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Noida News: प्रधानमंत्री की अपील के बाद 30 फीसदी बढ़ा साइकिल कारोबार

Tue, 02 Jun 2026 06:43 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Tue, 02 Jun 2026 06:43 PM IST
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Bicycle Business Grows by 30% Following Prime Minister's Appeal
विश्व साइकिल दिवस
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प्रधानमंत्री की अपील के बाद 30 फीसदी बढ़ा साइकिल कारोबार

खूब बिक रहीं साइकिलें, बाजार में 5 से 50 हजार तक की साइकिलें उपलब्ध
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। शहरवासी अब खुद के स्वास्थ्य को बेहतर रखने और प्रधानमंत्री की अपील के बाद साइकिलिंग को अपना रहे हैं। यही कारण है कि साइकिल कारोबार में 30 फीसदी तक का उछाल देखने को मिला है।
व्यापारियों के अनुसार, शहर में लग्जरी बाइक और कारों का ही नहीं बल्कि यहां के लोग लग्जरी साइकिलों का भी शौक रखते हैं। पांच हजार से लेकर करीब एक लाख तक की साइकिलों का उपयोग करते हैं। सेक्टर-9 स्थित साइकिल स्टोर के मालिक राजेश ने बताया कि उनके पास 5 हजार से लेकर 15 हजार रुपये तक की साइकिलें उपलब्ध हैं। युवा सबसे ज्यादा गियर वाली साइकिलों को लेना पसंद करते हैं। वहीं रोजमर्रा के लिए साइकिलिंग करने वाले लोग लंबे समय तक चलने वाली मजबूत बनावटी टिकाऊ साइकिलों को खरीदना पसंद करते हैं। इसी तरह सेक्टर 52 के साइकिल व्यापारी सुरेश ने बताया कि आजकल लोग अपने बच्चों के लिए भी सबसे ज्यादा साइकिल ही खरीदते हैं, क्योंकि वाहन चलाने की सबसे पहली सीढ़ी साइकिल से ही शुरू होती है, जो धीमी गति, संयमित करने और दोपहिया वाहन चलाने, खुद का भार मैनेज करने में सहायता प्रदान करती है।
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तीन तरह की आती हैं साइकिलें
साइकिल व्यापारी के अनुसार, मार्केट में तीन तरह की साइकिलें आती हैं, जो आमतौर पर साइकिलिस्ट चलाते हैं। इनमें पहली माउंटेन बाइक, दूसरी रोड बाइक और तीसरी हाईब्रिड बाइक। सबसे महंगी रेंज में रोड बाइकें (साइकिलें) आती हैं, जिनकी कीमत 40 हजार से लेकर एक लाख और उससे ज्यादा भी होती है। इनके टायर आमतौर पर कम चौड़ाई वाले लंबे होते हैं, जिससे यह एक्सप्रेसवे जैसे चमचमाती रोड पर पूरी रफ्तार से साथ दौड़ती है। इसी तरह माउंटेन बाइकें 5-7 हजार से एक लाख तक के बीच में आती हैं। इनके टायर चौड़े होते हैं, यह खासकर ऑफ रोडिंग, खुरदरे स्थान के लिए तैयार की जाती हैं, जहां पर साइकिलिंग करना बेहद मुश्किल होता है। इसके बाद आती हैं हाईब्रिड बाइकें, जिनके टायर दोनों ही तरह की साइकिलों से सबसे अलग होते हैं। इन्हें दोनों ही तरह की रोड पर चलाया जा सकता है, इनकी रेंज भी महंगी होती है।
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60 हजार की साइकिल से चलते हैं राजीव
सेक्टर-50 निवासी राजीव सिंह की उम्र 60 साल से अधिक है लेकिन साइकिलिंग से फिट हुए उनके शरीर को देखकर उनकी उम्र का अंदाजा लगाना भी कठिन है। उन्होंने बताया कि उनके साथ हर उम्र के लोग जुड़ रहे हैं। खासकर तब जब पीएम मोदी ने पेट्रोल डीजल बचाने का आग्रह किया है। उनके साथ फिलहाल 50 से ज्यादा ऐेसे शहरवासी हैं जो उनके साइकिलिंग के ग्रुप से जुड़े हैं। उनका कहना है कि उनका ग्रुप रोजाना के हर छोटे मोटे यानी करीब पांच किलोमीटर के दायरे वाले काम के लिए साइकिलिंग का ही सहारा लेते हैं। वह खुद 60 हजार की हाईब्रिड श्रेणी वाली साइकिल चलाते हैं।


10 साल में जुड़े 200 से ज्यादा शहरवासी
सेक्टर-34 निवासी धर्मेंद्र शर्मा ने बताया कि उन्होंने खुद को फिट रखने के लिए दस साल पहले ही साइकिलिंग शुरू कर दी थी। पैशन इतना बढ़ा कि एक महंगी साइकिल खरीदी और धीरे-धीरे करके एक बड़ा समूह बनता चला गया, जिसके साथ साइकिलिंग करना शुरू किया। नोएडा से दिल्ली तक दौड़ लगाई। उन्होंने बताया कि ग्रुप में बेहद कम उम्र से लेकर 40-50 साल तक के लोग भी जुड़ रहे हैं। अब तक 200 से ज्यादा लोग जुड़ चुके हैं।
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