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सभी अस्पतालों को हर तीन दिन में देनी होगी डेंगू की रिपोर्ट
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नोएडा। उत्तर प्रदेश के कई जिलों में जानलेवा बुखार के बढ़ते प्रकोप के बीच गौतमबुद्ध नगर को हाई रिस्क जोन में रखा गया है। डेंगू, मलेरिया, वायरल से निपटने की तैयारियों को परखने के लिए सोमवार को जांच टीम ने तीन स्वास्थ्य केंद्रों का जायजा लिया। इस दौरान डोर टू डोर सर्वे से लेकर इन केंद्रों में उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं का मूल्यांकन किया गया। समीक्षा बैठक के दौरान सभी अस्पतालों से हर तीन दिन में डेंगू, मलेरिया के मरीजों की रिपोर्ट लेने के निर्देश दिए गए।
स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त निदेशक डॉ. सचिन वैश्य को नोडल अधिकारी बनाकर दो दिवसीय दौरे के लिए गौतमबुद्ध नगर भेजा गया है। सोमवार सुबह करीब 11 बजे सेक्टर-39 स्थित सीएमओ कार्यालय में उन्होंने सीएमओ डॉ. सुनील कुमार शर्मा के अलावा अन्य अधिकारियों के साथ बैठक की। इसके बाद दोपहर करीब 12 बजे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) बरौला का दौरा करने पहुंची जांच टीम ने एंटी लार्वा गतिविधियों, डोर टू डोर सर्वे के डेंगू वार्ड का स्थलीय निरीक्षण किया। करीब 45 मिनट तक जांच टीम ने सीएचसी में स्वास्थ्य सुविधाओं का मूल्यांकन किया।
दोपहर करीब 1 बजे मामूरा स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) पहुंची जांच टीम ने एएनएम व आशा कर्मचारियों से डोर टू डोर सर्वे की जानकारी ली। दोपहर करीब 2 बजे होशियापुर स्वास्थ्य केंद्र जाकर तैयारियों को जायजा लिया। डॉ. सचिन वैश्य ने बताया कि निरीक्षण में सीएचसी व पीएचसी स्तर पर डेंगू मरीजों के लिए बेड की सुविधा मिली। एंटी लार्वा गतिविधियां भी दुरुस्त मिलीं। स्वास्थ्य केंद्रों का रजिस्टर भी जांचा गया और मरीजों से भी बातचीत की गई। जांच टीम में डॉ. चंदन सोनी व इंस्पेक्टर रजनीश मौजूद रहे। मंगलवार को भी टीम स्वास्थ्य केंद्रों पर पहुंचेगी। हेल्पडेस्क, वेंटिलेटर बेड, ऑक्सीजन सिलिंडर व कंसंट्रेटर, नियंत्रण कक्ष, पैथोलॉजी जांच से लेकर एंबुलेंस सेवाओं तक की जांच करेगी।
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अस्पतालों से समय पर नहीं मिल रही जानकारी
जिले में निजी अस्पतालों में डेंगू संदिग्ध मरीजों का इलाज चल रहा है। चाइल्ड पीजीआई में पांच डेंगू पीड़ित बच्चों का इलाज करने के बाद छुट्टी दे दी गई। ग्रेटर नोएडा जिम्स में डेंगू के मामलों की पुष्टि हो चुकी है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग को इसकी समय से जानकारी नहीं मिली।
स्वाइन फ्लू वार्ड बनाने की जरूरत
हालांकि, जिले में स्वाइन फ्लू के मरीज की पुष्टि स्वास्थ्य विभाग ने नहीं की है, लेकिन संयुक्त निदेशक ने जिला स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों अस्पताल व स्वास्थ्य केंद्रों को इसके लिए भी तैयारी के निर्देश दिए हैं। इसके लिए अलग से वार्ड तैयार करने को कहा गया है।
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स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त निदेशक डॉ. सचिन वैश्य को नोडल अधिकारी बनाकर दो दिवसीय दौरे के लिए गौतमबुद्ध नगर भेजा गया है। सोमवार सुबह करीब 11 बजे सेक्टर-39 स्थित सीएमओ कार्यालय में उन्होंने सीएमओ डॉ. सुनील कुमार शर्मा के अलावा अन्य अधिकारियों के साथ बैठक की। इसके बाद दोपहर करीब 12 बजे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) बरौला का दौरा करने पहुंची जांच टीम ने एंटी लार्वा गतिविधियों, डोर टू डोर सर्वे के डेंगू वार्ड का स्थलीय निरीक्षण किया। करीब 45 मिनट तक जांच टीम ने सीएचसी में स्वास्थ्य सुविधाओं का मूल्यांकन किया।
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दोपहर करीब 1 बजे मामूरा स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) पहुंची जांच टीम ने एएनएम व आशा कर्मचारियों से डोर टू डोर सर्वे की जानकारी ली। दोपहर करीब 2 बजे होशियापुर स्वास्थ्य केंद्र जाकर तैयारियों को जायजा लिया। डॉ. सचिन वैश्य ने बताया कि निरीक्षण में सीएचसी व पीएचसी स्तर पर डेंगू मरीजों के लिए बेड की सुविधा मिली। एंटी लार्वा गतिविधियां भी दुरुस्त मिलीं। स्वास्थ्य केंद्रों का रजिस्टर भी जांचा गया और मरीजों से भी बातचीत की गई। जांच टीम में डॉ. चंदन सोनी व इंस्पेक्टर रजनीश मौजूद रहे। मंगलवार को भी टीम स्वास्थ्य केंद्रों पर पहुंचेगी। हेल्पडेस्क, वेंटिलेटर बेड, ऑक्सीजन सिलिंडर व कंसंट्रेटर, नियंत्रण कक्ष, पैथोलॉजी जांच से लेकर एंबुलेंस सेवाओं तक की जांच करेगी।
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अस्पतालों से समय पर नहीं मिल रही जानकारी
जिले में निजी अस्पतालों में डेंगू संदिग्ध मरीजों का इलाज चल रहा है। चाइल्ड पीजीआई में पांच डेंगू पीड़ित बच्चों का इलाज करने के बाद छुट्टी दे दी गई। ग्रेटर नोएडा जिम्स में डेंगू के मामलों की पुष्टि हो चुकी है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग को इसकी समय से जानकारी नहीं मिली।
स्वाइन फ्लू वार्ड बनाने की जरूरत
हालांकि, जिले में स्वाइन फ्लू के मरीज की पुष्टि स्वास्थ्य विभाग ने नहीं की है, लेकिन संयुक्त निदेशक ने जिला स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों अस्पताल व स्वास्थ्य केंद्रों को इसके लिए भी तैयारी के निर्देश दिए हैं। इसके लिए अलग से वार्ड तैयार करने को कहा गया है।