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दार्जिलिंग : गोरखा मोर्चा ने बनाई मानव श्रृंखला
Updated Mon, 07 Aug 2017 07:19 PM IST
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दार्जिलिंग में गोरखा मोर्चा
ने बनाई मानव श्रृंखला
- जिले में पुलिस अत्याचार व जवानों को वापस बुलाने की मांग का विरोध प्रदर्शन
अमर उजाला ब्यूरो
दार्जिलिंग। दार्जिलिंग पर्वतीय क्षेत्र में अपने कार्यकर्ताओं पर पुलिस के कथित अत्याचार और सुरक्षा बल के जवानों को वापस बुलाने की मांग के विरोध में गोरखा जनमुक्ति मोर्चा ने इलाके के दूसरे राजनीतिक संगठनों के साथ मिलकर सोमवार को जिले के रेलवे स्टेशन के पास एक मानव श्रृंखला बनाई। मोर्चा ने इलाके में इंटरनेट सेवाएं तत्काल बहाल करने की मांग में अलग-अलग स्थानों पर रैलियां भी निकालीं। इस दौरान पर्वतीय क्षेत्र में परिस्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है।
सरकारी सूत्रों ने बताया कि मोर्चा प्रमुख विमल गुरुंग का मजबूत गढ़ समझे जाने वाले दार्जिलिंग के सिंघमारी और पातलेबास इलाके में भारी तादाद में पुलिस व सुरक्षा बल के जवानों को तैनात कर दिया गया है। बीते दो महीनों के दौरान पुलिस व गोरखा मोर्चा कार्यकर्ताओं के बीच सबसे ज्यादा हिंसक झड़पें इसी इलाके में हुई हैं। इस दौरान अलग गोरखालैंड की मांग को लेकर मोर्चा की ओर से आयोजित रैलियों में शामिल लोगों ने सरकार के विरोध में काले झंडे लेकर नारेबाजी की।
मालूम हो कि अलग राज्य की मांग को लेकर इलाके में इंटरनेट सेवाएं 18 जून से ही बंद हैं। मोर्चा की अपील पर पर्वतीय क्षेत्र में जारी बेमियादी बंद का सोमवार को 53वां दिन था।
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ने बनाई मानव श्रृंखला
- जिले में पुलिस अत्याचार व जवानों को वापस बुलाने की मांग का विरोध प्रदर्शन
अमर उजाला ब्यूरो
दार्जिलिंग। दार्जिलिंग पर्वतीय क्षेत्र में अपने कार्यकर्ताओं पर पुलिस के कथित अत्याचार और सुरक्षा बल के जवानों को वापस बुलाने की मांग के विरोध में गोरखा जनमुक्ति मोर्चा ने इलाके के दूसरे राजनीतिक संगठनों के साथ मिलकर सोमवार को जिले के रेलवे स्टेशन के पास एक मानव श्रृंखला बनाई। मोर्चा ने इलाके में इंटरनेट सेवाएं तत्काल बहाल करने की मांग में अलग-अलग स्थानों पर रैलियां भी निकालीं। इस दौरान पर्वतीय क्षेत्र में परिस्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है।
सरकारी सूत्रों ने बताया कि मोर्चा प्रमुख विमल गुरुंग का मजबूत गढ़ समझे जाने वाले दार्जिलिंग के सिंघमारी और पातलेबास इलाके में भारी तादाद में पुलिस व सुरक्षा बल के जवानों को तैनात कर दिया गया है। बीते दो महीनों के दौरान पुलिस व गोरखा मोर्चा कार्यकर्ताओं के बीच सबसे ज्यादा हिंसक झड़पें इसी इलाके में हुई हैं। इस दौरान अलग गोरखालैंड की मांग को लेकर मोर्चा की ओर से आयोजित रैलियों में शामिल लोगों ने सरकार के विरोध में काले झंडे लेकर नारेबाजी की।
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मालूम हो कि अलग राज्य की मांग को लेकर इलाके में इंटरनेट सेवाएं 18 जून से ही बंद हैं। मोर्चा की अपील पर पर्वतीय क्षेत्र में जारी बेमियादी बंद का सोमवार को 53वां दिन था।
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