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एनजीटी----------योगेश जी की खबर के साथ जोड़
Updated Sat, 28 Jul 2018 09:56 PM IST
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भूजल लेकर एनजीटी ने प्राधिकरण व बिल्डरों से मांगा जवाब
नोएडा। शहर में गिरते भूजल को लेकर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल में दायर की गई पर्यावरण विद् विक्रांत तोंगड़ की याचिका पर सुनवाई करते हुए नोएडा, ग्रेटर नोेएडा प्राधिकरण व बिल्डरों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। एक दशक से शहर का भूजल स्तर लगातार गिरता जा रहा है। ऐसे में यहां के भूतल की परतें कमजोर होती जा रही हैं। इसके अलावा शहर में पेयजल की भी किल्लत हो रही है। इसे लेकर पर्यावरण विद् चिंतित हैं। हालांकि, नोएडा प्राधिकरण ने निर्माण व अन्य के लिए भूजल के प्रयोग पर प्रतिबंध लगा रखा है। इसके बाद भी शहर के बिल्डर अवैध रूप से बोरिंग करके भूजल इस्तेमाल कर रहे हैं। यही नहीं मामला संज्ञान में आने के बाद भी कई बार प्रशासन व प्राधिकरण अधिकारी कार्रवाई करने से बचते दिखे हैं। ऐसे में एनजीटी के द्वारा मांगा गया जवाब प्राधिकरण व बिल्डर के लिए एक चुनौती से कम नहीं होगा। ब्यूरो
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नोएडा। शहर में गिरते भूजल को लेकर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल में दायर की गई पर्यावरण विद् विक्रांत तोंगड़ की याचिका पर सुनवाई करते हुए नोएडा, ग्रेटर नोेएडा प्राधिकरण व बिल्डरों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। एक दशक से शहर का भूजल स्तर लगातार गिरता जा रहा है। ऐसे में यहां के भूतल की परतें कमजोर होती जा रही हैं। इसके अलावा शहर में पेयजल की भी किल्लत हो रही है। इसे लेकर पर्यावरण विद् चिंतित हैं। हालांकि, नोएडा प्राधिकरण ने निर्माण व अन्य के लिए भूजल के प्रयोग पर प्रतिबंध लगा रखा है। इसके बाद भी शहर के बिल्डर अवैध रूप से बोरिंग करके भूजल इस्तेमाल कर रहे हैं। यही नहीं मामला संज्ञान में आने के बाद भी कई बार प्रशासन व प्राधिकरण अधिकारी कार्रवाई करने से बचते दिखे हैं। ऐसे में एनजीटी के द्वारा मांगा गया जवाब प्राधिकरण व बिल्डर के लिए एक चुनौती से कम नहीं होगा। ब्यूरो