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Noida News: जिम हो या खेल का मैदान...सावधानी हटी तो दुर्घटना घटी

Sun, 11 Jun 2023 12:52 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Sun, 11 Jun 2023 12:52 AM IST
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Be it a gym or a playground, accidents happen if caution is lost.
जिम हो या खेल का मैदान...सावधानी हटी तो दुर्घटना घटी
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- डॉक्टर बोले-इस तरह की गतिविधियों में शामिल होने वाले जरूर कराएं हार्ट स्कैन

माई सिटी रिपोर्टर

नोएडा। हाल के दिनों में जिम में एक्सरसाइज और मैदान में खेल के दौरान दिल का दौरा पड़ने से मौत के कई मामले सामने आए हैं। फिटनेस को लेकर सतर्क रहने वाली कई हस्तियां और युवा एथलीट के दिल ने भी अचानक से धोखा दिया है। इस बाबत चिकित्सक कहते हैँ कि जिम हो या खेल का मैदान, इसका हिस्सा बनने से पहले हर व्यक्ति को एक बार अपने हार्ट का स्कैन जरूर कराना चाहिए।

मेट्रो अस्पताल के वरिष्ठ काॅर्डियोलॉजिस्ट डॉ. समीर गुप्ता बताते हैं कि किसी ऐसे व्यक्ति के लिए, जिसने कभी व्यायाम नहीं किया है या आमतौर पर हल्का वर्कआउट करते हैं तो उन्हें कार्डियक टेस्ट कराने की जरूरत नहीं हैं। लेकिन तेज चलना या तैरना या ट्रेड मील पर दौड़ने जैसी एक्सरसाइज करने वालों को अलर्ट रहना चाहिए। साथ ही हार्ट स्कैन जरूर कराना चाहिए। यदि परिवार में दिल से संबंधित बीमारियों का इतिहास है तो ज्यादा सचेत रहने की जरूरत है। आमतौर पर 30-35 वर्ष की आयु के बाद लोगों को ईसीजी, ईको, टीएमटी, ईको टेस्ट करा लेना चाहिए ताकि दिल से संबंधित सभी गतिविधियों के बारे में पता चल सकें। समय समय पर मधुमेह की जांच भी कराना चाहिए। यदि लगातार उच्च रक्तचाप की समस्या है तो जिम और खेल के मैदान में अधिक सावधानी बरतनी चाहिए।
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कोविड के बाद बढ़ा दिल को खतरा

एसोसिएशन ऑफ फिजिशियन ऑफ इंडिया के नोएडा चैप्टर चेयरमैन डॉ. एके शुक्ला बताते हैं कि जिन लोगों की कोविड हिस्ट्री रही है, उन्हें दिल की बीमारी का जोखिम बढ़ा है। पोस्ट कोविड मरीजों का दिल 10 से 20 प्रतिशत तक कंप्रोमाइज स्टेज पर आंका गया है। साथ ही, पल्स जनरेशन में बदलाव भी आया है। आमतौर पर जिम और खेल के मैदान में हम अपने आप को शत-प्रतिशत फिट मानते हैं, लेकिन यह सोचना गलत भी हो सकता है। खेल और व्यायाम करने से पहले कार्डियक फिटनेस टेस्ट जरूर कराना चाहिए। इस तरह की गतिविधियों से पहले जरूरी है कि अपना स्टेमिना जानें। व्यायाम शरीर की क्षमता को ध्यान में रखकर ही करें। अकसर लोग ज्यादा व्यायाम कर लेते हैं और शरीर के हाइड्रेशन और आराम का ध्यान नहीं रखते, जो दिल पर तनाव बढ़ाता है।
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दिल को जोखिम की वजह

खेल और व्यायाम के दौरान दिल का दौरा आमतौर पर धमनियों में कैल्सिफिकेशन के कारण होता है। हार्ट की कोरोनरी आर्टरी के संकरे होने के कारण रक्त संचरण में बाधा आती है और इस कारण से हार्ट अटैक खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में जिम और खेल के मैदान में क्षमता से अधिक शरीर पर दबाव डालने से से दिल पर दबाव बढ़ जाता है।




इन बातों का रखें ध्यान

- दिल की आर्टरीज में एरीथेमैटस प्लार्क (वसा की जमावट) के ज्यादा एक्सरसाइज करने से फटने का खतरा बढ़ जाता है जिसकी वजह से हार्ट अटैक आ सकता है। ऐसे में 40 की उम्र पार करने के बाद लोगों को ध्यान रखकर कसरत करनी चाहिए।

-जरूरत से ज्यादा तनाव और नींद की कमी से जूझ रहे लोगों में हार्ट अटैक का खतरा ज्यादा होता है। आजकल लाइफस्टाइल बदलने के साथ ही लोग कम नींद ले रहे हैं और स्ट्रेस ज्यादा लेने लगे हैं जो हार्टअटैक को न्योता देने का काम कर रहा है।
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