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Noida News: बिसरख सीएचसी के चिकित्सा अधीक्षक पर आरोप, जांच की मांग
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-शिकायतकर्ता ने मुख्यमंत्री समेत अधिकारियों को भेजा पत्र
-चिकित्सा अधीक्षक ने आरोपों को बताया बेबुनियाद
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। बिसरख सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) के चिकित्सा अधीक्षक के खिलाफ शिकायत कर जांच और कार्रवाई की मांग की गई है। शिकायतकर्ता एडवोकेट तरुण ने मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश को पत्र भेजकर मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने का अनुरोध किया है। शिकायत की प्रतिलिपि उप मुख्यमंत्री, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री, प्रमुख सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग, महानिदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, जिलाधिकारी और मुख्य चिकित्साधिकारी गौतमबुद्ध नगर को भी भेजी गई है।
शिकायत में बिसरख सीएचसी के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सचिंद्र मिश्रा के कार्यकाल में वित्तीय अनियमितता, सरकारी योजनाओं में गड़बड़ी और मरीजों से कथित अवैध वसूली समेत कई आरोप लगाए गए हैं। शिकायतकर्ता ने प्रयोगशाला जांच, प्रसव कक्ष और रोगी कल्याण समिति की धनराशि के कथित गलत इस्तेमाल का भी आरोप लगाया है। इसके अलावा कथित फर्जी मेडिको-लीगल मामलों और अनधिकृत निजी चिकित्सा प्रतिष्ठानों से संबंधित शिकायतों का भी उल्लेख किया गया है। शिकायतकर्ता ने इसे गंभीर मामला बताते हुए समयबद्ध जांच और वित्तीय ऑडिट कराने की मांग की है।
आरोपों को बताया बेबुनियाद-
बिसरख सीएचसी के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सचिंद्र मिश्रा ने शिकायत में लगाए गए सभी आरोपों को बेबुनियाद बताया। उन्होंने कहा कि निजी कारणों से शिकायत की गई है और उसे विस्तृत रूप दिया गया है। आरोपों में कोई सच्चाई नहीं है।
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कोट-
उच्च अधिकारी के खिलाफ शिकायत करने पर सामान्य तौर पर शपथपत्र और कुछ साक्ष्य भी दिए जाने चाहिए। इस शिकायत में ऐसा कुछ नहीं है। प्रथम दृष्टया यह आपसी मनमुटाव के कारण की गई शिकायत प्रतीत होती है। -डॉ. मदन मोहन मणि त्रिपाठी, सीएमओ, गौतमबुद्ध नगर
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-चिकित्सा अधीक्षक ने आरोपों को बताया बेबुनियाद
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। बिसरख सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) के चिकित्सा अधीक्षक के खिलाफ शिकायत कर जांच और कार्रवाई की मांग की गई है। शिकायतकर्ता एडवोकेट तरुण ने मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश को पत्र भेजकर मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने का अनुरोध किया है। शिकायत की प्रतिलिपि उप मुख्यमंत्री, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री, प्रमुख सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग, महानिदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, जिलाधिकारी और मुख्य चिकित्साधिकारी गौतमबुद्ध नगर को भी भेजी गई है।
शिकायत में बिसरख सीएचसी के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सचिंद्र मिश्रा के कार्यकाल में वित्तीय अनियमितता, सरकारी योजनाओं में गड़बड़ी और मरीजों से कथित अवैध वसूली समेत कई आरोप लगाए गए हैं। शिकायतकर्ता ने प्रयोगशाला जांच, प्रसव कक्ष और रोगी कल्याण समिति की धनराशि के कथित गलत इस्तेमाल का भी आरोप लगाया है। इसके अलावा कथित फर्जी मेडिको-लीगल मामलों और अनधिकृत निजी चिकित्सा प्रतिष्ठानों से संबंधित शिकायतों का भी उल्लेख किया गया है। शिकायतकर्ता ने इसे गंभीर मामला बताते हुए समयबद्ध जांच और वित्तीय ऑडिट कराने की मांग की है।
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आरोपों को बताया बेबुनियाद-
बिसरख सीएचसी के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सचिंद्र मिश्रा ने शिकायत में लगाए गए सभी आरोपों को बेबुनियाद बताया। उन्होंने कहा कि निजी कारणों से शिकायत की गई है और उसे विस्तृत रूप दिया गया है। आरोपों में कोई सच्चाई नहीं है।
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कोट-
उच्च अधिकारी के खिलाफ शिकायत करने पर सामान्य तौर पर शपथपत्र और कुछ साक्ष्य भी दिए जाने चाहिए। इस शिकायत में ऐसा कुछ नहीं है। प्रथम दृष्टया यह आपसी मनमुटाव के कारण की गई शिकायत प्रतीत होती है। -डॉ. मदन मोहन मणि त्रिपाठी, सीएमओ, गौतमबुद्ध नगर