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Noida News: जागरूकता व व्यावसायिक विकास शृंखला का आयोजन
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फोटो
-प्रकोष्ठों द्वारा निभाई गई भूमिका और मानवाधिकार शिकायतों और कानूनी कार्यवाही से निपटने के दौरान आने वाली व्यावहारिक चुनौतियों के बारे में जानकारी प्रदान की गई
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। गौतमबुद्ध विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ लॉ जस्टिस एंड गवर्नेंस द्वारा विधि सहायता क्लिनिक एवं प्रो बोनो क्लब के अंतर्गत विधायी जागरूकता और व्यावसायिक विकास शृंखला का आयोजन किया गया। पहला सत्र, जिसका शीर्षक कार्य में मानवाधिकार, मानवाधिकार संरक्षण अधिनियम और राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की भूमिका को समझना रहा। उन्होंने एनएचआरसी के कामकाज और संरचना, आयोग के विभिन्न विभागों और प्रकोष्ठों द्वारा निभाई गई भूमिका और मानवाधिकार शिकायतों एवं कानूनी कार्यवाही से निपटने के दौरान आने वाली व्यावहारिक चुनौतियों के बारे में जानकारी प्रदान की। अकादमिक जगत और व्यावहारिक क्षेत्र के बीच की खाई को पाटना, दिल्ली उच्च न्यायालय और भारत के सर्वोच्च न्यायालय में कार्यरत अधिवक्ता गार्गी शर्मा द्वारा संचालित किया गया। उन्होंने विधि पेशे में निरंतर प्रयास, अनुशासन और कौशल विकास के महत्व पर प्रकाश डाला और छात्रों को मुकदमेबाजी, कॉर्पोरेट क्षेत्र, न्यायपालिका और कानूनी अभ्यास सहित विभिन्न कैरियर विकल्पों के बारे में मार्गदर्शन दिया। इस मौके पर कुलपति प्रो. राणा प्रताप सिंह, डीन डॉ. केके द्विवेदी, विभागाध्यक्ष डॉ. सतीश चंद्र, कार्यक्रम समन्वयक डॉ. संतोष कुमार तिवारी और डॉ. अनीता यादव आदि मौजूद रहे।
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-प्रकोष्ठों द्वारा निभाई गई भूमिका और मानवाधिकार शिकायतों और कानूनी कार्यवाही से निपटने के दौरान आने वाली व्यावहारिक चुनौतियों के बारे में जानकारी प्रदान की गई
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। गौतमबुद्ध विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ लॉ जस्टिस एंड गवर्नेंस द्वारा विधि सहायता क्लिनिक एवं प्रो बोनो क्लब के अंतर्गत विधायी जागरूकता और व्यावसायिक विकास शृंखला का आयोजन किया गया। पहला सत्र, जिसका शीर्षक कार्य में मानवाधिकार, मानवाधिकार संरक्षण अधिनियम और राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की भूमिका को समझना रहा। उन्होंने एनएचआरसी के कामकाज और संरचना, आयोग के विभिन्न विभागों और प्रकोष्ठों द्वारा निभाई गई भूमिका और मानवाधिकार शिकायतों एवं कानूनी कार्यवाही से निपटने के दौरान आने वाली व्यावहारिक चुनौतियों के बारे में जानकारी प्रदान की। अकादमिक जगत और व्यावहारिक क्षेत्र के बीच की खाई को पाटना, दिल्ली उच्च न्यायालय और भारत के सर्वोच्च न्यायालय में कार्यरत अधिवक्ता गार्गी शर्मा द्वारा संचालित किया गया। उन्होंने विधि पेशे में निरंतर प्रयास, अनुशासन और कौशल विकास के महत्व पर प्रकाश डाला और छात्रों को मुकदमेबाजी, कॉर्पोरेट क्षेत्र, न्यायपालिका और कानूनी अभ्यास सहित विभिन्न कैरियर विकल्पों के बारे में मार्गदर्शन दिया। इस मौके पर कुलपति प्रो. राणा प्रताप सिंह, डीन डॉ. केके द्विवेदी, विभागाध्यक्ष डॉ. सतीश चंद्र, कार्यक्रम समन्वयक डॉ. संतोष कुमार तिवारी और डॉ. अनीता यादव आदि मौजूद रहे।
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