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Noida News: कैदियों के हाथों में आई किताबें, बदल रहे जीवन दर्शन
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कैदियों के हाथों में आईं किताबें, बदल रहे जीवन दर्शन
- पिछले तीन साल में एनआईओएस से 10 हजार से ज्यादा कैदियों ने 10वीं और 12वीं के लिए कराया पंजीकरण
- जिले की लुक्सर जेल से 2023-2024 में यूपी बोर्ड से सिर्फ दो कैदियों ने दी इंटरमीडिएट की परीक्षा
- एनआईओएस से 10वीं और 12वीं की पढ़ाई करने वालों में पटना के कैदी सबसे आगे, दूसरे नंबर पर चड़ीगढ़, तीसरे नंबर पर दिल्ली
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। इनके दामन पर अपराध के दाग हैं। इनका नाम सुनकर अच्छे-अच्छे कांप जाते हैं। लेकिन अब इन कैदियों ने हथियार छोड़कर किताबों का दामन थाम लिया है और जीवन दर्शन बदलने का प्रयास कर रहे हैं। पिछले तीन साल में देशभर से राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान (एनआईओएस) में दस हजार से ज्यादा कैदियों ने 10वीं और 12वीं के लिए पंजीकरण कराया है। सबसे ज्यादा पटना के कैदियों ने पढ़ाई के लिए पंजीकरण कराया है। हालांकि जिले की लुक्सर जेल में सिर्फ यूपी बोर्ड से दो कैदियों ने परीक्षा दी।
राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान (एनआईओएस) की ओर से देशभर में कैदियों की शिक्षा के लिए सेंटर चलाए जा रहे हैं। कई कैदियों में पढ़ाई का जनून है। जेल में रहकर भी वो 10वीं और 12वीं करके कल को संवारने की कोशिश में लगे हैं। एनआईओएस की ओर से देश भर के 13 रिजनल सेंटरों में जेल में संचालित सेंटर पर 10394 कैदियों ने पंजीकरण कराया है।
चड़ीगढ़ के 2213 कैदियों ने कराया पंजीकरण
पटना में सबसे ज्यादा 3989 कैदियों ने 10वींं और 12वीं के लिए पंजीकृरण कराया। दूसरे नंबर पर चड़ीगढ़ के 2213 और तीसरे नंबर दिल्ली से 2110 कैदियों ने पंजीकरण कराया है। प्रयागराज में 197 कैदियों ने पंजीकरण कराया। वहीं, सबसे कम धर्मशाला में सिर्फ दो कैदियों ने ही पंजीकरण कराया है।
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महिलाओं ने कम कराया पंजीकरण
पिछले तीन सालाें में सिर्फ 267 महिला कैदियों ने पंजीकरण कराया है। हालांकि जेल में पुरुषों की तुलना में महिलाओं की संख्या कम है। 2023 में सबसे कम प्रयागराज में केवल पांच महिलाओं ने पंजीकरण कराया है।
अन्य बोर्ड की तुलना में एनआईओएस कैदियाें के लिए आसान
पिछले तीन सालों में शैक्षणिक सत्र बचाने के लिए एक लाख से ज्यादा छात्रों ने राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान में दाखिला लिया है। यह छात्र अलग-अलग बोर्ड में तीन से ज्यादा या सभी विषयों में फेल हो गए थे। पिछले तीन साल में एक लाख से ज्यादा ऐसे छात्रों ने आवेदन किया। हालांकि लुक्सर जेल में एनआईओएस का सेंटर नहीं है। यहां 10वीं और 12वीं करने वाले कैदी यूपी बोर्ड से पढ़ाई करते हैं।
अगर कोई कैदी 10वीं और 12वीं की पढ़ाई करना चाहता है तो यूपी बोर्ड में पढ़ाई के लिए आवेदन करते हैं। इस बार भी दो कैदियों ने यूपी बोर्ड से 12वीं की परीक्षा दी।
जेपी तिवारी, जेलर, लुक्सर
राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान समाज के सभी वर्गों तक शिक्षा पहुंचाने के लिए निरंतर प्रयत्नशील है। एक महत्वपूर्ण पहल यह है कि कारावास तक शिक्षा पहुंचाने के अवसर प्रदान किए जा हैं। बड़ी संख्या में कारावासी माध्यमिक तथा उच्चतर माध्यमिक पाठ्यक्रम पूरा कर रहे हैं। एनआईओएस उन्हें निशुल्क शिक्षा दे रहा है। क्योंकि अनेक कारावासी आर्थिक रूप से संपन्न नहीं होते। इस पहल से कारावासियों को मुख्य धारा में लाने में सफलता मिलेगी और वे समाज के लिए उपयोगी सिद्ध होंगे।
