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Noida News: गांव की भवन नियमावली प्रभावी करने को बनेगी समिति
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गांव की भवन नियमावली प्रभावी करने को बनेगी समिति
-6 अप्रैल को बोर्ड के निर्णय को आगे बढ़ाने की कवायद शुरू, किसानों और गांव के निवासियों से भी आपत्ति सुझाव लिए जाएंगे
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। नोएडा प्राधिकरण क्षेत्र के 81 गांव में तेजी से हो रहे अनियोजित निर्माण को नियंत्रित करने के लिए भवन नियमावली को प्रभावी बनाने की तैयारी है। बोर्ड बैठक में लिए गए निर्णय के क्रम में तीनों प्राधिकरण की एक संयुक्त समिति बनेगी जो गांव के लिए बनी भवन नियमावली 2016 की समीक्षा करेगी। संशोधन की गुंजाइश तलाशी जाएगी। प्राधिकरण की तैयारी फिर नए सिरे से भवन नियमावली को लागू करने की होगी। बदलाव के लिए गांव के निवासियों व किसानों से आपत्ति सुझाव भी लिए जाएंगे। गांव के लिए भवन नियमावली तो पिछले 10 से बनी हुई है लेकिन कोई भी किसान या निवासी नक्शा नहीं पास करवा रहा है। किसानों का यह कहना है कि सेटबैक, सामने की सड़क की चौड़ाई जैसे मानक गांव में व्यावहारिक नहीं हैं।
नोएडा प्राधिकरण के एसीईओ सतीश पाल ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में भवन निर्माण के लिए मानचित्र स्वीकृत कराने की व्यवस्था प्रभावी नहीं हो पा रही है। बगैर नक्शा पास करवाए निर्माण हो रहे हैं। इस वजह से बुनियादी सुविधाओं बिजली, पानी, सड़क पर असर पड़ रहा है। एसीईओ ने बताया कि समिति गठन के साथ प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
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-6 अप्रैल को बोर्ड के निर्णय को आगे बढ़ाने की कवायद शुरू, किसानों और गांव के निवासियों से भी आपत्ति सुझाव लिए जाएंगे
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। नोएडा प्राधिकरण क्षेत्र के 81 गांव में तेजी से हो रहे अनियोजित निर्माण को नियंत्रित करने के लिए भवन नियमावली को प्रभावी बनाने की तैयारी है। बोर्ड बैठक में लिए गए निर्णय के क्रम में तीनों प्राधिकरण की एक संयुक्त समिति बनेगी जो गांव के लिए बनी भवन नियमावली 2016 की समीक्षा करेगी। संशोधन की गुंजाइश तलाशी जाएगी। प्राधिकरण की तैयारी फिर नए सिरे से भवन नियमावली को लागू करने की होगी। बदलाव के लिए गांव के निवासियों व किसानों से आपत्ति सुझाव भी लिए जाएंगे। गांव के लिए भवन नियमावली तो पिछले 10 से बनी हुई है लेकिन कोई भी किसान या निवासी नक्शा नहीं पास करवा रहा है। किसानों का यह कहना है कि सेटबैक, सामने की सड़क की चौड़ाई जैसे मानक गांव में व्यावहारिक नहीं हैं।
नोएडा प्राधिकरण के एसीईओ सतीश पाल ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में भवन निर्माण के लिए मानचित्र स्वीकृत कराने की व्यवस्था प्रभावी नहीं हो पा रही है। बगैर नक्शा पास करवाए निर्माण हो रहे हैं। इस वजह से बुनियादी सुविधाओं बिजली, पानी, सड़क पर असर पड़ रहा है। एसीईओ ने बताया कि समिति गठन के साथ प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
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