{"_id":"64d7d9fc9eff64dd3809c4d4","slug":"5-cm-long-iron-metal-removed-from-stomach-after-complex-surgery-noida-news-c-1-noi1096-813158-2023-08-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"Noida News: जटिल सर्जरी कर पेट से निकाली 5 सेमी लंबी लोहे की धातु","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Noida News: जटिल सर्जरी कर पेट से निकाली 5 सेमी लंबी लोहे की धातु
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जटिल सर्जरी कर पेट से निकाला पांच सेमी लंबा लोहे का टुकड़ा
- असहनीय दर्द से परेशान मरीज को नहीं थी जानकारी, पेट के अंदर हो रहा था रक्तस्राव
- फेलिक्स अस्पताल के डॉक्टरों की टीम ने लैपरोटॉमी कर बचाई 45 वर्षीय मरीज की जान
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। असहनीय पेट दर्द से परेशान मरीज राकेश कुमार (45) की जटिल सर्जरी कर फेलिक्स अस्पताल के डॉक्टरों ने पांच सेमी. लंबा और एक सेमी. चौड़ा लोहे का नुकीला टुकड़ा निकाला। इतनी बड़ा टुकड़ा शरीर में कैसे गया, इसकी जानकारी मरीज को भी नहीं है। पेट में रक्तस्राव की वजह से उसकी जान जोखिम में थी। लैपरोटॉमी कर अस्पताल के डॉक्टरों ने राकेश को नई जिंदगी दी है।
26 जुलाई की रात पेट में तेज दर्द होने पर राकेश को सेक्टर-137 स्थित फेलिक्स अस्पताल लाया गया था। उसी शाम चार बजे उसे चोट लगी थी, लेकिन इस दौरान किसी नुकीली धातु चुभने की जानकारी मरीज को नहीं थी। मरीज का हीमोग्लोबिन स्तर 5.9 ग्राम/डीएल रह गया था, जिसे गंभीर अवस्था माना जाता है, हालांकि रक्तचाप स्थिर था। 27 जुलाई को सीनियर लेप्रोस्कोपिक सर्जन डॉ. रितेश अग्रवाल के नेतृत्व में सर्जिकल टीम ने पेट के अंदर रक्तस्राव को रोककर अंगों को संरक्षित किया। एनेस्थीसिया टीम की डॉ. आराधना और डॉ. अभिमन्यु राणा के सहयोग से सर्जिकल प्रक्रिया को अंजाम देते हुए लोहे का टुकड़ा निकाला। सर्जरी के सातवें दिन मरीज को छुट्टी दी गई। ब्यूरो
विज्ञापन
- असहनीय दर्द से परेशान मरीज को नहीं थी जानकारी, पेट के अंदर हो रहा था रक्तस्राव
- फेलिक्स अस्पताल के डॉक्टरों की टीम ने लैपरोटॉमी कर बचाई 45 वर्षीय मरीज की जान
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। असहनीय पेट दर्द से परेशान मरीज राकेश कुमार (45) की जटिल सर्जरी कर फेलिक्स अस्पताल के डॉक्टरों ने पांच सेमी. लंबा और एक सेमी. चौड़ा लोहे का नुकीला टुकड़ा निकाला। इतनी बड़ा टुकड़ा शरीर में कैसे गया, इसकी जानकारी मरीज को भी नहीं है। पेट में रक्तस्राव की वजह से उसकी जान जोखिम में थी। लैपरोटॉमी कर अस्पताल के डॉक्टरों ने राकेश को नई जिंदगी दी है।
26 जुलाई की रात पेट में तेज दर्द होने पर राकेश को सेक्टर-137 स्थित फेलिक्स अस्पताल लाया गया था। उसी शाम चार बजे उसे चोट लगी थी, लेकिन इस दौरान किसी नुकीली धातु चुभने की जानकारी मरीज को नहीं थी। मरीज का हीमोग्लोबिन स्तर 5.9 ग्राम/डीएल रह गया था, जिसे गंभीर अवस्था माना जाता है, हालांकि रक्तचाप स्थिर था। 27 जुलाई को सीनियर लेप्रोस्कोपिक सर्जन डॉ. रितेश अग्रवाल के नेतृत्व में सर्जिकल टीम ने पेट के अंदर रक्तस्राव को रोककर अंगों को संरक्षित किया। एनेस्थीसिया टीम की डॉ. आराधना और डॉ. अभिमन्यु राणा के सहयोग से सर्जिकल प्रक्रिया को अंजाम देते हुए लोहे का टुकड़ा निकाला। सर्जरी के सातवें दिन मरीज को छुट्टी दी गई। ब्यूरो
विज्ञापन