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महापर्व छठ शुरू, आज खरना
Updated Sun, 11 Nov 2018 11:36 PM IST
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सूर्य उपासना का महापर्व छठ शुरू, आज खरना
गुरुग्राम। काहे लगी पिबई हो कातिक नहइलू, काहे लागी गंगा नहाय, काहे लागी सख्यिा हो कातिक नहइली, पुष्य लगी गंगा स्नान गीत के बीच रविवार को सूर्य उपासना का चार दिवसीय छठ पर्व नहाए खाए के साथ शुरू हो गया। श्रद्धालुओं ने व्रत आरंभ करने से पहले विभिन्न स्थानों पर बने घाटों पर स्नान किया। सोमवार को खरना होगा। छठ पर्व की शुरुआत के साथ ही गुरुग्राम में पूरा माहौल छठमय हो गया है। सदर बाजार एवं अन्य इलाकों में छठ पूजा की सामग्री से बाजार पट गए हैं और जमकर खरीदारी हो रही है।
छठ के उपलक्ष्य में व्रत रखने वाले श्रद्धालुओं ने रविवार को शीतला माता मंदिर स्थित ब्रह्म सरोवर, सेक्टर स्थित कृत्रिम तालाब एवं विभिन्न स्थानों पर अस्थायी तौर पर बनाए गए तालाबों में स्नान के बाद कद्दू एवं चावल ग्रहण किया। इसके बाद उनका व्रत शुरू हो गया और उन्होंने नहाए-खाए के साथ ही विशेष शुद्धता बरतनी शुरू कर दी।
सोमवार को खरना है, इसे रसियाओं रोटी भी कहा जाता है। इस दौरान व्रतधारी जल भी ग्रहण नहीं करेंगे। शाम को श्रद्धालु उपले या मिट्टी के शुद्ध चूल्हे पर खीर आदि बनाकर खाएंगे। इसके अलावा प्रसाद स्वरूप श्रद्धालु केला, अदरक, मूली, आदि ग्रहण करेंगे। इस तरह बुधवार को सूर्योदय तक हर तरफ बस छठ पर्व की ही चर्चा होगी। महिलाएं अपने पति, बच्चों व पूरे परिवार की सुख समृद्धि, शांति व दीर्घायु के लिए यह व्रत रखती हैं।
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शीतला माता मंदिर में उमड़ेगी सबसे अधिक भीड़
गुरुग्राम जिले में बड़ी संख्या में लोग छठ पूजा करते हैं। वे मंगलवार और बुधवार को सौ से अधिक जगह सूर्य को अर्घ्य अर्पित करेंगे। सबसे अधिक भीड़ शीतला माता मंदिर स्थित ब्रह्म सरोवर पर उमड़ेगी। इसके अलावा डूंडाहेड़ा, कन्हई, सुखराली, झाड़सा, शीतला कालोनी, लक्ष्मण विहार, राजीव नगर, सूरत नगर, देवीलाल नगर, सिकंदरपुर आदि स्थानों पर कृत्रिम तालाबों एवं घाटों पर भी श्रद्धालु सूर्य को अर्घ्य देंगे।
पूजा सामग्री 20-25 प्रतिशत महंगी
तमाम शहरों की भांति गुरुग्राम में व्यापार काफी हल्का चल रहा है मगर महंगाई निरंतर बढ़ रही है। महंगाई का असर छठ पूजा पर भी पड़ता दिख रहा है। छठ से संबंधित सामान पिछले वर्ष की तुलना में इस बार काफी महंगा है। सदर बाजार स्थित छठ पूजा से संबंधित सामान बेच रहे दुकानदार गुलशन गर्ग ने कहा, पिछले साल की तुलना में इस बार पूजा सामग्री 20 से 25 प्रतिशत महंगी है। उनके अनुसार, ढकिया का भाव इस बार 180 रुपये है। पिछले साल 135 रुपये था। वहीं डगरी पिछले वर्ष 60 रुपये की थी और इस बार 80 रुपये में मिल रही है। डलिया की दर में 15 रुपये का इजाफा हुआ है। इस बार डलिया 55 रुपये में बेची जा रही है।
छठ पर्व भी हुआ हाईटेक
आधुनिकता की दौड़ ने त्योहारों के रंग-रूप को भी खासा प्रभावित किया है। इस हाईटेक जमाने में पर्व भी हाईटेक हो गए हैं। अन्य त्योहारों की भांति छठ पर्व पर भी हाईटेक होने की छाप दिख रही है। छठ पर्व से संबंधित बधाई एवं अन्य संदेश देने में हाईटेक तकनीक का जमकर उपयोग हो रहा है। पूर्वांचलवासी अपने रिश्तेदारों और परिजनों को छठ पर्व की बधाई एवं संदेश देने में इंटरनेट, मोबाइल का तो इस्तेमाल कर ही रहे हैं, इसके अलावा ग्रीटिंग कार्ड भी भेज रहे हैं। कई वेबसाइटों पर तो छठ पर्व की धूम मची हुई है। छठ पर्व पर आधुनिकता का रंग इस कदर चढ़ा हुआ है कि नई पीढ़ी लैपटॉप पर भगवान सूर्य की आराधना के ई-कार्ड भेज रही है। इसके अलावा मोबाइल फोन के माध्यम से एक दूसरे को एसएमएस भेजे जा रहे हैं। हैप्पी छठ संबंधी हाईटेक कार्डों की खासियत यह है कि इनके रंगों के चयन में पारंपरिक पूर्वांचलवासियों के परिवेश का खास ख्याल रखा गया है। चटक रंगों के झरोखे से पूर्वांचल की संस्कृति झांकती हुई सी जान पड़ती है।
