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Noida News: गामा रेडिएशन सेंटर की स्थापना के लिए ब्रिट के साथ हुआ एमओयू
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-यीडा को तकनीकी सहयोग देगी ब्रिट, मेडिकल डिवाइस को सुरक्षित बनाने के लिए जरूरी लैब
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। यमुना सिटी के मेडिकल डिवाइस पार्क (एमडीपी) में अंतरराष्ट्रीय मानकों को पूरा करते हुए गामा रेडिएशन सेंटर बनाया जाना है। इस लैब की जरूरत मेडिकल डिवाइस को जैविक रूप से सुरक्षित बनाए जाने के लिए होती है। यमुना प्राधिकरण ने परमाणु ऊर्जा विभाग की सहयोगी संस्था बोर्ड ऑफ रेडिएशन एंड आइसोटोप टेक्नोलॉजी (ब्रिट) के साथ इसके लिए एमओयू साइन किया है।
सीईओ राकेश कुमार सिंह का कहना है कि ब्रिट के साथ एमओयू होने से अब गामा रेडिएशन सेंटर पर काम शुरू हो सकेगा। ब्रिट के सहयोग से उच्च तकनीक और सुरक्षा मानकों को यहां पूरा किया जा सकेगा। इस सेंटर के विकास ब्रिट की निगरानी में होगा। वहीं ब्रिट की टीम नियमित अंतराल पर लैब बनने के बाद भी नियमित निरीक्षण करेगी। गामा रेडिएशन सेंटर मेडिकल उपकरणों के परीक्षण, स्टरलाइजेशन और गुणवत्ता नियंत्रण के लिए अहम भूमिका निभाएगा। यह सेंटर न केवल घरेलू जरूरतों को पूरा करेगा, बल्कि भविष्य में मेडिकल डिवाइस उद्योग को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने में भी मददगार साबित होगा।
अधिकारियों का कहना है कि इस लैब के बनने के बाद मेडिकल डिवाइस पार्क में निर्माण करने वाली कंपनियों को विदेशों की लैब पर निर्भर नहीं रहना होगा। ब्रिट इस सेंटर की लागत, संचालन मॉडल पर भी काम करेगी। इससे लैब को दीर्घकालिक रूप से मजबूत और टिकाऊ बनाया जा सकेगा। वहीं, मेडिकल डिवाइस पार्क को प्रदेश में स्वास्थ्य और औद्योगिक विकास का एक बड़ा केंद्र बनाने की दिशा में यह कदम महत्वपूर्ण साबित होगा।
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माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। यमुना सिटी के मेडिकल डिवाइस पार्क (एमडीपी) में अंतरराष्ट्रीय मानकों को पूरा करते हुए गामा रेडिएशन सेंटर बनाया जाना है। इस लैब की जरूरत मेडिकल डिवाइस को जैविक रूप से सुरक्षित बनाए जाने के लिए होती है। यमुना प्राधिकरण ने परमाणु ऊर्जा विभाग की सहयोगी संस्था बोर्ड ऑफ रेडिएशन एंड आइसोटोप टेक्नोलॉजी (ब्रिट) के साथ इसके लिए एमओयू साइन किया है।
सीईओ राकेश कुमार सिंह का कहना है कि ब्रिट के साथ एमओयू होने से अब गामा रेडिएशन सेंटर पर काम शुरू हो सकेगा। ब्रिट के सहयोग से उच्च तकनीक और सुरक्षा मानकों को यहां पूरा किया जा सकेगा। इस सेंटर के विकास ब्रिट की निगरानी में होगा। वहीं ब्रिट की टीम नियमित अंतराल पर लैब बनने के बाद भी नियमित निरीक्षण करेगी। गामा रेडिएशन सेंटर मेडिकल उपकरणों के परीक्षण, स्टरलाइजेशन और गुणवत्ता नियंत्रण के लिए अहम भूमिका निभाएगा। यह सेंटर न केवल घरेलू जरूरतों को पूरा करेगा, बल्कि भविष्य में मेडिकल डिवाइस उद्योग को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने में भी मददगार साबित होगा।
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अधिकारियों का कहना है कि इस लैब के बनने के बाद मेडिकल डिवाइस पार्क में निर्माण करने वाली कंपनियों को विदेशों की लैब पर निर्भर नहीं रहना होगा। ब्रिट इस सेंटर की लागत, संचालन मॉडल पर भी काम करेगी। इससे लैब को दीर्घकालिक रूप से मजबूत और टिकाऊ बनाया जा सकेगा। वहीं, मेडिकल डिवाइस पार्क को प्रदेश में स्वास्थ्य और औद्योगिक विकास का एक बड़ा केंद्र बनाने की दिशा में यह कदम महत्वपूर्ण साबित होगा।
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