{"_id":"6187f97181b2c964c669d9ea","slug":"accidents-increased-due-to-illegal-cuts-on-kmp-expressway-mewat-news-noi614501788","type":"story","status":"publish","title_hn":"केएमपी एक्सप्रेसवे पर अवैध कटों से बढ़ी दुर्घटनाएं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
केएमपी एक्सप्रेसवे पर अवैध कटों से बढ़ी दुर्घटनाएं
विज्ञापन
Accidents increased due to illegal cuts on KMP Expressway
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
तावडू। नूंह जिले की सीमा से गुजर रहे कुंडली-मानेसर-पलवल एक्सप्रेसवे (केएमपी ) पर बने अवैध कट वाहन चालकों को लिए परेशानी का सबब बन रहे हैं। कटों के कारण आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं। एक्सप्रेसवे की देखरेख करने वाला हरियाणा राज्य औद्योगिक और बुनियादी ढांचा विकास केंद्र (एचएसआईआईडीसी ) के अधिकारी अवैध कट बनाने वालों के खिलाफ कोई कार्रवाई भी नहीं कर रहे हैं। इस कारण ऐेसे लोगों के हौसले बुलंद है, जिसका खमियाजा वाहन चालकों को भुगतना पड़ रहा है।
केएमपी एक्सप्रेसवे बनने के बाद यातायात सुगम व वाहनों की रफ्तार में इजाफा हुआ है। इसलिए एक्सप्रेसवे पर यात्रा करने वाले चालक वाहन इस उम्मीद से चलाते हैं कि एक कट पांच किलोमीटर की दूरी पर आता है। लेकिन, बने अवैध कटों के कारण अचानक किसी वाहन या राहगीर के गुजरने से कई बार दुर्घटनाएं हो जाती हैं। एक्सप्रेसवे के साथ लगते गांवों के ग्रामीणों एवं होटल संचालकों ने अपनी-अपनी सुविधानुसार मार्ग पर लगी लोहे की ग्रिल को तोड़कर अवैध कट बना रखे हैं। जबकि, यातायात नियमों के अनुसार किसी भी एक्सप्रेसवे पर अवैध कट बनाना नियमों के विरुद्ध है। तावडू उपमंडल के गांव घुसपैठी, धुलावट पढे़नी, गोगजाका, डिंगरहेड़ी, सबरस कलवाड़ी आदि की सीमा में एक्सप्रेसवे पर अवैध कट बने हैं। जानकारी के अनुसार, एक्सप्रेसवे पर ग्रिल तोड़ कर बनाए कुछ अवैध कट गो तस्करों और अवैध खनन माफियों द्वारा अपनी आसानी के लिए बनाए गए हैं, ताकि वह पुलिस को चकमा देकर आसानी से फरार हो सकें। हालांकि, नूंह पीसीआर अपनी सीमा में एक्सप्रेसवे पर तैनात है। लेकिन, अवैध कटों के प्रति पुलिस ने भी कभी ऐतराज नहीं जताया। केएमपी पर पचगांवा से नूंह सीमा तक करीब एक दर्जन अवैध कट ग्रामीणों व होटल संचालकों द्वारा बनाए गए हैं। (संवाद)
वहीं, इस मामले में नवनियुक्त पुलिस अधीक्षक वरुण सिंगला का कहना है कि मामला उनके संज्ञान में अभी आया है। इस पर सख्ती से कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
केएमपी एक्सप्रेसवे बनने के बाद यातायात सुगम व वाहनों की रफ्तार में इजाफा हुआ है। इसलिए एक्सप्रेसवे पर यात्रा करने वाले चालक वाहन इस उम्मीद से चलाते हैं कि एक कट पांच किलोमीटर की दूरी पर आता है। लेकिन, बने अवैध कटों के कारण अचानक किसी वाहन या राहगीर के गुजरने से कई बार दुर्घटनाएं हो जाती हैं। एक्सप्रेसवे के साथ लगते गांवों के ग्रामीणों एवं होटल संचालकों ने अपनी-अपनी सुविधानुसार मार्ग पर लगी लोहे की ग्रिल को तोड़कर अवैध कट बना रखे हैं। जबकि, यातायात नियमों के अनुसार किसी भी एक्सप्रेसवे पर अवैध कट बनाना नियमों के विरुद्ध है। तावडू उपमंडल के गांव घुसपैठी, धुलावट पढे़नी, गोगजाका, डिंगरहेड़ी, सबरस कलवाड़ी आदि की सीमा में एक्सप्रेसवे पर अवैध कट बने हैं। जानकारी के अनुसार, एक्सप्रेसवे पर ग्रिल तोड़ कर बनाए कुछ अवैध कट गो तस्करों और अवैध खनन माफियों द्वारा अपनी आसानी के लिए बनाए गए हैं, ताकि वह पुलिस को चकमा देकर आसानी से फरार हो सकें। हालांकि, नूंह पीसीआर अपनी सीमा में एक्सप्रेसवे पर तैनात है। लेकिन, अवैध कटों के प्रति पुलिस ने भी कभी ऐतराज नहीं जताया। केएमपी पर पचगांवा से नूंह सीमा तक करीब एक दर्जन अवैध कट ग्रामीणों व होटल संचालकों द्वारा बनाए गए हैं। (संवाद)
विज्ञापन
वहीं, इस मामले में नवनियुक्त पुलिस अधीक्षक वरुण सिंगला का कहना है कि मामला उनके संज्ञान में अभी आया है। इस पर सख्ती से कार्रवाई की जाएगी।