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Noida News: गजरौला की फैक्टरी से 4720 किलो मादक पदार्थ बरामद, तीन गिरफ्तार
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नींद-तनाव की दवा में इस्तेमाल होने वाला अल्प्राजोलम अवैध रूप बना रहा मुख्य आरोपी फरार
बिजनौर का युवक मुख्य आरोपी से खरीदकर हरिद्वार के एक युवक को भेजता था
कूरियर से अन्य राज्यों में भेज देते थे, इससे ताड़ी तैयार करने वाले आरोपी को तेलंगाना से दबोचा
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1570 किलोग्राम कच्चा माल बरामद
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। अक्सर नींद और डिप्रेशन की दवाई बनाने में इस्तेमाल किया जाने वाला मादक पदार्थ अल्प्राजोलम अवैध रूप से गजरौला की एक फैक्टरी में तैयार किया जा रहा था। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो की मदद से इस ड्रग्स सिंडिकेट का खुलासा कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान शिखर एंल्केव, नवोदय नगर, हरिद्वार निवासी रचित कुमार (22), गांव सिदावाली, नूरपुर, बिजनौर निवासी नमित चौधरी (34) और तेलंगाना निवासी वांगा राजेंद्र गौड उर्फ राजू (49) के रूप में हुई है। हालांकि, छापे की सूचना मिलते ही फैक्टरी का मालिक फरार हो गया।
पुलिस ने मौके से 4720 किलोग्राम तैयार अल्प्राजोलम के अलावा 1570 किलोग्राम कच्चा माल बरामद किया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमत करोड़ से ज्यादा है। नमित गजरौला में फैक्टरी मालिक से अल्प्राजोलम खरीदकर रचित को देता था। रचित एल्युमिनियम की मदद से विशेष तरह की पैकिंग में अल्प्राजोलम को छिपाकर कूरियर से तेलंगाना में वांगा राजेंद्र व बाकी अन्यों के पास भेज देता था। वांगा अल्प्राजोलम को ताड़ी में मिलाकर नशे को और बढ़ा देता था। इस ताड़ी की तेलंगाना में खूब मांग थी। स्पेशल सेल की टीम फरार फैक्टरी मालिक की तलाश में दबिश दे रही है। पुलिस ने गजरौला की फैक्टरी से भारी मात्रा में अल्प्राजोलम तैयार करने में इस्तेमाल की जाने वाली मशीन भी बरामद की है।
ऐसे हुआ खुलासा
स्पेशल सेल के पुलिस उपायुक्त अमित कौशिक ने बताया कि टीम को फरवरी 2024 में सूचना मिली थी कि कुछ लोग उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश से मादक पदार्थ दिल्ली मंगाकर दक्षिण भारतीय राज्यों में भेज रहे हैं। इसके बाद एसीपी कैलाश सिंह बिष्ट, इंस्पेक्टर विनीत कुमार तेवतिया, राहुल कुमार व अन्यों की टीम जांच शुरू की। आरोपियों तक पहुंचने के लिए एनसीबी की टीम की भी मदद ली गई। इस दौरान 25 अप्रैल को टीम ने आईजीआई एयरपोर्ट पर कूरियर कंपनी के दफ्तर पर छापा मारा। यहां संदिग्ध कूरियर बरामद हुआ जिसे एल्युमिनियम के अलावा मोटे गत्ते के तीन-चार डिब्बों में छिपाया गया था। पार्सल को खोला गया तो उसमें दो किलोग्राम अल्प्राजोलम बरामद हुआ। इसके बाद टीम हरिद्वार पहुंची। वहां से पुलिस ने रचित को दबोचा। उसकी निशानदेही पर 1006 किलोग्राम अल्प्राजोलम बरामद किया गया। रचित से पूछताछ के बाद हरिद्वार से ही नमित को दबोच लिया गया। बिजनौर स्थित उसके घर से 1712 किलाग्राम अल्प्राजोलम बरामद हुआ। नमित ने बताया कि वह तापेश्वर मंदिर, गांव सलेमपुर, गौसाइ, गजरौला में चल रही फैक्टरी से अल्प्राजोलम लेकर आता है। टीम ने अदालत से वहां तलाशी की इजाजत लेकर फैक्टरी में छापा मारा। पुलिस को भारी मात्रा में तैयार व कच्चा माल के अलावा मशीनें मिलीं। नमित व रचित से पूछताछ के बाद अल्प्राजोलम खरीदने वाले आरोपी वांगा को तेलंगाना से दबोच लिया गया। वांगा ने बताया कि महज 100 ग्राम अल्प्राजोलम से 900 पेटी ताड़ी तैयार कर लेता था।
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कौन हैं पकड़े गए आरोपी
रचित के पिता हरिद्वार में फार्मा कंपनी को मजदूर उपलब्ध करवाते हैं। रचित ने 12वीं तक पढ़ाई की है। आरोपी हरिद्वार में अपना रेस्तरां चलाता है। इस दौरान वह नमित के संपर्क में आया। बिजनौर निवासी नमित ने देहरादून से स्नातक करने के बाद दवा कंपनी में एमआर की नौकरी शुरू कर दी। उसका काम दवा कंपनियों को कच्चा माल उपलब्ध करवाना था। इस दौरान वह मुख्य आरोपी के संपर्क में आया और अल्प्राजोलम लेकर आगे सप्लाई करने लगा। वांगा के पास तेलंगाना में लाइसेंस लेकर ताड़ी बेचने का कारोबार है। पहले वह डियाजेपाम मिलाकर ताड़ी बेचता था, लेकिन जब डियाजेपाम मिलना बंद हुआ तो वह अल्प्राजोलम मिलाकर ताड़ी बेचने लगा। इससे उसकी बिक्री काफी बढ़ गई।
