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शार्ट सर्किट से आग और सेंट्रल लॉक होने की आशंका
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ऊना सहित अन्य के लिए इंजीनियर की जलकर मौत की साइड स्टोरी
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हेडिंग: अप्रशिक्षित मैकेनिक बनते हैं कार में शार्ट सर्किट की वजह
शार्ट सर्किट से आग लगने और सेंट्रल लॉक न खुलने की आशंका
हैवी लाइट, हॉर्न, म्यूजिक सिस्टम या मरम्मत के दौरान मेकेनिक करते हैं चूक
अमर उजाला ब्यूरो
ग्रेटर नोएडा। ड्यूटी से लौट रहे इंजीनियर पवन धीमान की कार में जिंदा जलने की घटना के बाद तमाम तरह के सवाल उठ रहे हैं। क्षेत्र में इससे पूर्व हुई कई घटनाओं में चालक समय रहते बाहर निकल गए हैं, लेकिन ऐसे क्या हालात बने कि पवन कार से बाहर नहीं निकल पाया। विशेषज्ञ अंदेशा जता रहे हैं कि हादसा शार्ट सर्किट से हुआ है और सेंट्रल लॉक न खुलने व कार में गैस बनने से पवन बाहर नहीं निकल सके।
एफएसओ ज्ञानप्रकाश शर्मा ने बताया कि कई बार लोग अप्रशिक्षित मैकेनिक से कार की सर्विस व रिपेयरिंग कराते हैं। कई बार कार में हैवी म्यूजिक सिस्टम, हॉर्न, लाइट आदि उपकरण अप्रशिक्षित मैकेनिक से लगवाते हैं। निजी मैकेनिक इस दौरान बड़ी चूक करते हैं, जो बाद में हादसे कारण बनती है। अधिकांश कारों में आगजनी शार्ट सर्किट से होती हैं। शार्ट सर्किट तभी होता है जब वायरिंग से छेड़छाड़ की गई हो। अप्रशिक्षित मैकेनिक वायरिंग को कनेक्टर की जगह टेप से जोड़ देते हैं जो हादसे का सबब बनता है। इंजीनियर हादसे में भी शार्ट सर्किट से आग की आशंका है। वहीं, एफएसएल एक्सपर्ट का मानना है कि शार्ट सर्किट से आग के बाद कई बार सेंट्रल लॉक लग जाता है। आग के कारण कार में गैस भी बन जाती है। ऐसे में सवार या चालक का बाहर निकलना मुश्किल होता है। हालांकि, जिस दौरान दमकल टीम वहां पहुंची कार के शीशे टूटे हुए थे, जो गैस अधिक बनने के बाद टूटे होंगे।
रात साढ़े 11 बजे आखिरी बार हुई थी पत्नी से बात
पवन ने सोमवार रात ड्यूटी पर जाने के बाद रात लगभग साढ़े 11 बजे फोन पर पत्नी से बात की थी। इसके बाद वह अपने काम में व्यस्त हो गए और पत्नी व बेटा रोजाना की तरह सो गए थे।
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हेडिंग: अप्रशिक्षित मैकेनिक बनते हैं कार में शार्ट सर्किट की वजह
शार्ट सर्किट से आग लगने और सेंट्रल लॉक न खुलने की आशंका
हैवी लाइट, हॉर्न, म्यूजिक सिस्टम या मरम्मत के दौरान मेकेनिक करते हैं चूक
अमर उजाला ब्यूरो
ग्रेटर नोएडा। ड्यूटी से लौट रहे इंजीनियर पवन धीमान की कार में जिंदा जलने की घटना के बाद तमाम तरह के सवाल उठ रहे हैं। क्षेत्र में इससे पूर्व हुई कई घटनाओं में चालक समय रहते बाहर निकल गए हैं, लेकिन ऐसे क्या हालात बने कि पवन कार से बाहर नहीं निकल पाया। विशेषज्ञ अंदेशा जता रहे हैं कि हादसा शार्ट सर्किट से हुआ है और सेंट्रल लॉक न खुलने व कार में गैस बनने से पवन बाहर नहीं निकल सके।
एफएसओ ज्ञानप्रकाश शर्मा ने बताया कि कई बार लोग अप्रशिक्षित मैकेनिक से कार की सर्विस व रिपेयरिंग कराते हैं। कई बार कार में हैवी म्यूजिक सिस्टम, हॉर्न, लाइट आदि उपकरण अप्रशिक्षित मैकेनिक से लगवाते हैं। निजी मैकेनिक इस दौरान बड़ी चूक करते हैं, जो बाद में हादसे कारण बनती है। अधिकांश कारों में आगजनी शार्ट सर्किट से होती हैं। शार्ट सर्किट तभी होता है जब वायरिंग से छेड़छाड़ की गई हो। अप्रशिक्षित मैकेनिक वायरिंग को कनेक्टर की जगह टेप से जोड़ देते हैं जो हादसे का सबब बनता है। इंजीनियर हादसे में भी शार्ट सर्किट से आग की आशंका है। वहीं, एफएसएल एक्सपर्ट का मानना है कि शार्ट सर्किट से आग के बाद कई बार सेंट्रल लॉक लग जाता है। आग के कारण कार में गैस भी बन जाती है। ऐसे में सवार या चालक का बाहर निकलना मुश्किल होता है। हालांकि, जिस दौरान दमकल टीम वहां पहुंची कार के शीशे टूटे हुए थे, जो गैस अधिक बनने के बाद टूटे होंगे।
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रात साढ़े 11 बजे आखिरी बार हुई थी पत्नी से बात
पवन ने सोमवार रात ड्यूटी पर जाने के बाद रात लगभग साढ़े 11 बजे फोन पर पत्नी से बात की थी। इसके बाद वह अपने काम में व्यस्त हो गए और पत्नी व बेटा रोजाना की तरह सो गए थे।
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