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दिल्ली की तुलना में नोएडा से सस्ता हो सकता है हवाई सफर
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Air travel can be cheaper from Noida than Delhi
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ग्रेटर नोएडा। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट यात्रियों को सस्ते किराये की सौगात दे सकता है। यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड (वाईआईएपीएल) ने मेगा इंडस्ट्रियल इन्वेस्टमेंट नीति के अंतर्गत छूट पाने के लिए सोमवार को आवेदन किया है। इस योजना के अंतर्गत छूट देने का फैसला उत्तर प्रदेश सरकार करेगी। सरकार की मंजूरी मिली तो इसका असर हवाई यात्राओं की टिकट दरों पर भी पड़ेगा। यात्रियों के लिए नोएडा एयरपोर्ट से उड़ान भरना दिल्ली के आईजीआई हवाई अड्डे से खासा सस्ता हो सकता है।
जेवर में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का निर्माण कार्य विदेशी कंपनी ज्यूरिख की भारतीय इकाई वाईआईएपीएल कर रही है। उत्तर प्रदेश सरकार मेगा इन्वेस्टमेंट इंडस्ट्रियल नीति के अंतर्गत 200 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश पर छूट देती है। जबकि एयरपोर्ट के पहले चरण में ही 29500 करोड़ रुपये खर्च होंगे। मेगा इन्वेस्टमेंट इंडस्ट्रियल परियोजना के तहत कंपनी को जीएसटी, ब्याज दर में सब्सिडी, जल मूल्य, बिजली के फिक्स चार्ज में छूट मिल सकती है।
अगर ये रियायतें मिली तो विकासकर्ता कंपनी नोएडा एयरपोर्ट से यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए दिल्ली हवाई अड्डे से भी सस्ती टिकट उपलब्ध करा सकती है। अगर ऐसा हुआ तो न केवल अत्याधुनिक होने बल्कि सफर सस्ता होने के कारण भी यहां आने वाले यात्रियों की संख्या में बढ़ोतरी होगी। विकासकर्ता कंपनी से हाल ही में उत्तर प्रदेश सरकार ने स्टेट सपोर्ट एग्रीमेंट किया है। इसी अनुबंध के तहत वाईआईएपीएल ने यूपी सरकार के पास मेगा इन्वेस्टमेंट परियोजना के तहत छूट के लिए आवेदन कर दिया है। उम्मीद जताई जा रही है कि यूपी सरकार आवदेन पर मंजूरी दे सकती है।
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एजीएममें अब तक हुए काम की हुई समीक्षा
ग्रेटर नोएडा। यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड (वाईआईएपीएल) की पहली वार्षिक आम बैठक (एजीएम) सोमवार को संपन्न हुई। बैठक में जेवर में चल रहे निर्माण कार्य की समीक्षा की गई। बैठक में कंपनी ने अब तक क्या-क्या काम किए हैं, इस पर चर्चा हुई। वहीं आने वाले दिनों में निर्माण कार्य किस तरह से आगे बढ़ेगा, इस पर भी जानकारी दी गई। बैठक में कंपनी के सीईओ क्रिस्टोफ सेलमैन, नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड के सीईओ डॉ. अरुण वीर सिंह समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
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जेवर में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का निर्माण कार्य विदेशी कंपनी ज्यूरिख की भारतीय इकाई वाईआईएपीएल कर रही है। उत्तर प्रदेश सरकार मेगा इन्वेस्टमेंट इंडस्ट्रियल नीति के अंतर्गत 200 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश पर छूट देती है। जबकि एयरपोर्ट के पहले चरण में ही 29500 करोड़ रुपये खर्च होंगे। मेगा इन्वेस्टमेंट इंडस्ट्रियल परियोजना के तहत कंपनी को जीएसटी, ब्याज दर में सब्सिडी, जल मूल्य, बिजली के फिक्स चार्ज में छूट मिल सकती है।
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अगर ये रियायतें मिली तो विकासकर्ता कंपनी नोएडा एयरपोर्ट से यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए दिल्ली हवाई अड्डे से भी सस्ती टिकट उपलब्ध करा सकती है। अगर ऐसा हुआ तो न केवल अत्याधुनिक होने बल्कि सफर सस्ता होने के कारण भी यहां आने वाले यात्रियों की संख्या में बढ़ोतरी होगी। विकासकर्ता कंपनी से हाल ही में उत्तर प्रदेश सरकार ने स्टेट सपोर्ट एग्रीमेंट किया है। इसी अनुबंध के तहत वाईआईएपीएल ने यूपी सरकार के पास मेगा इन्वेस्टमेंट परियोजना के तहत छूट के लिए आवेदन कर दिया है। उम्मीद जताई जा रही है कि यूपी सरकार आवदेन पर मंजूरी दे सकती है।
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एजीएममें अब तक हुए काम की हुई समीक्षा
ग्रेटर नोएडा। यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड (वाईआईएपीएल) की पहली वार्षिक आम बैठक (एजीएम) सोमवार को संपन्न हुई। बैठक में जेवर में चल रहे निर्माण कार्य की समीक्षा की गई। बैठक में कंपनी ने अब तक क्या-क्या काम किए हैं, इस पर चर्चा हुई। वहीं आने वाले दिनों में निर्माण कार्य किस तरह से आगे बढ़ेगा, इस पर भी जानकारी दी गई। बैठक में कंपनी के सीईओ क्रिस्टोफ सेलमैन, नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड के सीईओ डॉ. अरुण वीर सिंह समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।