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स्थानीय युवकों को नौकरी दिलाने के लिए सैमसंग कंपनी पर प्रदर्शन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नोएडा
Updated Wed, 22 Aug 2018 09:34 AM IST
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प्रदर्शन
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हाल ही में भारत के प्रधानमंत्री और दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति द्वारा फेस-2 स्थित दुनिया की सबसे बड़ी मोबाइल कंपनी सैमसंग का उद्घाटन किया गया था। स्थानीय युवाओं को नौकरी न देने का आरोप लगाते हुए मंगलवार को विभिन्न संगठनों ने एकजुट होकर कंपनी पर हंगामा किया।
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आरोप लगाया कि कंपनी स्थानीय युवाओं को रोजगार नहीं दे रही है और बाहरी लोगों को नौकरी दी जा रही है। सैकड़ों की संख्या में प्रदर्शनकारी कंपनी के बाहर जुट गए। पुलिस बल ने उनकी घेराबंदी कर दी। करीब 150 लोगों को हिरासत में लेकर पुलिस लाइन ले जाया गया।
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शाम को 49 लोगों को लुक्सर जेल भेज दिया गया और 22 लोगों को निजी मुचलके पर रिहा कर दिया। धारा 144 का उल्लंघन करने के आरोप में प्रशासन धारा 188 केतहत आरोपियों के खिलाफ वाद दायर करने की भी तैयारी कर रहा है।
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एडवोकेट रविंदर भाटी (प्रदेश अध्यक्ष, अखिल भारतीय गुर्जर परिषद) ने बताया कि संयुक्त अधिकार किसान आंदोलन के बैनर तले सैमसंग कंपनी पर विशाल धरना प्रदर्शन किया गया।
आरोप लगाया कि औद्योगिक इकाइयों में स्थानीय योग्य युवकों को रोजगार न मिलना दुर्भाग्य की बात है। ये हमारा संवैधानिक अधिकार है। नोएडा व ग्रेटर नोएडा के किसानों की जमीन अधिग्रहण होने के बाद जीविका के साधन न होने से किसान ठगा महसूस कर रहा है। किसानों के बच्चों को रोजगार नहीं दिया जा रहा है। उन्हें स्थानीय कहकर अपमानित किया जाता हैै। योग्यता होने के बावजूद उन्हें रोजगार नहीं दिया जाता।
किसान सभा के प्रवक्ता डॉ. रूपेश वर्मा ने कहा कंपनियों में स्थानीय के लिए 50 फीसदी आरक्षण अनिवार्य रूप से होना चाहिए। हम अपना हक लेकर रहेंगे। कंपनी में भर्ती चल रही है, लेकिन यहां स्थानीय योग्य बच्चों को भी रोजगार नहीं दिया जा रहा है।
प्रदर्शनकारियों में मनोज डाढ़ा, महेंद्र पहलवान, राज सिंह कैप्टन, रूप सिंह भाटी, बिल्लू भाटी, संदीप डाढ़ा, रघुदेव, सुभाष कसाना, नरेंद्र प्रधान, जान सियाना, गजराज नागर, सुरेंद्र नागर, नरेंद्र नागर, रामे प्रधान, भूमेश प्रधान, पंडित उमेश शर्मा खैरपुर, मोहित कसाना, विकास भाटी, सुभाष कसाना, रणवीर मास्टर, मोहित कसाना, जीते कसाना, विकास भाटी, रजनीश भाटी, सुनील भाटी, मदन भाटी, मोहित भाटी, नितिन भाटी, मनोज प्रजापति समेत सैकड़ों की संख्या में लोग मौजूद रहे। पुलिस ने दोपहर में प्रदर्शनकारियों को बसों में भरकर पुलिस लाइन भेज दिया। शाम को 49 आंदोलनकारियों को जेल भेजा गया, जिसे लेकर लोगों में आक्रोश है।