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गुरुग्राम। काहे लगी पिबई हो कातिक नहइलू, काहे लागी गंगा नहाय, काहे लागी सख्यिा हो कातिक नहइली, पुष्य लगी गंगा स्नान गीत के बीच रविवार को सूर्य उपासना का चार दिवसीय छठ पर्व नहाए खाए के साथ शुरू हो गया। श्रद्धालुओं ने व्रत आरंभ करने से पहले विभिन्न स्थानों पर बने घाटों पर स्नान किया। सोमवार को खरना होगा। छठ पर्व की शुरुआत के साथ ही गुरुग्राम में पूरा माहौल छठमय हो गया है। सदर बाजार एवं अन्य इलाकों में छठ पूजा की सामग्री से बाजार पट गए हैं और जमकर खरीदारी हो रही है।
छठ के उपलक्ष्य में व्रत रखने वाले श्रद्धालुओं ने रविवार को शीतला माता मंदिर स्थित ब्रह्म सरोवर, सेक्टर स्थित कृत्रिम तालाब एवं विभिन्न स्थानों पर अस्थायी तौर पर बनाए गए तालाबों में स्नान के बाद कद्दू एवं चावल ग्रहण किया। इसके बाद उनका व्रत शुरू हो गया और उन्होंने नहाए-खाए के साथ ही विशेष शुद्धता बरतनी शुरू कर दी।
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सोमवार को खरना है, इसे रसियाओं रोटी भी कहा जाता है। इस दौरान व्रतधारी जल भी ग्रहण नहीं करेंगे। शाम को श्रद्धालु उपले या मिट्टी के शुद्ध चूल्हे पर खीर आदि बनाकर खाएंगे। इसके अलावा प्रसाद स्वरूप श्रद्धालु केला, अदरक, मूली, आदि ग्रहण करेंगे। इस तरह बुधवार को सूर्योदय तक हर तरफ बस छठ पर्व की ही चर्चा होगी। महिलाएं अपने पति, बच्चों व पूरे परिवार की सुख समृद्धि, शांति व दीर्घायु के लिए यह व्रत रखती हैं।
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शीतला माता मंदिर में उमड़ेगी सबसे अधिक भीड़
गुरुग्राम जिले में बड़ी संख्या में लोग छठ पूजा करते हैं। वे मंगलवार और बुधवार को सौ से अधिक जगह सूर्य को अर्घ्य अर्पित करेंगे। सबसे अधिक भीड़ शीतला माता मंदिर स्थित ब्रह्म सरोवर पर उमड़ेगी। इसके अलावा डूंडाहेड़ा, कन्हई, सुखराली, झाड़सा, शीतला कालोनी, लक्ष्मण विहार, राजीव नगर, सूरत नगर, देवीलाल नगर, सिकंदरपुर आदि स्थानों पर कृत्रिम तालाबों एवं घाटों पर भी श्रद्धालु सूर्य को अर्घ्य देंगे।
पूजा सामग्री 20-25 प्रतिशत महंगी
तमाम शहरों की भांति गुरुग्राम में व्यापार काफी हल्का चल रहा है मगर महंगाई निरंतर बढ़ रही है। महंगाई का असर छठ पूजा पर भी पड़ता दिख रहा है। छठ से संबंधित सामान पिछले वर्ष की तुलना में इस बार काफी महंगा है। सदर बाजार स्थित छठ पूजा से संबंधित सामान बेच रहे दुकानदार गुलशन गर्ग ने कहा, पिछले साल की तुलना में इस बार पूजा सामग्री 20 से 25 प्रतिशत महंगी है। उनके अनुसार, ढकिया का भाव इस बार 180 रुपये है। पिछले साल 135 रुपये था। वहीं डगरी पिछले वर्ष 60 रुपये की थी और इस बार 80 रुपये में मिल रही है। डलिया की दर में 15 रुपये का इजाफा हुआ है। इस बार डलिया 55 रुपये में बेची जा रही है।
छठ पर्व भी हुआ हाईटेक
आधुनिकता की दौड़ ने त्योहारों के रंग-रूप को भी खासा प्रभावित किया है। इस हाईटेक जमाने में पर्व भी हाईटेक हो गए हैं। अन्य त्योहारों की भांति छठ पर्व पर भी हाईटेक होने की छाप दिख रही है। छठ पर्व से संबंधित बधाई एवं अन्य संदेश देने में हाईटेक तकनीक का जमकर उपयोग हो रहा है। पूर्वांचलवासी अपने रिश्तेदारों और परिजनों को छठ पर्व की बधाई एवं संदेश देने में इंटरनेट, मोबाइल का तो इस्तेमाल कर ही रहे हैं, इसके अलावा ग्रीटिंग कार्ड भी भेज रहे हैं। कई वेबसाइटों पर तो छठ पर्व की धूम मची हुई है। छठ पर्व पर आधुनिकता का रंग इस कदर चढ़ा हुआ है कि नई पीढ़ी लैपटॉप पर भगवान सूर्य की आराधना के ई-कार्ड भेज रही है। इसके अलावा मोबाइल फोन के माध्यम से एक दूसरे को एसएमएस भेजे जा रहे हैं। हैप्पी छठ संबंधी हाईटेक कार्डों की खासियत यह है कि इनके रंगों के चयन में पारंपरिक पूर्वांचलवासियों के परिवेश का खास ख्याल रखा गया है। चटक रंगों के झरोखे से पूर्वांचल की संस्कृति झांकती हुई सी जान पड़ती है।