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पिनगवां में 9 बाल श्रमिकों को मुक्त कराया
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पिनगवां। राज्य अपराध शाखा गुरुग्राम के सब इंस्पेक्टर सुनील व नंद किशोर कांस्टेबल ने बुधवार को पिनगवां थाने की टीम के सहयोग से शहर में रेस्क्यू अभियान चलाया। इसमें 9 बच्चे बाल मजदूरी करते पाए गए। सभी बच्चे बिल्डिंग, मोटरसाइकिल मैकेनिक व ढाबा की दुकानों पर कार्य करते मिले। इसके बाद सभी बच्चों को बाल कल्याण समिति नूंह के सामने पेश किया गया।
विनोद कुमार सदस्य सीडब्ल्यूसी ने सभी दुकानदारों को बुलाया व उनसे लिखित में हलफनामा लिया और दुकानदारों को चेतावनी दी कि अगर आगे से बच्चों से काम करवाया तो सख्त कार्यवाही होगी। बच्चों की काउंसलिंग की गई और उनके परिजनों को बुलाया गया। बाल कल्याण समिति नूंह ने परिजनों को पढ़ाई का महत्व बताया।
उन्होंने बताया कि 18 साल तक के बच्चों को काम करवाना अपराध है। अगर किसी को भी बच्चे काम करते दिखाई देते है तो चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 पर फोन कर सकते हैं, 6 से 18 साल तक के बच्चों के लिये बाल कल्याण समिति बनी हुई है। अनाथ बच्चों के लिये अपने नूंह जिले में 3 बाल गृह बने हुए हैं, जिसमें सभी अनाथ व जरूरतमंद बच्चे रहते हैं। बच्चों के अभिभावकों ने कहा कि हम आगे से बच्चों से काम नहीं करवाएंगे। इस मौके पर बाल कल्याण समिति के सदस्य संजय कुमार, दिनेश कुमार, विनोद कुमार उपस्थित रहे।
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विनोद कुमार सदस्य सीडब्ल्यूसी ने सभी दुकानदारों को बुलाया व उनसे लिखित में हलफनामा लिया और दुकानदारों को चेतावनी दी कि अगर आगे से बच्चों से काम करवाया तो सख्त कार्यवाही होगी। बच्चों की काउंसलिंग की गई और उनके परिजनों को बुलाया गया। बाल कल्याण समिति नूंह ने परिजनों को पढ़ाई का महत्व बताया।
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उन्होंने बताया कि 18 साल तक के बच्चों को काम करवाना अपराध है। अगर किसी को भी बच्चे काम करते दिखाई देते है तो चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 पर फोन कर सकते हैं, 6 से 18 साल तक के बच्चों के लिये बाल कल्याण समिति बनी हुई है। अनाथ बच्चों के लिये अपने नूंह जिले में 3 बाल गृह बने हुए हैं, जिसमें सभी अनाथ व जरूरतमंद बच्चे रहते हैं। बच्चों के अभिभावकों ने कहा कि हम आगे से बच्चों से काम नहीं करवाएंगे। इस मौके पर बाल कल्याण समिति के सदस्य संजय कुमार, दिनेश कुमार, विनोद कुमार उपस्थित रहे।
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