी नहीं बताया गया। उनसे विश्वविद्यालय लगातार फीस ले रहा था। पूर्व में अपनी मां से शिवम ने बताया था कि बैक की वजह से जब वह विश्वविद्यालय जाता था तो वहां के कुछ छात्र उसे तंग करते थे। उसी वजह से विश्वविद्यालय जाना छोड़ा था।
विज्ञापन
विज्ञापन

सुसाइड नोट में लिखीं यह बातें
यदि आप यह पढ़ रहे हैं तो मैं मर चुका हूं। मेरी मौत मेरा अपना निर्णय है। इसमें किसी का कोई हाथ नहीं है। मैं यह फैसला एक साल से सोच रहा था। यह दुनिया मेरे लिए नहीं है या शायद मैं इसके लायक नहीं हूं। मैं बस बेकार हूं। मेरी मौत के लिए पुलिस किसी को भी गिरफ्तार न करे, यह मेरा निवेदन है। शारदा विश्वविद्यालय से विशेष निवेदन है कि मेरे द्वारा जमा की गई अनउपयोगित फीस मेरे माता-पिता को वापस कर दी जाए, क्योंकि मैंने दूसरे वर्ष के बाद कॉलेज ज्वाइन ही नहीं किया। मैं ज्ञान नहीं, डिग्री चाहने वाला छात्र था... या शायद इस देश की शिक्षा प्रणाली के लायक ही नहीं था। अगर इस देश को महान बनना है, तो शिक्षा प्रणाली को सही करना होगा। मैं अपने अंग दान भी करना चाहता हूं, अगर वे काम करने लायक हों। मेरे सभी प्रियजनों से माफी चाहता हूं... मां-बाप, दादा-दादी, सभी से। मैं इस तनाव और दबाव को सहन नहीं कर पा रहा। माफ करना। डरो मत, मैं मरने के बाद किसी को परेशान नहीं करूंगा।
सत्र 2024-25 में नहीं कराया था पंजीकरणः विश्वविद्यालय
शारदा विश्वविद्यालय के निदेशक जनसंपर्क डॉ अजीत कुमार ने बताया कि शिवम कुमार डे ने सत्र 2022-23 में स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी के (सीएसई) कार्यक्रम में प्रवेश लिया था। सत्र 2023-24 में प्रथम वर्ष पूर्ण कर द्वितीय वर्ष में प्रवेश प्राप्त किया। मई-2024 में चौथे सेमेस्टर की नियमित परीक्षाओं के बाद सीजीपीए तृतीय वर्ष में प्रमोशन के लिए आवश्यक 5.0 के मानदंड तक नहीं पहुंच पाया। विश्वविद्यालय की मानक प्रक्रिया के अनुसार उसके मेंटर द्वारा उसे मार्गदर्शन प्रदान किया गया और समर टर्म के माध्यम से सुधार का अवसर उपलब्ध कराया गया। समर टर्म के परिणामों के बाद भी आवश्यक सीजीपीए प्राप्त न होने पर अगस्त 2024 में उसे विशेष परीक्षा का अतिरिक्त अवसर प्रदान किया गया। न्यूनतम मानदंड पूरे न होने की स्थिति में भी विश्वविद्यालय ने अपनी नीति के अनुरूप उसे मात्र 40 प्रतिशत शुल्क पर द्वितीय वर्ष में पुनः प्रवेश का विकल्प प्रदान किया। यद्यपि विश्वविद्यालय के खाते में शुल्क जमा कर दिया गया लेकिन सत्र 2024-25 में शिवम ने स्वयं को पुनः पंजीकृत नहीं कराया और न ही किसी कक्षा में सम्मिलित हुआ। इस दुखद घटना पर विश्वविद्यालय ने परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त की।



वर्जन

कैलाश अस्पताल से मेमो प्राप्त हुआ था कि छात्र ने आत्महत्या कर ली है। घटनास्थल से सुसाइड नोट बरामद हुआ है, जिसमें उसने किसी को भी जिम्मेदार नहीं ठहराया है। प्राथमिक जांच में पता चला है कि छात्र की कई विषयों में लगातार बैक आ रही थी। इस कारण वह तनाव में था। मामले की जांच की जाएगी। -सुधीर कुमार, एडीसीपी, ग्रेटर नोएडा
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed