{"_id":"5ad4e1574f1c1b6d098b4cef","slug":"51523900759-noida-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"केएमपी के ठेकेदार ने खुदकुशी की","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
केएमपी के ठेकेदार ने खुदकुशी की
Updated Mon, 16 Apr 2018 11:15 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
केएमपी के ठेकेदार ने आत्महत्या की
पलवल।
गायत्री प्रोजेक्ट लिमिटेड के अंतर्गत केएमपी हाईवे पर साइन बोर्ड का काम करने वाले ठेकेदार ने रविवार को आत्महत्या कर ली। उसके पास से एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है। सुसाइड नोट और मृतक के पिता की शिकायत के आधार पर चांदहट थाना पुलिस ने मृतक के तीन नामजद साथियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।
जांच अधिकारी धर्मवीर के अनुसार, दिल्ली के गंगा विहार निवासी रामबहादुर शर्मा ने शिकायत दर्ज कराई है कि उनका बेटा अनिल केएमपी पर साइन बोर्ड लगाने का ठेकेदारी का काम करता था और वह गांव किठवाड़ी स्थित एक कमरे में किराये पर रहता था। उसने करीब दो वर्ष पूर्व अपने दोस्त दिल्ली के लक्ष्मीनगर निवासी चंदन व दिल्ली के पालम निवासी लालू के साथ मिलकर एनसीएस नाम से कंस्ट्रक्शन कंपनी खोलकर कई जगह काम किया। इस कंपनी पर सारा पैसा अनिल ने लगाया था, जबकि कंपनी का बिल व पेमेंट चंदन के नाम से आती थी। आरोप है कि चंदन व लालू कंपनी में लगाए रुपये नहीं मंगवा रहे थे, जिससे परेशान होकर रविवार को अनिल ने किराये के कमरे में फांसी का फंदा लगाकर खुदकुशी कर ली। पुलिस ने पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंप दिया है। बरामद सुसाइड नोट में उसने चंदन, लालू व अमित ढाका द्वारा आत्महत्या के लिए मजबूर करने की बात लिखी है।
विज्ञापन
पलवल।
गायत्री प्रोजेक्ट लिमिटेड के अंतर्गत केएमपी हाईवे पर साइन बोर्ड का काम करने वाले ठेकेदार ने रविवार को आत्महत्या कर ली। उसके पास से एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है। सुसाइड नोट और मृतक के पिता की शिकायत के आधार पर चांदहट थाना पुलिस ने मृतक के तीन नामजद साथियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।
जांच अधिकारी धर्मवीर के अनुसार, दिल्ली के गंगा विहार निवासी रामबहादुर शर्मा ने शिकायत दर्ज कराई है कि उनका बेटा अनिल केएमपी पर साइन बोर्ड लगाने का ठेकेदारी का काम करता था और वह गांव किठवाड़ी स्थित एक कमरे में किराये पर रहता था। उसने करीब दो वर्ष पूर्व अपने दोस्त दिल्ली के लक्ष्मीनगर निवासी चंदन व दिल्ली के पालम निवासी लालू के साथ मिलकर एनसीएस नाम से कंस्ट्रक्शन कंपनी खोलकर कई जगह काम किया। इस कंपनी पर सारा पैसा अनिल ने लगाया था, जबकि कंपनी का बिल व पेमेंट चंदन के नाम से आती थी। आरोप है कि चंदन व लालू कंपनी में लगाए रुपये नहीं मंगवा रहे थे, जिससे परेशान होकर रविवार को अनिल ने किराये के कमरे में फांसी का फंदा लगाकर खुदकुशी कर ली। पुलिस ने पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंप दिया है। बरामद सुसाइड नोट में उसने चंदन, लालू व अमित ढाका द्वारा आत्महत्या के लिए मजबूर करने की बात लिखी है।
विज्ञापन