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बिजनौर का युवक मुख्य आरोपी से खरीदकर हरिद्वार के एक युवक को भेजता था
कूरियर से अन्य राज्यों में भेज देते थे, इससे ताड़ी तैयार करने वाले आरोपी को तेलंगाना से दबोचा
1570 किलोग्राम कच्चा माल बरामद
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। अक्सर नींद और डिप्रेशन की दवाई बनाने में इस्तेमाल किया जाने वाला मादक पदार्थ अल्प्राजोलम अवैध रूप से गजरौला की एक फैक्टरी में तैयार किया जा रहा था। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो की मदद से इस ड्रग्स सिंडिकेट का खुलासा कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान शिखर एंल्केव, नवोदय नगर, हरिद्वार निवासी रचित कुमार (22), गांव सिदावाली, नूरपुर, बिजनौर निवासी नमित चौधरी (34) और तेलंगाना निवासी वांगा राजेंद्र गौड उर्फ राजू (49) के रूप में हुई है। हालांकि, छापे की सूचना मिलते ही फैक्टरी का मालिक फरार हो गया।
पुलिस ने मौके से 4720 किलोग्राम तैयार अल्प्राजोलम के अलावा 1570 किलोग्राम कच्चा माल बरामद किया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमत करोड़ से ज्यादा है। नमित गजरौला में फैक्टरी मालिक से अल्प्राजोलम खरीदकर रचित को देता था। रचित एल्युमिनियम की मदद से विशेष तरह की पैकिंग में अल्प्राजोलम को छिपाकर कूरियर से तेलंगाना में वांगा राजेंद्र व बाकी अन्यों के पास भेज देता था। वांगा अल्प्राजोलम को ताड़ी में मिलाकर नशे को और बढ़ा देता था। इस ताड़ी की तेलंगाना में खूब मांग थी। स्पेशल सेल की टीम फरार फैक्टरी मालिक की तलाश में दबिश दे रही है। पुलिस ने गजरौला की फैक्टरी से भारी मात्रा में अल्प्राजोलम तैयार करने में इस्तेमाल की जाने वाली मशीन भी बरामद की है।
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ऐसे हुआ खुलासा
स्पेशल सेल के पुलिस उपायुक्त अमित कौशिक ने बताया कि टीम को फरवरी 2024 में सूचना मिली थी कि कुछ लोग उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश से मादक पदार्थ दिल्ली मंगाकर दक्षिण भारतीय राज्यों में भेज रहे हैं। इसके बाद एसीपी कैलाश सिंह बिष्ट, इंस्पेक्टर विनीत कुमार तेवतिया, राहुल कुमार व अन्यों की टीम जांच शुरू की। आरोपियों तक पहुंचने के लिए एनसीबी की टीम की भी मदद ली गई। इस दौरान 25 अप्रैल को टीम ने आईजीआई एयरपोर्ट पर कूरियर कंपनी के दफ्तर पर छापा मारा। यहां संदिग्ध कूरियर बरामद हुआ जिसे एल्युमिनियम के अलावा मोटे गत्ते के तीन-चार डिब्बों में छिपाया गया था। पार्सल को खोला गया तो उसमें दो किलोग्राम अल्प्राजोलम बरामद हुआ। इसके बाद टीम हरिद्वार पहुंची। वहां से पुलिस ने रचित को दबोचा। उसकी निशानदेही पर 1006 किलोग्राम अल्प्राजोलम बरामद किया गया। रचित से पूछताछ के बाद हरिद्वार से ही नमित को दबोच लिया गया। बिजनौर स्थित उसके घर से 1712 किलाग्राम अल्प्राजोलम बरामद हुआ। नमित ने बताया कि वह तापेश्वर मंदिर, गांव सलेमपुर, गौसाइ, गजरौला में चल रही फैक्टरी से अल्प्राजोलम लेकर आता है। टीम ने अदालत से वहां तलाशी की इजाजत लेकर फैक्टरी में छापा मारा। पुलिस को भारी मात्रा में तैयार व कच्चा माल के अलावा मशीनें मिलीं। नमित व रचित से पूछताछ के बाद अल्प्राजोलम खरीदने वाले आरोपी वांगा को तेलंगाना से दबोच लिया गया। वांगा ने बताया कि महज 100 ग्राम अल्प्राजोलम से 900 पेटी ताड़ी तैयार कर लेता था।
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कौन हैं पकड़े गए आरोपी
रचित के पिता हरिद्वार में फार्मा कंपनी को मजदूर उपलब्ध करवाते हैं। रचित ने 12वीं तक पढ़ाई की है। आरोपी हरिद्वार में अपना रेस्तरां चलाता है। इस दौरान वह नमित के संपर्क में आया। बिजनौर निवासी नमित ने देहरादून से स्नातक करने के बाद दवा कंपनी में एमआर की नौकरी शुरू कर दी। उसका काम दवा कंपनियों को कच्चा माल उपलब्ध करवाना था। इस दौरान वह मुख्य आरोपी के संपर्क में आया और अल्प्राजोलम लेकर आगे सप्लाई करने लगा। वांगा के पास तेलंगाना में लाइसेंस लेकर ताड़ी बेचने का कारोबार है। पहले वह डियाजेपाम मिलाकर ताड़ी बेचता था, लेकिन जब डियाजेपाम मिलना बंद हुआ तो वह अल्प्राजोलम मिलाकर ताड़ी बेचने लगा। इससे उसकी बिक्री काफी बढ़ गई।