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400 करोड़ की भूमि पर 70 साल बाद मिला मालिकाना हक
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400 करोड़ की भूमि पर 70 साल बाद मिला मालिकाना हक
नोएडा। 70 साल से भूमाफिया से चली आ रही लड़ाई में जिला प्रशासन और रक्षा मंत्रालय के अधिकारियों की आखिरकार जीत हो गई। सोमवार को करीब 400 करोड़ रुपये की 161 एकड़ जमीन रक्षा मंत्रालय का नाम दर्ज करा दी गई। मामले में अब जिला प्रशासन भूमाफिया के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की तैयारी कर रहा है। डीएम सुहास एलवाई ने बताया कि जिले में भूमाफिया के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। एक साल में शासन के निर्देश पर बड़ी कार्रवाई हुई है। सहायक अभिलेख अधिकारी के न्यायालय में लंबे समय से चले आ रहे मुकदमे का पटाक्षेप हो गया। रक्षा मंत्रालय की भूमि पर कब्जा करने वालों का नाम खारिज कर दिया गया है। आदेश का पालन करते हुए भूमि रक्षा मंत्रालय के नाम दोबारा दर्ज करा दी गई है। डीएम ने कहा कि यह कार्रवाई भूमाफिया के लिए सबब होगी।
यह था प्रकरण : वर्ष 1950 में नोएडा स्थित नंगली सागपुर गांव में 482 एकड़ भूमि का अधिग्रहण रक्षा मंत्रालय ने फील्ड फायरिंग और बांबिंग रेंज बनाने के लिए किया था, लेकिन एक भूमाफिया ने करीब 161 एकड़ जमीन पर कब्जा कर लिया और गलत तरीके से खतौनी में अपना नाम भी चढ़वा लिया। इसके बाद फार्म हाउस बनाकर रहना शुरू कर दिया। रक्षा मंत्रालय के अफसरों ने शिकायत भी की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। लगभग 70 साल बाद जिला प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया और पूरी जमीन को कब्जा मुक्त करा लिया।
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नोएडा। 70 साल से भूमाफिया से चली आ रही लड़ाई में जिला प्रशासन और रक्षा मंत्रालय के अधिकारियों की आखिरकार जीत हो गई। सोमवार को करीब 400 करोड़ रुपये की 161 एकड़ जमीन रक्षा मंत्रालय का नाम दर्ज करा दी गई। मामले में अब जिला प्रशासन भूमाफिया के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की तैयारी कर रहा है। डीएम सुहास एलवाई ने बताया कि जिले में भूमाफिया के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। एक साल में शासन के निर्देश पर बड़ी कार्रवाई हुई है। सहायक अभिलेख अधिकारी के न्यायालय में लंबे समय से चले आ रहे मुकदमे का पटाक्षेप हो गया। रक्षा मंत्रालय की भूमि पर कब्जा करने वालों का नाम खारिज कर दिया गया है। आदेश का पालन करते हुए भूमि रक्षा मंत्रालय के नाम दोबारा दर्ज करा दी गई है। डीएम ने कहा कि यह कार्रवाई भूमाफिया के लिए सबब होगी।
यह था प्रकरण : वर्ष 1950 में नोएडा स्थित नंगली सागपुर गांव में 482 एकड़ भूमि का अधिग्रहण रक्षा मंत्रालय ने फील्ड फायरिंग और बांबिंग रेंज बनाने के लिए किया था, लेकिन एक भूमाफिया ने करीब 161 एकड़ जमीन पर कब्जा कर लिया और गलत तरीके से खतौनी में अपना नाम भी चढ़वा लिया। इसके बाद फार्म हाउस बनाकर रहना शुरू कर दिया। रक्षा मंत्रालय के अफसरों ने शिकायत भी की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। लगभग 70 साल बाद जिला प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया और पूरी जमीन को कब्जा मुक्त करा लिया।
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