प्रो. सरोज शर्मा, अध्यक्ष, एनआईओएस
वर्ष 2021 2022 2023
कैदी 3350 3390 3651
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- पिछले तीन साल में एनआईओएस से 10 हजार से ज्यादा कैदियों ने 10वीं और 12वीं के लिए कराया पंजीकरण
- जिले की लुक्सर जेल से 2023-2024 में यूपी बोर्ड से सिर्फ दो कैदियों ने दी इंटरमीडिएट की परीक्षा
- एनआईओएस से 10वीं और 12वीं की पढ़ाई करने वालों में पटना के कैदी सबसे आगे, दूसरे नंबर पर चड़ीगढ़, तीसरे नंबर पर दिल्ली
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। इनके दामन पर अपराध के दाग हैं। इनका नाम सुनकर अच्छे-अच्छे कांप जाते हैं। लेकिन अब इन कैदियों ने हथियार छोड़कर किताबों का दामन थाम लिया है और जीवन दर्शन बदलने का प्रयास कर रहे हैं। पिछले तीन साल में देशभर से राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान (एनआईओएस) में दस हजार से ज्यादा कैदियों ने 10वीं और 12वीं के लिए पंजीकरण कराया है। सबसे ज्यादा पटना के कैदियों ने पढ़ाई के लिए पंजीकरण कराया है। हालांकि जिले की लुक्सर जेल में सिर्फ यूपी बोर्ड से दो कैदियों ने परीक्षा दी।
राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान (एनआईओएस) की ओर से देशभर में कैदियों की शिक्षा के लिए सेंटर चलाए जा रहे हैं। कई कैदियों में पढ़ाई का जनून है। जेल में रहकर भी वो 10वीं और 12वीं करके कल को संवारने की कोशिश में लगे हैं। एनआईओएस की ओर से देश भर के 13 रिजनल सेंटरों में जेल में संचालित सेंटर पर 10394 कैदियों ने पंजीकरण कराया है।
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चड़ीगढ़ के 2213 कैदियों ने कराया पंजीकरण
पटना में सबसे ज्यादा 3989 कैदियों ने 10वींं और 12वीं के लिए पंजीकृरण कराया। दूसरे नंबर पर चड़ीगढ़ के 2213 और तीसरे नंबर दिल्ली से 2110 कैदियों ने पंजीकरण कराया है। प्रयागराज में 197 कैदियों ने पंजीकरण कराया। वहीं, सबसे कम धर्मशाला में सिर्फ दो कैदियों ने ही पंजीकरण कराया है।
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महिलाओं ने कम कराया पंजीकरण
पिछले तीन सालाें में सिर्फ 267 महिला कैदियों ने पंजीकरण कराया है। हालांकि जेल में पुरुषों की तुलना में महिलाओं की संख्या कम है। 2023 में सबसे कम प्रयागराज में केवल पांच महिलाओं ने पंजीकरण कराया है।
अन्य बोर्ड की तुलना में एनआईओएस कैदियाें के लिए आसान
पिछले तीन सालों में शैक्षणिक सत्र बचाने के लिए एक लाख से ज्यादा छात्रों ने राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान में दाखिला लिया है। यह छात्र अलग-अलग बोर्ड में तीन से ज्यादा या सभी विषयों में फेल हो गए थे। पिछले तीन साल में एक लाख से ज्यादा ऐसे छात्रों ने आवेदन किया। हालांकि लुक्सर जेल में एनआईओएस का सेंटर नहीं है। यहां 10वीं और 12वीं करने वाले कैदी यूपी बोर्ड से पढ़ाई करते हैं।
अगर कोई कैदी 10वीं और 12वीं की पढ़ाई करना चाहता है तो यूपी बोर्ड में पढ़ाई के लिए आवेदन करते हैं। इस बार भी दो कैदियों ने यूपी बोर्ड से 12वीं की परीक्षा दी।
जेपी तिवारी, जेलर, लुक्सर
राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान समाज के सभी वर्गों तक शिक्षा पहुंचाने के लिए निरंतर प्रयत्नशील है। एक महत्वपूर्ण पहल यह है कि कारावास तक शिक्षा पहुंचाने के अवसर प्रदान किए जा हैं। बड़ी संख्या में कारावासी माध्यमिक तथा उच्चतर माध्यमिक पाठ्यक्रम पूरा कर रहे हैं। एनआईओएस उन्हें निशुल्क शिक्षा दे रहा है। क्योंकि अनेक कारावासी आर्थिक रूप से संपन्न नहीं होते। इस पहल से कारावासियों को मुख्य धारा में लाने में सफलता मिलेगी और वे समाज के लिए उपयोगी सिद्ध होंगे।
प्रो. सरोज शर्मा, अध्यक्ष, एनआईओएस
वर्ष 2021 2022 2023
कैदी 3350 3390 3651