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निर्माणाधीन तीन साइटों पर वायु प्रदूषण, एक-एक लाख का जुर्माना
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निर्माणाधीन तीन साइटों पर वायु प्रदूषण, एक-एक लाख का जुर्माना
ग्रेटर नोएडा। जिले में वायु प्रदूषण फैलाने वालों पर कार्रवाई शुरू कर दी गई है। इसी के तहत निरीक्षण में नॉलेज पार्क-3 की निर्माणाधीन तीन साइटों पर एनजीटी के नियमों का उल्लंघन मिला है। निर्माण के दौरान वायु प्रदूषण की रोकथाम के उपाय नहीं करने पर उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (यूपीपीसीबी) ने तीन भूखंड स्वामियों पर एक-एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। साथ ही, इसकी संस्तुति के लिए प्राधिकरण को पत्र लिखा है।
यूपीपीसीबी के क्षेत्रीय अधिकारी भुवन यादव ने बताया कि वायु प्रदूषण की रोकथाम के लिए विभाग की टीम क्षेत्र में निरीक्षण कर रही है। टीम ने नॉलेज पार्क-3 में विभिन्न साइटों का निरीक्षण किया। तीन जगह एनजीटी के नियमों का पालन नहीं मिला। यहां पर खुले में निर्माण सामग्री पड़ी थी। पानी का छिड़काव नहीं किया जा रहा था। इससे वायु प्रदूषण हो रहा था। ऐसे में भूखंड संख्या 30/34, 30/36 और 30/37 के मालिकों पर एक-एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। प्राधिकरण की तरफ से जुर्माना वसूला जाएगा। टीम अन्य निर्माणाधीन साइटों का निरीक्षण कर रही है। खामियां मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
देश का तीसरा सबसे प्रदूषित शहर रहा ग्रेनो
नोएडा-ग्रेनो में वायु प्रदूषण बढ़ने लगा है। वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) डार्क ग्रीन से ऑरेंज जोन में पहुंच गया है। इसमें 200 से ज्यादा अंक का इजाफा हुआ है। बुधवार को ग्रेनो देश में तीसरा सबसे प्रदूषित शहर दर्ज किया गया। शनिवार को एक्यूआई रेड जोन में था, लेकिन अगले दो दिन बारिश होने से सुधार हुआ। बारिश के कारण सोमवार को एक्यूआई डार्क ग्रीन जोन में 50 से नीचे आ गया जो सबसे अच्छा माना जाता है। नोएडा का एक्यूआई 45 और ग्रेटर नोएडा का एक्यूआई 38 रहा था, लेकिन बारिश बंद होने के साथ ही वायु प्रदूषण बढ़ना शुरू हो गया है। बुधवार को ग्रेनो का एक्यूआई 260 और नोएडा का एक्यूआई 240 दर्ज किया गया। ग्रेटर नोएडा देश का तीसरा सबसे प्रदूषित शहर रहा, जबकि नोएडा आठवें नंबर पर रहा। 278 एक्यूआई के साथ गाजियाबाद पहले नंबर और 268 एक्यूआई के साथ जींद दूसरे नंबर पर दर्ज किया गया।
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ग्रेटर नोएडा। जिले में वायु प्रदूषण फैलाने वालों पर कार्रवाई शुरू कर दी गई है। इसी के तहत निरीक्षण में नॉलेज पार्क-3 की निर्माणाधीन तीन साइटों पर एनजीटी के नियमों का उल्लंघन मिला है। निर्माण के दौरान वायु प्रदूषण की रोकथाम के उपाय नहीं करने पर उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (यूपीपीसीबी) ने तीन भूखंड स्वामियों पर एक-एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। साथ ही, इसकी संस्तुति के लिए प्राधिकरण को पत्र लिखा है।
यूपीपीसीबी के क्षेत्रीय अधिकारी भुवन यादव ने बताया कि वायु प्रदूषण की रोकथाम के लिए विभाग की टीम क्षेत्र में निरीक्षण कर रही है। टीम ने नॉलेज पार्क-3 में विभिन्न साइटों का निरीक्षण किया। तीन जगह एनजीटी के नियमों का पालन नहीं मिला। यहां पर खुले में निर्माण सामग्री पड़ी थी। पानी का छिड़काव नहीं किया जा रहा था। इससे वायु प्रदूषण हो रहा था। ऐसे में भूखंड संख्या 30/34, 30/36 और 30/37 के मालिकों पर एक-एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। प्राधिकरण की तरफ से जुर्माना वसूला जाएगा। टीम अन्य निर्माणाधीन साइटों का निरीक्षण कर रही है। खामियां मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
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देश का तीसरा सबसे प्रदूषित शहर रहा ग्रेनो
नोएडा-ग्रेनो में वायु प्रदूषण बढ़ने लगा है। वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) डार्क ग्रीन से ऑरेंज जोन में पहुंच गया है। इसमें 200 से ज्यादा अंक का इजाफा हुआ है। बुधवार को ग्रेनो देश में तीसरा सबसे प्रदूषित शहर दर्ज किया गया। शनिवार को एक्यूआई रेड जोन में था, लेकिन अगले दो दिन बारिश होने से सुधार हुआ। बारिश के कारण सोमवार को एक्यूआई डार्क ग्रीन जोन में 50 से नीचे आ गया जो सबसे अच्छा माना जाता है। नोएडा का एक्यूआई 45 और ग्रेटर नोएडा का एक्यूआई 38 रहा था, लेकिन बारिश बंद होने के साथ ही वायु प्रदूषण बढ़ना शुरू हो गया है। बुधवार को ग्रेनो का एक्यूआई 260 और नोएडा का एक्यूआई 240 दर्ज किया गया। ग्रेटर नोएडा देश का तीसरा सबसे प्रदूषित शहर रहा, जबकि नोएडा आठवें नंबर पर रहा। 278 एक्यूआई के साथ गाजियाबाद पहले नंबर और 268 एक्यूआई के साथ जींद दूसरे नंबर पर दर्ज किया गया।
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