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अंडरपास के ठेकेदार को ब्लैक लिस्ट का नोटिस
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नोएडा। नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे पर तीन अंडरपास निर्माणाधीन हैं। इनमें से एक अंडरपास का काम पूरी तरह से बंद है। इसके ठेकेदार को नोएडा प्राधिकरण की सीईओ रितु माहेश्वरी ने ब्लैक लिस्ट का नोटिस दिया है। वहीं, दो अंडरपास के काम का बजट बढ़ा हुआ बताया जा रहा है। अंडरपास के एस्टिमेट के मामले में कंसलटेंट दिल्ली इंटिग्रेटेड मल्टी मॉडल ट्रांजिट सिस्टम (डिम्ट्स) पर 25 लाख का जुर्माना लगाया गया है। साथ ही डिम्ट्स को प्राधिकरण में आजीवन काम न देने की संस्तुति की गई है।
दरअसल, नोएडा प्राधिकरण की ओर से एक्सप्रेसवे के महामाया फ्लाईओवर से 2.6 किलोमीटर, 10.5 और 19.4 किलोमीटर पर अंडरपास का काम किया जा रहा है। अंडरपास निर्माण का काम काफी दिन से चल रहा है। इसमें से 2.6 किलोमीटर पर निर्माणाधीन अंडरपास का काम छोड़कर ठेकेदार चला गया है। ऐसे में यहां का काम पूरी तरह से बंद है। इस मामले में सीईओ ने उक्त ठेकेदार को ब्लैक लिस्ट का नोटिस दिया है।
इसके अलावा 10.5 और 19.4 किलोमीटर पर निर्माणाधीन अंडरपास का काम भी काफी धीमी गति से चल रहा है। यहां के काम में बजट बढ़ने की बात सामने आ रही है। जब प्राधिकरण के अधिकारियों ने सीईओ को एस्टिमेट बढ़ने की बात बताई तो सीईओ ने इतने बढ़े हुए एस्टिमेट की स्वीकृति देने से मना कर दिया है। दोनों अंडरपास का निर्माण करीब 50-50 करोड़ की लागत से किया जा रहा है और इसमें करीब 15 प्रतिशत बजट बढ़ाने की अपील की गई थी। इसे मना कर दिया गया और केवल एक करोड़ रुपये अधिकतम की स्वीकृति दी गई है। इसके अलावा उनको समय विस्तार भी दिया गया है।
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इसके अलावा सीईओ ने प्राधिकरण की कई परियोजनाओं के लिए कंसलटेंट का काम कर रही संस्था डिम्ट्स पर 25 लाख का जुर्माना लगाया है। इसके अलावा इस संस्था से नोएडा प्राधिकरण के लिए आगे के कार्यों के काम कराने से मना कर दिया। अब यह संस्था प्राधिकरण के लिए कभी काम नहीं कर पाएगी।
30 अप्रैल तक काम पूरा नहीं हुआ तो लगेगा 75 लाख जुर्माना
एक्सप्रेसवे के रिसर्फेसिंग का काम कर रही एजेंसी पर काम में लेटलतीफी पर अब तक 97 लाख का जुर्माना लगाया जा चुका है। वहीं अगर 30 अप्रैल तक रिसर्फेसिंग का काम पूरा नहीं हुआ तो उक्त एजेंसी पर 75 लाख का जुर्माना और लगाया जाएगा। प्राधिकरण के अधिकारियों का कहना है कि इस मामले में कार्रवाई निश्चित है।
अंडरपास के ठेकेदार को ब्लैक लिस्ट का नोटिस दिया गया है। वहीं डिम्ट्स पर 25 लाख का जुर्माना लगाया गया है और उक्त एजेंसी से आगे काम नहीं लिया जाएगा। अगर कोई ठेकेदार काम करने से मना करता है तो उक्त ठेकेदार को ब्लैक लिस्ट किया जाएगा। साथ ही प्राधिकरण अधिकारियों पर भी कार्रवाई होगी। किसी भी परियोजना का मनचाहा बजट नहीं बढ़ पाएगा। अगर बढ़ाया जाता है तो इसके लिए नया टेंडर होगा।
-रितु माहेश्वरी, सीईओ, नोएडा प्राधिकरण
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दरअसल, नोएडा प्राधिकरण की ओर से एक्सप्रेसवे के महामाया फ्लाईओवर से 2.6 किलोमीटर, 10.5 और 19.4 किलोमीटर पर अंडरपास का काम किया जा रहा है। अंडरपास निर्माण का काम काफी दिन से चल रहा है। इसमें से 2.6 किलोमीटर पर निर्माणाधीन अंडरपास का काम छोड़कर ठेकेदार चला गया है। ऐसे में यहां का काम पूरी तरह से बंद है। इस मामले में सीईओ ने उक्त ठेकेदार को ब्लैक लिस्ट का नोटिस दिया है।
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इसके अलावा 10.5 और 19.4 किलोमीटर पर निर्माणाधीन अंडरपास का काम भी काफी धीमी गति से चल रहा है। यहां के काम में बजट बढ़ने की बात सामने आ रही है। जब प्राधिकरण के अधिकारियों ने सीईओ को एस्टिमेट बढ़ने की बात बताई तो सीईओ ने इतने बढ़े हुए एस्टिमेट की स्वीकृति देने से मना कर दिया है। दोनों अंडरपास का निर्माण करीब 50-50 करोड़ की लागत से किया जा रहा है और इसमें करीब 15 प्रतिशत बजट बढ़ाने की अपील की गई थी। इसे मना कर दिया गया और केवल एक करोड़ रुपये अधिकतम की स्वीकृति दी गई है। इसके अलावा उनको समय विस्तार भी दिया गया है।
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इसके अलावा सीईओ ने प्राधिकरण की कई परियोजनाओं के लिए कंसलटेंट का काम कर रही संस्था डिम्ट्स पर 25 लाख का जुर्माना लगाया है। इसके अलावा इस संस्था से नोएडा प्राधिकरण के लिए आगे के कार्यों के काम कराने से मना कर दिया। अब यह संस्था प्राधिकरण के लिए कभी काम नहीं कर पाएगी।
30 अप्रैल तक काम पूरा नहीं हुआ तो लगेगा 75 लाख जुर्माना
एक्सप्रेसवे के रिसर्फेसिंग का काम कर रही एजेंसी पर काम में लेटलतीफी पर अब तक 97 लाख का जुर्माना लगाया जा चुका है। वहीं अगर 30 अप्रैल तक रिसर्फेसिंग का काम पूरा नहीं हुआ तो उक्त एजेंसी पर 75 लाख का जुर्माना और लगाया जाएगा। प्राधिकरण के अधिकारियों का कहना है कि इस मामले में कार्रवाई निश्चित है।
अंडरपास के ठेकेदार को ब्लैक लिस्ट का नोटिस दिया गया है। वहीं डिम्ट्स पर 25 लाख का जुर्माना लगाया गया है और उक्त एजेंसी से आगे काम नहीं लिया जाएगा। अगर कोई ठेकेदार काम करने से मना करता है तो उक्त ठेकेदार को ब्लैक लिस्ट किया जाएगा। साथ ही प्राधिकरण अधिकारियों पर भी कार्रवाई होगी। किसी भी परियोजना का मनचाहा बजट नहीं बढ़ पाएगा। अगर बढ़ाया जाता है तो इसके लिए नया टेंडर होगा।
-रितु माहेश्वरी, सीईओ, नोएडा प्राधिकरण