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Noida News: दिवाली से पहले ही एक्यूआई 266 पहुंचा, धूल और धुएं के कण अधिक
Sat, 18 Oct 2025 12:13 AM IST
नोएडा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, नोएडा
संवाद न्यूज एजेंसी, नोएडा
Updated Sat, 18 Oct 2025 12:13 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
पानीपत। जिले में पर्यावरण हर रोज बिगड़ रहा है। दिवाली से पहले ही एक्यूआई बढ़कर 266 पर पहुंच गया है। यह इस सीजन का सबसे अधिक है। जबकि वीरवार को एक्यूआई 225 था। इसमें धूल और धुएं के कण अधिक मिले हैं। वहीं ग्रैप-1 की शर्तों की पालना नहीं की जा रही है। ऐसे में एक्यूआई के लगातार बढ़ने के अनुमान लगाए जा रहे हैं।
जिले में शुक्रवार को सुबह मौसम सामान्य रहा। दोपहर बाद ही एक्यूआई ने अपना असर दिखाना शुरू कर दिया। धूल के कण बढ़ने से भी लोगों को परेशानी हो रही है। जिले में शाम को एक्यूआई 245 पर था। यह रात करीब आठ 266 पर पहुंच गया। हवा की गति सात किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार रही। जिले में 12 अक्तूबर को एक्यूआई 228, 13 को 2010 और 16 अक्तूबर को 242 था। शुक्रवार को पर्यावरण खराब मिली। पीएम 2.5 की मात्रा 242 मिली है। कृषि विज्ञान केंद्र उझा के मौसम विशेषज्ञ डॉ. आशीष कुमार ने बताया कि ठंड बढ़ने से धूल या धुआं ऊपर नहीं जा पाता। ऐसे में पर्यावरण पर असर पड़ रहा है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के एसडीओ कुलदीप ने बताया कि ग्रैप-1 लागू किया गया है। नियमानुसार इसकी पालना करना अनिवार्य है। फैक्टरियों में किन कारणों से प्रदूषण हो रहा है। इसका जल्द ही पता लगाया जाएगा।
ग्रैप:1 की शर्तों पर नहीं काम
पानीपत समेत दिल्ली एनसीआर में ग्रैप-1 लागू है। तीसरे दिन दिन भी इनकी अनुपालना नहीं की गई है। इसका असर पर्यावरण पर देखा जा रहा है। वहीं धान के अवशेष जलाने के भी मामले सामने आने लगे हैं। वीरवार को कुराना गांव में एक किसान ने दो एकड़ में फसल अवशेष जला दिए थे। किसान पर मुकदमा भी दर्ज किया गया है।
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पानीपत। जिले में पर्यावरण हर रोज बिगड़ रहा है। दिवाली से पहले ही एक्यूआई बढ़कर 266 पर पहुंच गया है। यह इस सीजन का सबसे अधिक है। जबकि वीरवार को एक्यूआई 225 था। इसमें धूल और धुएं के कण अधिक मिले हैं। वहीं ग्रैप-1 की शर्तों की पालना नहीं की जा रही है। ऐसे में एक्यूआई के लगातार बढ़ने के अनुमान लगाए जा रहे हैं।
जिले में शुक्रवार को सुबह मौसम सामान्य रहा। दोपहर बाद ही एक्यूआई ने अपना असर दिखाना शुरू कर दिया। धूल के कण बढ़ने से भी लोगों को परेशानी हो रही है। जिले में शाम को एक्यूआई 245 पर था। यह रात करीब आठ 266 पर पहुंच गया। हवा की गति सात किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार रही। जिले में 12 अक्तूबर को एक्यूआई 228, 13 को 2010 और 16 अक्तूबर को 242 था। शुक्रवार को पर्यावरण खराब मिली। पीएम 2.5 की मात्रा 242 मिली है। कृषि विज्ञान केंद्र उझा के मौसम विशेषज्ञ डॉ. आशीष कुमार ने बताया कि ठंड बढ़ने से धूल या धुआं ऊपर नहीं जा पाता। ऐसे में पर्यावरण पर असर पड़ रहा है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के एसडीओ कुलदीप ने बताया कि ग्रैप-1 लागू किया गया है। नियमानुसार इसकी पालना करना अनिवार्य है। फैक्टरियों में किन कारणों से प्रदूषण हो रहा है। इसका जल्द ही पता लगाया जाएगा।
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ग्रैप:1 की शर्तों पर नहीं काम
पानीपत समेत दिल्ली एनसीआर में ग्रैप-1 लागू है। तीसरे दिन दिन भी इनकी अनुपालना नहीं की गई है। इसका असर पर्यावरण पर देखा जा रहा है। वहीं धान के अवशेष जलाने के भी मामले सामने आने लगे हैं। वीरवार को कुराना गांव में एक किसान ने दो एकड़ में फसल अवशेष जला दिए थे। किसान पर मुकदमा भी दर्ज किया गया है।
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