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Noida: प्रदर्शन के लिए चार संगठनों के 70 लोगों को जोड़ा, STF की जांच में खुलासा, जानकारों से किया था संपर्क
Tue, 21 Apr 2026 07:13 AM IST
Digvijay Singh
अमर उजाला ब्यूरो, नोएडा
अमर उजाला ब्यूरो, नोएडा
Published by: Digvijay Singh
Updated Tue, 21 Apr 2026 07:13 AM IST
सार
शहर में श्रमिकों के प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा की जांच में एसटीएफ को कई अहम जानकारी मिली है। गिरफ्तार मास्टरमाइंड आदित्य आनंद हिंसा से पहले चार संगठनों के 70 तकनीकी जानकारों को जोड़ा था।
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- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
शहर में श्रमिकों के प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा की जांच में एसटीएफ को कई अहम जानकारी मिली है। गिरफ्तार मास्टरमाइंड आदित्य आनंद हिंसा से पहले चार संगठनों के 70 तकनीकी जानकारों को जोड़ा था। इनमें एनसीआर के अलावा कई राज्यों के लोग शामिल थे। एसटीएफ अब इन सभी के बारे में पूछताछ कर रही है।
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एसटीएफ की जांच में पता चला है कि दिशा स्टूडेंट ऑर्गेनाइजेशन, आरडब्ल्यूपीआई (भारतीय क्रांतिकारी मजदूर पार्टी), नौजवान भारत सभा और एकता संघर्ष समिति जैसे संगठन के लोगों से आदित्य आनंद संपर्क में था। जांच टीम अब मुख्य साजिशकर्ता की गिरफ्तारी के बाद आगजनी करने वाले लोगों के बारे में पता लगा रही है। इसके लिए जांच टीम ने 100 से अधिक वीडियो व फुटेज की पड़ताल में जुटी हुई है। आशंका जताई जा रही है कि हिंसा के दौरान आगजनी की घटना में श्रमिकों से अधिक बाहर से आए उपद्रवियों का हाथ था।
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वहीं एसटीएफ को मास्टरमाइंड आदित्य आनंद के नोएडा स्थित घर में श्रमिक आंदोलन की तैयारी की जानकारी से जुड़ी डायरी मिली है। पुलिस और एसटीएफ ने सेक्टर-37 के अरुण विहार स्थित उसके घर से कई दस्तावेज, नोटबुक और इलेक्ट्राॅनिक गैजेट भी मिले हैं। प्रदर्शन में किसकी क्या भूमिका होगी, कौन-कौन श्रमिकों के बीच पहुंचकर भाषण देगा और कहां-कहां भीड़ जुट सकती है, इसकी जानकारी इनमें दर्ज है।
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आदित्य के चार साथियों से भी पुलिस और एसटीएफ की संयुक्त टीमों ने पूछताछ की है, जिसमें पता चला है कि दिल्ली के एक विश्वविद्यालय के छात्र भी हिंसक प्रदर्शन के दिन और उससे पहले नोएडा आए थे। सभी श्रमिकों के बीच रहे थे। श्रमिक हिंसा के दिन भाषण देते ह़ुए आदित्य बाल और दाढ़ी में नजर आ रहा था। पुलिस की नजर से बचने के लिए अगले ही दिन उसने बाल और दाढ़ी कटवा ली थी।
रिमांड पर लेकर होगी पूछताछ
श्रमिक हिंसा से जुड़े मुख्य आरोपियों से पुलिस व एसटीएफ पूछताछ कर चुकी है। सभी को न्यायिक हिरासत में भेजा गया है। अब आदित्य आनंद व अन्य आरोपियों को पुलिस रिमांड पर लेने की तैयारी में है। इसके लिए कोर्ट में अर्जी डाली जाएगी।
हिंसा के दिन वीडियो कॉल पर थे आरोपी
जिस दिन नोएडा में हिंसा हुई उस दिन आदित्य से लेकर रूपेश व अन्य सभी आरोपी वीडियो कॉल से जुड़े थे। पुलिस के मुताबिक आरोपी लोगों को वीडियो कॉल कर दिशानिर्देश दे रहे थे। पुलिस ने रविवार को आदित्य आनंद के करीबी हिमांशु ठाकुर को गिरफ्तार िकया था। हिमांशु आकृति नाम की युवती के संपर्क में आने के बाद इस मजदूर बिगुल दस्ता से जुड़ा था। हिमांशु पीएचडी करने की तैयारी में था।
एसीपी उमेश यादव को हटाया
श्रमिकों के प्रदर्शन के बाद सेंट्रल जोन के सर्किल वन के एसीपी उमेश यादव को हटाया गया है। उनके स्थान पर दीक्षा सिंह को जिम्मेदारी मिली है। दीक्षा सिंह पहले भी इसी सर्किल में एसीपी रह चुकी हैं। वहीं, डीसीपी सेंट्रल नोएडा शैव्या गोयल मेडिकल छुट्टी पर चली गईं हैं। उनके पैर में चोट लगी है। डीसीपी यातायात शैलेंद्र सिंह को सेंट्रल नोएडा का प्रभारी डीसीपी बनाया गया है। मामले में कोतवाली फेज टू के प्रभारी निरीक्षक अवधेश प्रताप सिंह को पहले ही हटाया जा चुका है। चर्चा है कि इस मामले में अभी कई पुलिस अधिकारियों पर गाज गिर सकती है।