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Noida News: 50 प्रतिशत स्कूलों में नहीं स्मार्ट क्लास की सुविधा
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50 प्रतिशत स्कूलों में नहीं स्मार्ट क्लास की सुविधा
- प्रदेश में कई जिलों से पिछड़ा गौतमबुद्धनगर, कैसे स्मार्ट बनें छात्र
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। जिले के 50 प्रतिशत से ज्यादा स्कूलों में स्मार्ट क्लास की व्यवस्था नहीं हैं। जबकि प्रदेश में आर्थिक दृष्टि से पिछड़े कई जिलों में 60 प्रतिशत से ज्यादा स्कूलों में स्मार्ट क्लास की सुविधा दी जा रही है। सबसे ज्यादा कासगंज के 803 परिषदीय स्कूलों में स्मार्ट क्लास हैं। ऐसे में सवाल है कि अपने जिले के छात्र स्मार्ट कैसे बनें।
जिले में 511 परिषदीय स्कूल हैं। इसमें करीब 85 हजार छात्र पढ़ते हैं। शिक्षा विभाग का दावा है कि इसमें से करीब 250 स्कूलों में ही स्मार्ट क्लास की सुविधा है। हालांकि सूत्रों की मानें तो सिर्फ 69 स्कूलों में ही स्मार्ट क्लास की सुविधा है। स्मार्ट क्लास अधिकतर कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (सीएसआर) के माध्यम से शुरू की गई हैं। जबकि प्रदेश के 10 जिलों में 300 से ज्यादा स्कूलों में छात्रों को स्मार्ट क्लास की सुविधा दी जा रही है। कासगंज के 1265 में से 803 स्कूलों, हरदोई के 768 स्कूलों में स्मार्टक्लास की सुविधा है।
भारत सरकार की इंटीग्रेटेड स्कीम फार स्कूल एजुकेशन के तहत स्कूलों में इन्फार्मेशन एंड कम्युनिकेशन टेक्रोलॉजी व डिजिटल इंनिशिएटिव व इनोवेटिव प्रोग्राम फार मानीटरिंग के तहत स्मार्ट क्लास शुरू की जा रही है। स्मार्ट क्लास के जरिए छात्र भी पढ़ने में रुचि दिखा रहे हैं। इससे विषय की समझ भी विस्तृत हो रही है। इसलिए भी स्मार्ट क्लास पर जोर दिया जा रहा है।
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ग्रामीण क्षेत्रों में उपस्थिति ज्यादा फिर भी नहीं स्मार्ट क्लास
अधिकतर शहरी स्कूलों में स्मार्ट क्लास संचालित हो रही हैं। ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूलों में स्मार्ट क्लास की सुविधा नहीं मिल पा रही है। जबकि शहरी क्षेत्रों की तुलना में ग्रामीण क्षेत्रोंं के स्कूलों में छात्रों की उपस्थिति ज्यादा है।
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बिजली कनेक्शन नहीं कैसे चलेंगे प्रोजेक्टर
जिले के 41 परिषदीय स्कूलों में बिजली कनेक्शन नहीं हैं और 46 स्कूलों में बिजली की सुरक्षित वायरिंग नहीं है। ऐसे में यहां पर स्मार्ट क्लास नहीं चल सकेंगी। एक शिक्षक ने बताया गर्मी में छात्र बिना पंखों के क्लास में बैठ तक नहीं पाते।
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जिले के 250 से ज्यादा स्कूलों में स्मार्ट टीवी, स्मार्ट क्लासेज और प्रोजेक्टर लगे हुए हैं। जल्द ही अन्य स्कूलों में भी स्मार्ट क्लास की सुविधा की जाएगी।
ऐश्वर्या लक्ष्मी, बेसिक शिक्षा अधिकारी
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- प्रदेश में कई जिलों से पिछड़ा गौतमबुद्धनगर, कैसे स्मार्ट बनें छात्र
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। जिले के 50 प्रतिशत से ज्यादा स्कूलों में स्मार्ट क्लास की व्यवस्था नहीं हैं। जबकि प्रदेश में आर्थिक दृष्टि से पिछड़े कई जिलों में 60 प्रतिशत से ज्यादा स्कूलों में स्मार्ट क्लास की सुविधा दी जा रही है। सबसे ज्यादा कासगंज के 803 परिषदीय स्कूलों में स्मार्ट क्लास हैं। ऐसे में सवाल है कि अपने जिले के छात्र स्मार्ट कैसे बनें।
जिले में 511 परिषदीय स्कूल हैं। इसमें करीब 85 हजार छात्र पढ़ते हैं। शिक्षा विभाग का दावा है कि इसमें से करीब 250 स्कूलों में ही स्मार्ट क्लास की सुविधा है। हालांकि सूत्रों की मानें तो सिर्फ 69 स्कूलों में ही स्मार्ट क्लास की सुविधा है। स्मार्ट क्लास अधिकतर कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (सीएसआर) के माध्यम से शुरू की गई हैं। जबकि प्रदेश के 10 जिलों में 300 से ज्यादा स्कूलों में छात्रों को स्मार्ट क्लास की सुविधा दी जा रही है। कासगंज के 1265 में से 803 स्कूलों, हरदोई के 768 स्कूलों में स्मार्टक्लास की सुविधा है।
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भारत सरकार की इंटीग्रेटेड स्कीम फार स्कूल एजुकेशन के तहत स्कूलों में इन्फार्मेशन एंड कम्युनिकेशन टेक्रोलॉजी व डिजिटल इंनिशिएटिव व इनोवेटिव प्रोग्राम फार मानीटरिंग के तहत स्मार्ट क्लास शुरू की जा रही है। स्मार्ट क्लास के जरिए छात्र भी पढ़ने में रुचि दिखा रहे हैं। इससे विषय की समझ भी विस्तृत हो रही है। इसलिए भी स्मार्ट क्लास पर जोर दिया जा रहा है।
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ग्रामीण क्षेत्रों में उपस्थिति ज्यादा फिर भी नहीं स्मार्ट क्लास
अधिकतर शहरी स्कूलों में स्मार्ट क्लास संचालित हो रही हैं। ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूलों में स्मार्ट क्लास की सुविधा नहीं मिल पा रही है। जबकि शहरी क्षेत्रों की तुलना में ग्रामीण क्षेत्रोंं के स्कूलों में छात्रों की उपस्थिति ज्यादा है।
बिजली कनेक्शन नहीं कैसे चलेंगे प्रोजेक्टर
जिले के 41 परिषदीय स्कूलों में बिजली कनेक्शन नहीं हैं और 46 स्कूलों में बिजली की सुरक्षित वायरिंग नहीं है। ऐसे में यहां पर स्मार्ट क्लास नहीं चल सकेंगी। एक शिक्षक ने बताया गर्मी में छात्र बिना पंखों के क्लास में बैठ तक नहीं पाते।
जिले के 250 से ज्यादा स्कूलों में स्मार्ट टीवी, स्मार्ट क्लासेज और प्रोजेक्टर लगे हुए हैं। जल्द ही अन्य स्कूलों में भी स्मार्ट क्लास की सुविधा की जाएगी।
ऐश्वर्या लक्ष्मी, बेसिक शिक्षा अधिकारी